• तत्काल प्रभाव से लागू: इंदौर-भोपाल में स्कूलों की नई टाइमिंग, ठंड को देखते हुए सुबह 8:30 बजे से कक्षाएं

    भोपाल 

     कड़ाके की ठंड के चलते राजधानी भोपाल और इंदौर में स्कूलों के समय में बदलाव हुआ है। जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय से जारी आदेश के मुताबिक, अब पहली से आठवीं कक्षा तक के स्कूल सुबह 8.30 बजे के बाद खुलेंगे।

    यह आदेश सरकारी, प्राइवेट, केंद्रीय, जवाहर नवोदय, सीबीएसई, आईसीएससी सभी स्कूलों पर लागू होगा। जिला शिक्षा अधिकारी ने यह आदेश कडाके की ठंड को देखते हुए जारी किया है। साथ ही इस आदेश को तत्काल प्रभाव से प्रभावशील होगा।

    बढ़ती सर्दी के कारण फैसला

    यह फैसला बढ़ती सर्दी और बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। प्रशासन का कहना है कि तेज हवाओं और गिरते तापमान के बीच छोटे बच्चों का जल्द स्कूल पहुंचना मुश्किल हो रहा था।

    6 डिग्री के आसपास पहुंचा तापमान 

    इंदौर जिले में लगातार पड़ रही कड़ाके की ठंड से आमजन हालाकान हैं। तापमान 6 डिग्री के करीब पहुुंच रहा है, ऐसे में सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों को खासी परेशानी होती है। अब जिले के सभी शासकीय और निजी स्कूल सुबह 9 बजे बाद ही शुरू हो सकेंगे। कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्कूलों का समय बदलने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी को दिए है। मंगलवार से स्कूलों में आदेश लागू होंगे।

    ठंड में बढ़ी बच्चों की परेशानी

    नवंबर में लगातार कड़ाके की ठंड बढ़ती जा रही है, वहीं आने वाले समय में तापमान में गिरावट और शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है, इसलिए सुबह 7 बजे स्कूल जाने वाले बच्चों को ठंड से परेशान होना पड़ता है। बच्चों की परेशानी को देखते हुए कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्कूलों का समय बदलने के निर्देश दिए है। सुबह की शिफ्ट में संचालित होने वाले स्कूलों का समय दो घंटे बढ़ाया जा रहा है।

     

     

  • मां शारदा मंदिर से 2kg चांदी और सोने के नथ चोरी, पुजारी पर जांच शुरू

    मैहर

    मध्य प्रदेश की विश्व प्रसिद्ध धार्मिक नगरी मैहर में मां शारदा मंदिर में चढ़ावे को लेकर एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिसके बाद हड़कंप मच गया। जबलपुर के एक श्रद्धालु ने आरोप लगाया है कि उसकी ओर से माता को अर्पित किया गया 2 किलो चांदी का छत्र और एक सोने की नथ मंदिर के खजाने (कोषालय) में जमा ही नहीं की गई। इस कथित चोरी को लेकर जब श्रद्धालु ने कलेक्टर से शिकायत की, तो जिला प्रशासन ने मंदिर के प्रधान पुजारी को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया। यह नोटिस अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिससे मंदिर के प्रबंधन और भक्तों की आस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।

    क्या है पूरा मामला?

    दरअसल यह पूरी घटना 22 अक्टूबर 2025 की बताई जा रही है। जब जबलपुर निवासी व्यवसायी संजय पटेल ने सायंकाल आरती से पहले 2 किलो चांदी का छत्र, चांदी का मुकुट और एक सोने की नथ मां शारदा को अर्पित करने के लिए वहां मौजूद पुजारी सुमित महाराज को दी थी। श्रद्धालु का आरोप है कि उन्हें दान की कोई रसीद नहीं दी गई। जब एक हफ्ते बाद 30 अक्टूबर को उन्होंने इस बारे में कलेक्टर मैहर से मौखिक शिकायत की, तो प्रारंभिक जांच में पता चला कि यह कीमती चढ़ावा मंदिर समिति के खजाने में जमा ही नहीं हुआ था। कलेक्टर को की गई शिकायत के बाद, प्रशासन ने मंदिर के प्रधान पुजारी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि जवाब न मिलने या असंतोषजनक जवाब देने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    पुजारी ने कहा- "यह साजिश है"

    मामला तूल पकड़ने और नोटिस वायरल होने के बाद, मंदिर के प्रधान पुजारी पवन महाराज ने अपना पक्ष रखा है। उन्होंने इन आरोपों को मंदिर को बदनाम करने की साजिश बताया है। प्रधान पुजारी पवन महाराज ने बताया कि दानदाता संजय पटेल ने खुद ही यह मिन्नत की थी कि उनकी ओर से अर्पित छत्र और नथ को एक हफ्ते तक माता के पास ही रखा जाए। उन्होंने दावा किया कि दानदाता की इच्छानुसार, 28 अक्टूबर को यह सारा कीमती सामान विधिवत कोषालय में जमा किया जा चुका है और अब साजिशन इस मामले को तूल दिया जा रहा है।

    मन्दिर कर्मचारी समेत अन्य लोगों को नोटिस

    इस पूरे प्रकरण पर मैहर मन्दिर परिसर की प्रशासक एवं एसडीएम दिव्या पटेल ने बताया कि मंदिर समिति को शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसके आधार पर जांच शुरू की गई है।एसडीएम ने कहा, "शिकायत की जांच के लिए मंदिर के कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए गए थे। उनके जवाब प्राप्त हो गए हैं। इन जवाबों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।हालांकि अब देखना यह भी होगा कि प्रशासन जांच के बाद इस पर क्या कार्यवाही करता है।

  • पेंशनर्स के लिए आसान व्यवस्था: लाइफ सर्टिफिकेट घर बैठे बनवाने का मौका, आधार और मोबाइल जरूरी

    भोपाल 

    पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। नगरीय निकायों के पेंशनर्स अब जीवन प्रमाणपत्र के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने से मुक्त होंगे। नगरीय विकास विभाग ने डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट की सुविधा लागू करते हुए सभी निकायों को व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। आयुक्त संकेत भोंडवे ने बताया कि यह प्रणाली आधार और बायोमेट्रिक आधारित है, जिससे पेंशनर्स घर बैठे ऑनलाइन जीवन प्रमाणपत्र प्राप्त कर सकेंगे और उन्हें बार-बार उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं रहेगी।

    वैकल्पिक होगी सुविधा

    प्रदेश के नगरीय निकायों में करीब 16,500 पेंशनर्स इस सुविधा का लाभ ले सकेंगे। विभाग ने अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रक्रिया संबंधी प्रशिक्षण देने को भी कहा है। हालांकि यह सुविधा वैकल्पिक होगी और पुरानी प्रक्रिया पूर्ववत जारी रहेगी।

    ऑनलाइन प्रमाणपत्र बनवाने के लिए पेंशनर्स के पास आधार संख्या, लिंक मोबाइल नंबर और पेंशन संबंधी विवरण अनिवार्य होंगे। बायोमेट्रिक डिवाइस, आरडी सर्विस से युक्त उपकरण और जीवन प्रमाण ऐप की मदद से प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
    क्या होता है जीवन प्रमाण पत्र

    जीवन प्रमाण पत्र, जिसे डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र भी कहते हैं, केंद्र और राज्य सरकार के पेंशनभोगियों के लिए एक बायोमेट्रिक आधारित डिजिटल सेवा है। यह एक डिजिटल प्रमाण पत्र है जो पेंशनरों को पेंशन वितरण एजेंसी को स्वयं उपस्थित हुए बिना अपनी पेंशन जारी रखने की अनुमति देता है। इस सेवा के माध्यम से, पेंशनभोगी किसी भी सीएससी केंद्र, बैंक शाखा या सरकारी कार्यालय में जाकर अपने आधार और बायोमेट्रिक डेटा का उपयोग करके अपना डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बना सकते हैं।

  • सिहाड़ा गांव की जमीन को वक्फ संपत्ति बताने पर ट्रिब्यूनल में आज पेश होगा जवाब

     खंडवा 
     मध्य प्रदेश के खंडवा स्थित पूरे सिहाड़ा गांव की जमीन को वक्फ बोर्ड ने अपनी संपत्ति बताया है। इस मामले में पंचायत की ओर से मंगलवार को मध्य प्रदेश स्टेट वक्फ ट्रिब्यूनल में भोपाल जाकर अपना जवाब पेश किया जाएगा।

    ग्राम पंचायत ने दरगाह कमेटी को नोटिस भेजा था

    दरअसल, ग्राम सिहाड़ा स्थित दरगाह के आसपास अतिक्रमण होने और तार फेंसिंग कराने पर ग्राम पंचायत ने दरगाह कमेटी को नोटिस भेजा था। नोटिस का जवाब देने के बजाए दरगाह कमेटी ने वक्फ बोर्ड में पंचायत के नोटिस की शिकायत कर दी। इस पर वक्फ बोर्ड ने भी पूरे गांव की जमीन को अपनी संपत्ति करार दे दिया।

    कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदार को भी जारी हुए हैं नोटिस

    मामला तत्काल मध्य प्रदेश स्टेट वक्फ ट्रिब्यूनल के पास गया, जहां से पंचायत के अलावा खंडवा के कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदार को भी नोटिस जारी हुए। पंचायत की ओर से जवाब पेश करने के लिए सरपंच प्रतिनिधि हेमंत चौहान भोपाल पहुंचे हैं।

    पंचायत ने वक्फ बोर्ड के दावे को बताया झूठा

    पंचायत की ओर से तैयार जवाब में कहा गया है कि पूरा गांव या उसकी भूमि वक्फ संपत्ति नहीं, बल्कि राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार शासकीय भूमि है। विवादित खसरा नंबर 781, रकबा 14.05 हेक्टेयर राजस्व अभिलेखों में मध्य प्रदेश शासन, ग्राम आबादी के नाम दर्ज है।

    इस भूमि पर ग्राम पंचायत भवन, प्राथमिक विद्यालय, आंगनवाड़ी केंद्र, नल-जल योजना और आवासीय मकान बने हैं, जो सार्वजनिक उपयोग की सुविधाएं हैं। वक्फ बोर्ड से जुड़े कुछ लोगों ने अनधिकृत निर्माण और अतिक्रमण किए हैं, जिन्हें हटाया जाना चाहिए।

    वक्फ बोर्ड का पंचायत पर आरोप

    इस बीच, जिला वक्फ बोर्ड के सचिव रियाज खान का कहना है कि ग्राम पंचायत द्वारा दरगाह की जमीन को अपनी बताकर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। विवाद इस जमीन को लेकर है, पूरे गांव की जमीन को लेकर पंचायत लोगों को गुमराह कर रही है।

     

  • मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड, 5°C से नीचे तापमान; 9 जिलों में स्कूलों की नई टाइमिंग, अलर्ट जारी

    भोपाल 

    प्रदेश में उत्तर से आती ठंडी हवाओं ने सर्दी का असर तेज कर दिया है। भोपाल और इंदौर समेत कई शहरों में तापमान सीजन के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है। भोपाल में नवंबर की अब तक की सबसे ठंडी रात दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए प्रदेश के बड़े हिस्से में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, इंदौर और राजगढ़ में मंगलवार को तीव्र शीतलहर की स्थिति रहेगी। इसके अलावा धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, हरदा, बैतूल, देवास, सीहोर, शाजापुर, विदिशा, रायसेन, सागर, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना, पन्ना, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर और शहडोल में शीतलहर की चेतावनी प्रभावी है। 

    भोपाल, इंदौर और राजगढ़ में मंगलवार को सीवियर कोल्ड वेव यानी तीव्र शीतलहर का अलर्ट है। वहीं, धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, हरदा, बैतूल, देवास, सीहोर, शाजापुर, विदिशा, रायसेन, सागर, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना, पन्ना, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर और शहडोल में शीतलहर की चेतावनी जारी की गई है।

    इंदौर में कलेक्टर शिवम वर्मा ने 18 नवंबर से स्कूलों की टाइमिंग सुबह 9 बजे से करने के आदेश जारी किए हैं। भोपाल में भी जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी स्कूलों में नर्सरी से लेकर 8वीं तक की कक्षा सुबह 8:30 बजे से पहले नहीं लगाने के निर्देश दिए हैं।

    ग्वालियर, देवास, झाबुआ, छिंदवाड़ा, सागर, शहडोल और खंडवा में भी स्कूल लगने के समय में बढ़ोतरी की जा चुकी है। वहीं, जबलपुर-उज्जैन समेत अन्य जिलों में बच्चों को राहत नहीं मिल पाई है।

    भोपाल में 84 साल का रिकॉर्ड टूटा सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि भोपाल में नवंबर का रात का तापमान ब्रेक हो गया है। रविवार-सोमवार की रात में पारा 5.2 डिग्री सेल्सियस रहा था। इससे पहले साल 1941 में 6.1 डिग्री तापमान रहा था। वर्तमान में प्रदेश में मौसम साफ है। इस वजह से उत्तरी हवाओं का असर ज्यादा बना रहेगा।

    22 नवंबर से देश के दक्षिण-पूर्वी खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया (निम्न दबाव का क्षेत्र) एक्टिव हो रहा है। इससे पहले प्रदेश में अगले 2 दिन तक शीतलहर का अलर्ट है।

    राजगढ़ सबसे ठंडा, पारा 5.8 डिग्री सोमवार-मंगलवार की रात राजगढ़ सबसे ठंडा रहा। यहां पारा 5.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पचमढ़ी में तापमान 6.4 डिग्री रहा। उमरिया में 7.6 डिग्री, नौगांव में 7.8 डिग्री, शिवपुरी में 8 डिग्री, बैतूल में 8.7 डिग्री, धार में 8.8 डिग्री, मलाजखंड में 8.9 डिग्री, खंडवा में 9.4 डिग्री, छिंदवाड़ा में 9.5 डिग्री, खरगोन-मंडला में 9.6 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

    बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में पारे में 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रविवार-सोमवार की रात यहां तापमान रिकॉर्ड 5.2 डिग्री सेल्सियस था। इससे नवंबर की सर्दी का 84 साल का रिकॉर्ड ब्रेक हो गया था। इसके बाद तापमान 8.2 डिग्री पर आ गया। इंदौर में 7.7 डिग्री, ग्वालियर में 10.5 डिग्री, उज्जैन में 11 डिग्री और जबलपुर में पारा 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

  • एसआईआर कार्य में मध्यप्रदेश की स्थिति: 12 राज्यों में छठा, डिजिटाइजेशन में अभी भी पीछे

    भोपाल 
    मध्यप्रदेश में चुनाव आयोग की सख्ती के बाद अब तक कुल 9.72 प्रतिशत गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन किया जा चुका है। चुनाव आयोग द्वारा इसको लेकर रोज की जा रही समीक्षा के आधार पर एमपी का नम्बर देश के 12 राज्यों में कराई जा रही एसआईआर की कार्यवाही में छठे स्थान पर। 

    चुनाव आयोग द्वारा सोमवार को दोपहर बाद तीन बजे तक की स्थिति में जारी गणना पत्रक वितरण और डिजिटाइजेशन की रिपोर्ट के अनुसार देश के राज्य 12 राज्यों में कराई जा रही एसआईआर की कार्यवाही में मध्य प्रदेश का परफॉर्मेंस छठे स्थान पर है।

    चुनाव आयोग द्वारा एसआईआर गणना पत्र के वितरण और गणना पत्र के डिजिटाइजेशन को लेकर जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि मध्य प्रदेश में गणना पत्रक वितरण 99.63% और डिजिटाइजेशन की कार्रवाई 9.72% हुई है। रिपोर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश में 5 करोड़ 74 लाख 6 हजार 143 वोटर्स में से 5 करोड़ 71 लाख 94 हजार 700 वोटर्स को गणना पत्रक बांटे जा चुके हैं। इसके साथ ही 55 लाख 81 हजार 488 गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन किया जा चुका है।

    देश के 12 राज्यों में की जा रही एसआईआर की कार्रवाई की तुलनात्मक रिपोर्ट से पता चलता है कि मध्य प्रदेश की प्रोग्रेस छठे स्थान पर है और सबसे अच्छी स्थिति गोवा की है जहां 100% गणना पत्रक वितरण और 35.74% डिजिटाइजेशन का काम हो चुका है। इसके बाद राजस्थान में 98.85% गणना पत्रक बांटे जा चुके हैं और 27.84% डिजिटाइजेशन किया जा चुका है। तीसरे नंबर पर लक्षद्वीप है जहां 100% गणना पत्रक वितरण और 19.64% डिजिटाइजेशन किया जा चुका है। पुडुचेरी चौथे स्थान पर है जहां 94.35 प्रतिशत गणना पत्रक बांटे गए हैं और 18.79 प्रतिशत डिजिटाइजेशन किया जा चुका है।

    50 करोड़ 97 लाख मतदाताओं की हो रही SIR

    चुनाव आयोग की रिपोर्ट के अनुसार 12 राज्यों के 50 करोड़ 97 लाख 84 हजार 423 वोटर्स में से 50 करोड़ 11 लाख 75 हजार 907 मतदाताओं को गणना पत्रक बांटे जा चुके हैं। इनमें से चार करोड़ 42 लाख 64 हजार 69 मतदाताओं की गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन किया जा चुका है जो कुल मतदाता संख्या का 8.68 प्रतिशत है। सभी 12 राज्यों में गणना पत्रक वितरण का प्रतिशत 98.32 है।

    क्या है गणना पत्रक चुनाव आयोग के आदेश पर प्रदेश के सभी जिलों में गणना पत्रक बांटे जाने का काम बीएलओ कर रहे हैं। बीएलओ जो गणना पत्रक बांट रहे हैं, उसमें तय फार्मेट में चुनाव आयोग मतदाताओं का वेरिफिकेशन करा रहा है।

    इसमें 2003 में हुई एसआईआर के आधार पर वर्तमान मतदाता के माता-पिता, परिजनों, रिश्तेदारों की मतदाता सूची संख्या के आधार पर वेरिफिकेशन किया जा रहा है। इस रिपोर्ट के आधार पर शिफ्ट हुए, मृत हो चुके मतदाताओं की पहचान कर मतदाता सूची को फाइनल किया जाएगा।

    एसआईआर में टिमरनी के बीएलओ का काम 100 प्रतिशत पूर्ण उधर संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी आरपीएस जादौन ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण SIR–26 के अंतर्गत, विधानसभा क्षेत्र 134 टिमरनी के भाग संख्या 68, ग्राम खरतलाय में नियुक्त बूथ लेवल ऑफिसर हंस कुमार दिलारे द्वारा सारा कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण किया गया है। यह भी उल्लेखनीय है कि जिला हरदा में सर्वप्रथम 100% कार्य पूर्ण करने का दायित्व ग्राम खरतलाय में रोजगार सहायक पद पर नियुक्त BLO द्वारा सफलतापूर्वक पूरा किया गया है, जो सराहनीय है।

  • उज्जैन के पत्रकारों ने पत्रकारिता जगत के प्रेरणास्रोत

    डॉ. नवीन आनंद जोशी, अध्यक्ष – मध्य प्रदेश प्रेस क्लब का किया सम्मान

    उज्जैन
    पत्रकारिता की तपस्विनी भूमि उज्जैन में उस समय गरिमा और गौरव का वातावरण सृजित हो उठा, जब प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार और मध्य प्रदेश प्रेस क्लब के अध्यक्ष डॉ. नवीन आनंद जोशी का सम्मान स्थानीय पत्रकारों द्वारा बड़े आदर एवं उत्साह के साथ किया गया।

    समारोह में उपस्थित पत्रकार साथियों ने डॉ. जोशी को न केवल अपनी शुभकामनाएँ दीं, बल्कि यह संकल्प भी दोहराया कि देश–प्रदेश के पत्रकारों के विरुद्ध होने वाले शोषण, अन्याय और दमन के प्रत्येक प्रयास के सामने वे एकजुट होकर खड़े रहेंगे।
    डॉ. जोशी ने अपने उद्बोधन में कहा कि पत्रकार की कलम सिर्फ शब्द नहीं लिखती, वह समाज के अधिकारों की रक्षा की प्रहरी भी है। जब कभी सत्ता या व्यवस्था अन्याय के पक्ष में झुके, तब पत्रकार का साहस ही सच की लौ को जलाए रखता है। उन्होंने यह भी आह्वान किया कि"कलम की धार जितनी पैनी होगी, संघर्ष की राह उतनी ही उज्ज्वल बनेगी; पर आवश्यकता पड़े तो पत्रकार समाज तलवार की तरह तेज होकर भी खड़ा हो — क्योंकि सच की रक्षा के लिए दोनों ही आवश्यक हैं।"

    उज्जैन के पत्रकारों ने यह भरोसा दिलाया कि वे हर परिस्थिति में प्रेस क्लब और पत्रकार बिरादरी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे, ताकि सत्य, स्वतंत्रता और जनतंत्र की आवाज़ कभी कमजोर न पड़े।

    हमने कलम को दिया है जुनून का उजाला, अन्याय की दीवारों पर लिखा है हर दर्द का लफ़्ज़ निराला। जो चल पड़ा है सच की राह, उसे रोक न पाएगा कोई ज़माना —
    कलम भी हमारी हथियार, और हौसला हमारी चमकती तलवार का पाला। जहाँ हक़ की पुकार दबाने की कोशिश होगी, वहाँ हम आवाज़ बनकर उठ खड़े होंगे बार–बार;
    हम पत्रकार हैं, सच के सिपाही — कलम से भी लड़ेंगे, और ज़रूरत पड़ी तो हक़ की लड़ाई तलवार-सी धार।

  • एसआईआर दस्तावेज़ प्रस्तुति प्रक्रिया पर आयोग ने जारी की स्पष्ट दिशा-निर्देश

    एसआईआर के दौरान दस्तावेज प्रस्तुति के संबंध में आयोग द्वारा निर्धारित किए गए नियमों को किया स्पष्ट

    भोपाल 

    भारत निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2025 की प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और मतदाता–हितैषी बनाने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने यह सुनिश्चित किया है कि Enumeration Phase के दौरान किसी भी मतदाता को अनावश्यक कागज़ी प्रक्रिया या दस्तावेज़ प्रस्तुत करने की आवश्यकता न पड़े। इसी उद्देश्य से आयोग ने निम्नलिखित नियम अनिवार्य रूप से लागू किए हैं:

            1. Enumeration Phase में किसी भी मतदाता से कोई भी दस्तावेज़ (जैसे जन्म प्रमाण-पत्र, निवास प्रमाण, पहचान पत्र आदि) नहीं लिया जाएगा।

            BLO का कार्य केवल घर–घर जाकर भौतिक उपस्थिति की पुष्टि करना और उपलब्ध जानकारी को फॉर्म में दर्ज करना है।

            2. ERO द्वारा दस्तावेज़ केवल तभी माँगे जाएंगे जब Draft Roll प्रकाशित होने के बाद किसी मतदाता की उपलब्ध जानकारी, Declaration या Enumeration Form या डेटाबेस से मेल न खाती हो।

            3. जिन मतदाताओं या उनके माता–पिता का नाम राज्य की अंतिम Intensive Revision सूची (2003 या उससे पहले) में दर्ज है, ऐसे सभी मतदाताओं को ‘Pre-validated’ पूर्व-सत्यापित माना गया है। ऐसे मतदाताओं से BLO द्वारा किसी भी प्रकार के प्रमाण–पत्र या दस्तावेज़ की माँग नहीं की जाएगी। BLO केवल वर्तमान निवास की पुष्टि करेगा। आयोग का उद्देश्य नागरिकों को सरलीकृत, सुगम और भरोसेमंद प्रक्रिया उपलब्ध कराना है, ताकि कोई भी पात्र मतदाता दस्तावेज़ों की कमी, भ्रम या अनावश्यक औपचारिकताओं के कारण मतदाता सूची से बाहर न रह जाए।

     

  • नक्सल प्रभावित इलाकों में बालाघाट पुलिस की पहल—एकल सुविधा केन्द्र ने दिलाई बड़ी सफलता

    बालाघाट पुलिस द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में संचालित एकल सुविधा केन्द्र की उल्लेखनीय सफलता

    एकल सुविधा केन्द्र के रोजगार मेले में 105 युवाओं को मिला रोजगार
    युवको ने हैदराबाद में किया प्रशिक्षण पूर्ण, L&T कंपनी ने देशभर के शहरों में किया पदस्थ

    भोपाल
    बालाघाट पुलिस द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें स्वरोजगार एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित “एकल सुविधा केन्द्र” लगातार महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ दर्ज कर रहा है। इसी क्रम में 36वीं बटालियन, कनकी में दिनांक 9 से 11 सितम्बर 2025 तक तीन दिवसीय रोजगार मेला आयोजित किया गया था, जिसमें लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड (Larsen & Toubro Ltd.) द्वारा 105 युवाओं का प्रथम चरण में टेक्नीशियन पद पर चयन किया गया।

    कंपनी द्वारा चयनित सभी युवाओं को हैदराबाद में दो माह का निशुल्क प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें रहने, भोजन एवं यात्रा की संपूर्ण व्यवस्था भी कंपनी द्वारा ही की गई थी। अब इन सभी 105 युवाओं ने अपने प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया है तथा उन्हें देश के विभिन्न बड़े शहरों में L&T कंपनी के तकनीशियन के रूप में पदस्थ कर किया गया है। इनमें मुंबई, पुणे, चेन्नई, बंगलुरु, हैदराबाद और अहमदाबाद जैसे औद्योगिक केंद्र शामिल हैं। यह उपलब्धि न केवल इन युवाओं के लिए गर्व का क्षण है, बल्कि पूरे बालाघाट जिले के लिए प्रेरणास्रोत उदाहरण भी है।

    “एकल सुविधा केन्द्र” की यह पहल युवाओं को न केवल रोजगार दिलाने का माध्यम है, बल्कि यह सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक ठोस कदम भी है।

    पुलिस प्रशासन का लक्ष्य है कि आने वाले समय में ऐसे रोजगार मेलों का नियमित आयोजन किया जाए ताकि अधिक से अधिक युवाओं को राष्ट्रीय एवं बहुराष्ट्रीय कंपनियों में रोजगार के अवसर प्राप्त हों सकें। साथ ही, प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित की जाए जिससे वे स्थायी आजीविका की दिशा में अग्रसर हों। इस पहल ने बालाघाट पुलिस की छवि को केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली संस्था के रूप में ही  नहीं, बल्कि एक सामाजिक संरक्षक और विकास सहयोगी संस्था के रूप में स्थापित किया है। इस सफलता के साथ “एकल सुविधा केन्द्र” ने यह सिद्ध कर दिया है कि पुलिस और समाज के संयुक्त प्रयासों से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति, समृद्धि और विकास का नया अध्याय लिखा जा सकता है।

     

  • 18 नवंबर को छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र में पेश हो सकते हैं ये प्रस्ताव, जानिए पूरी प्रक्रिया

    रायपुर 

     छत्तीसगढ़ के नए विधानसभा भवन का उद्घाटन हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्योत्सव के दौरान एक नवंबर को नवा रायपुर स्थित नवनिर्मित विस भवन का लोकार्पण किया। इस नए भवन में अगल शीतकालीन सत्र आयोजित किया जाएगा। याने रेगुलर सत्र अब नए भवन में होंगे।

    मगर शीतकालील सत्र से पहले 18 नवंबर को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है। इसे विदाई सत्र कहा गया है। इसमें विधायक पुराने विधानसभा भवन में अपने अनुभवों को शेयर करेंगे।

    सदन की सहमति जरूरी

    संसदीय नियमों के तहत विधानसभा या लोकसभा को नए भवन में शिफ्ट किया जाता है तो उसके लिए सदन की सहमति आवश्क होती है। जिस तरह किसी विधयेक को पारित करने के लिए सदन की अनुमति जरूरी होती है, उसी तरह विधानसभा और लोकसभा को शिफ्थ करने के लिए भी चाहिए होता है। दिल्ली में जब पिछले साल लोकसभा और राज्यसभा नए भवन में शिफ्ट हुआ तो उसमें प्रस्ताव पारित किया गया था।

    क्या होगा 18 को विशेष सत्र में

    18 नवंबर को छत्तीसगढ़ विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है। ये नियमित सत्र नहीं है, इसलिए इसमें प्रश्नकाल नहीं होगा। विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद स्पीकर, सदन के नेता, नेता प्रतिपक्ष समेत मंत्री, विधायक अपने अनुभव शेयर करेंगे। फिर आएगा महत्वपूर्ण क्षण, जब विधानसभा अध्यक्ष डॉ0 रमन सिंह विधानसभा को नए भवन में शिफ्ट करने के साथ ही अगला शीतकालीन सत्र नए विधानसभा भवन में रखने का प्रस्ताव पेश करेंगे। इस प्रस्ताव पर सदन की सहमति लगेगी। विधायक हाथ उठाकर इस प्रस्ताव को पारित करेंगे, फिर विधानसभा अध्यक्ष नए विधानसभा भवन में अगले सत्र होने का ऐलान करेंगे।

    इतिहास बन जाएगा विधानसभा भवन

    छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद केंद्रीय जल संसाधन विभाग के भवन को विधानसभा के लिए चुना गया था। दिलचस्प यह है कि इस बिल्डिंग की बनावट ऐसी की गई थी मानो विधानसभा के लिए ही तैयार किया गया हो। इसीलिए सरकार को इस भवन में ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं पड़ी। हर साल बजट, मानसून और शीतकालीन मिलाकर 25 साल में 75 सत्र आयोजित किया गया। तीन विशेष सत्र भी बुलाए गए। 18 नवंबर की शाम के बाद विधानसभा भवन अब इतिहास बनकर रह जाएगा। अब इसे पुराना विधानसभा भवन कहा जाएगा। आगे इस बिल्डिंग को किस रूप में उपयोग किया जाएगा, ये अभी स्पष्ट नहीं किया गया है।

  • 1 करोड़ के इनामी नक्सली हिडमा ढेर, छत्तीसगढ़-आंध्र बॉर्डर पर बड़ी नक्सली मुठभेड़

    रायपुर 

    छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों का नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन जारी है, जगदलपुर जिले में छत्तीसगढ़-आंध्र प्रदेश की सीमा पर बड़ी मुठभेड़ हुई है, जहां आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम जिले के जंगलों में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में कई नक्सलियों को ढेर किया है. हालांकि अभी तक यह क्लीयर नहीं हुआ है कि मरने वाले नक्सलियों की संख्या कितनी है, लेकिन जवान इलाके में लगातार चल रहे सर्च अभियान चला रहे हैं. सुरक्षाबलों के जवानों ने इलाके को चारों तरफ से घेर के रखा हुआ है, ऐसे में यहां तेजी से कार्रवाई की जा रही है.

    हिड़मा के अलावा 5 अन्य नक्सलियों को भी सुरक्षाबलों ने मार गिराया है।

    सुकमा से सटे आंध्र प्रदेश के अल्लुरी सीताराम जिले के पास सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ चल रही थी। कई घंटों की फायरिंग के बाद एनकाउंटर में 6 नक्सली ढेर कर दिए गए हैं। नक्सलियों और सुरक्षाबलों के बीच फायरिंग अभी भी जारी है।

    पुलिस ने दी जानकारी

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह एनकाउंटर आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमा पर हुआ है। पुलिस को इन जंगलों में कई नक्सलियों के छिपे होने की सूचना मिली थी। मुखबिरी के आधार पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। आज सुबह से ही सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच फायरिंग चल रही है। इस दौरान पुलिस ने सुकमा में भी 1 नक्सली को मार गिराया है। वहीं, आंध्र प्रदेश में हिड़मा समेत 6 नक्सलियों का एनकाउंटर किया गया है।

    अल्लुरी सीताराम जिले के एसपी अमित बरदार के अनुसार,

        आज सुबह 6:30-7 बजे के करीब मारेडुमिल्ली मंडल के जंगल में एनकाउंटर शुरू हुआ था। अब तक 6 नक्सलियों के मारे जाने की सूचना मिली है। यह पुलिस और सुरक्षाबलों के द्वारा चलाया गया साझा ऑपरेशन है।

    हिड़मा की पत्नी भी ढेर

    बता दें कि माड़वी हिड़मा को सबसे खूंखार नक्सलियों में गिना जाता है। हिड़मा आम नागरिकों समेत सुरक्षाबलों पर हुए 26 नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड रहा है, जिसमें कई लोगों की जान भी गई है। हिड़मा पर पुलिस ने 50 लाख रुपये का इनाम रखा था। हिड़मा के अलावा उसकी पत्नी राजे की भी एनकाउंटर में मौत हो गई है।

    सुकमा जिले में सुबह हुई मुठभेड़ 

    बताया जा रहा है कि 18 नवंबर की सुबह-सुबह सुकमा जिले से लगे आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम जिले की सीमा पर सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई. दोनों तरफ से काफी देर तक जोरदार फायरिंग होती रही, जिसके बाद माना जा रहा है कि यहां 6 के आसपास नक्सली ढेर हुए हैं. पुलिस को इस बात की जानकारी मिली थी कि एर्राबोर के जंगल में बड़ी संख्या में नक्सलियों ने डेरा डाला है, जिसके बाद रात में ही डीआरजी के जवानों ने मौके पर मोर्चा संभाला और सुबह होते ही नक्सलियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई. 

    जैसे ही नक्सलियों ने जवानों को देखा तो तुरंत ही फायरिंग शुरू कर दी, ऐसे में जवानों ने भी बदले में फायरिंग की और जंगल को चारों तरफ से घेरकर मोर्चा संभाल लिया, बताया जा रहा है कि यहां कई बड़े कैडर के नक्सली होने की पूरी संभावना है. हालांकि सर्च ऑपरेशन के बाद ही इन बातों की पूरी जानकारी सामने आ पाएगी, फिलहाल फोर्स का यहां ऑपरेशन जारी है. 

    बीजापुर में मारे गए थे 6 नक्सली 

    बता दें कि इससे पहले बीजापुर में जिले में भी सुरक्षाबलों ने 6 नक्सलियों को ढेर किया था, जिसमें नक्सली बच्नन्वा भी शामिल था. पुलिस और सुरक्षाबलों के साथ-साथ डीआरजी के जवानों की तरफ से नक्सलियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है. जहां अब तक कई नक्सलियों को ढेर किया गया है.  

    कौन था माड़वी हिड़मा?

    हिड़मा का जन्म 1981 को सुकमा जिले में हुआ था। पीपुल्स लिब्रेशन की गुरिल्ला बटालियन का नेतृत्व करने के बाद वो सीपीआई-माओवादी की केंद्रीय कमेटी का सदस्य बन गया था। हिड़मा बस्तर इलाके से इस कमेटी का अकेला सदस्य था। झीरम घाटी हमले के बाद हिड़मा का नाम पहली बार चर्चा में आया था। इसके बाद हिड़मा ने लगातार कई नक्सली हमलों को अंजाम दिया और दशकों तक उसके नाम की दहशत पूरे इलाके में देखने को मिलती थी।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बड़ा बयान—सिंहस्थ का वैभव वैश्विक होगा, किसानों हेतु लैंड पूलिंग निरस्त

    विश्व देखेगा सिंहस्थ का वैभव, किसानों के सम्मान में लैंड पूलिंग निरस्त : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    सिंहस्थ पर सरकार का बड़ा निर्णय – लैंड पुलिंग को निरस्त कर किसानों की भावना का किया सम्मान

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने  मुख्यमंत्री निवास पर किसान संघ, भाजपा पदाधिकारी, उज्जैन के जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन उज्जैन के साथ बैठक कर सिंहस्थ के आयोजन को लेकर समग्र रूप से चर्चा की। बैठक में सिंहस्थ का आयोजन दिव्य, भव्य और विश्व स्तरीय करने के लिये हर संभव प्रयास करने पर सहमति बनी, जिसमें साधु-संतों, किसानो के हितों का व्यापक रूप से ध्यान रखा जायेगा। चर्चा के बाद सिंहस्थ लैंड पूलिंग को निरस्त करने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगरीय प्रशासन विकास विभाग और जिला प्रशासन को आदेश जारी करने के निर्देश दिये।

    मुख्यमंत्री का किसान संघ ने स्वागत कर आभार व्यक्त किया

    बैठक में वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष  हेमंत खंडेलवाल, विधायक  अनिल जैन कालूहेड़ा, किसान संघ की और से सर्व महेश चौधरी, कमल सिंह आँजना, अतुल माहेश्वरी, लक्ष्मी नारायण पटेल, भरत बैस, रमेश दाँगी, बीजेपी संगठन की और से नगर अध्यक्ष  संजय अग्रवाल, जिला महामंत्री  कमलेश बैरवा, महामंत्री  जगदीश पांचाल और  आनंद खींची उपस्थित रहे। किसान संघ द्वारा मुख्यमंत्री के निर्णय का स्वागत करते हुये आभार व्यक्त किया गया।

     

  • सीएम डॉ. यादव ने कहा—लंबित निर्माण कार्य समय पर निपटाए जाएं

    निर्माणाधीन कामों को जल्द से जल्द पूरा करें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    पीएचई मंत्री मती उइके होंगी संचालक मण्डल की निदेशक
    मुख्यमंत्री ने म.प्र. जल निगम के संचालक मण्डल की 25वीं बैठक में प्रस्तावों का किया अनुमोदन

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जल निगम अपनी गतिविधियों में तेजी लाए और निर्माणाधीन कामों को जल्द से जल्द पूरा करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव  मंत्रालय में म.प्र. जल निगम के संचालक मंडल की 25वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने बैठक में विभिन्न प्रस्तावों का अनुमोदन किया। बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री मती सम्पतिया उइके भी उपस्थित थीं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीएचई मंत्री मती उइके को म.प्र. जल निगम की महिला निदेशक के रूप में नियुक्ति प्रस्ताव का अनुमोदन किया। मुख्यमंत्री ने कैप्टिव मोड के अंतर्गत 100 मेगावॉट ग्रिड-माउंटेड सोलर फोटोवोल्टिक विद्युत परियोजना विकसित करने गठित प्रोजेक्ट कंपनी में मध्यप्रदेश जल निगम का प्रतिनिधित्व करने के लिए प्रबंध संचालक को अधिकृत करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। जल निगम के अधिकारी द्वारा बताया गया कि यह परियोजना मंदसौर जिले में करीब 315 एकड़ रकबे में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग के अधीन स्थापित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कैप्टिव मोड के अंतर्गत ही 100 मेगावॉट ग्रिड-माउंटेड सोलर फोटोवोल्टिक विद्युत परियोजना विकसित करने के लिए गठित प्रोजेक्ट कंपनी में मध्यप्रदेश जल निगम मर्यादित द्वारा 26 प्रतिशत इक्विटी शेयर रखने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निगम के वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट का अनुमोदन भी किया। साथ ही वित्तीय वर्ष 2023-24 के अनअंकेक्षित वार्षिक लेखाओं को अनुमति प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए वैधानिक लेखा परीक्षक के रूप में चयनित फर्म की सीएजी द्वारा नियुक्ति को कार्योत्तर स्वीकृति भी दी गई।

    बैठक में मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव  मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य  संदीप यादव, जल निगम के अधिकारी  कोलसानी सहित निगम के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

     

  • उप मुख्यमंत्री शुक्ल: पारदर्शिता बढ़ाने हेतु एक राष्ट्र एक चुनाव का होना आवश्यक

    भ्रष्टाचार रोकने के लिए एक राष्ट्र एक चुनाव आवश्यक है: उप मुख्यमंत्री  शुक्ल

    विद्यार्थी एक राष्ट्र एक चुनाव का विचार जन-जन तक पहुंचाएं

    भोपाल

    उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने एक राष्ट्र एक चुनाव विषय पर आयोजित संगोष्ठी का शुभारंभ करते हुए कहा कि देश के विकास के लिए प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने कई नवाचार किए हैं। प्रधानमंत्री ने ही एक राष्ट्र एक चुनाव का विचार दिया है। भ्रष्टाचार और राजनीति में धन के दुरूपयोग को रोकने के लिए एक राष्ट्र एक चुनाव आवश्यक है। लोकसभा और विधानसभा के चुनाव जब एक साथ होंगे तो इनमें खर्च होने वाले लाखों करोड़ों रुपए की बचत होगी। इस राशि का उपयोग देश के विकास में होगा। उप मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि देश के विकास का पूरा फल आने वाली पीढ़ी को ही मिलेगा। इसलिए विद्यार्थी एक राष्ट्र एक चुनाव के विचार को जन-जन तक पहुंचाएं।

    उप मुख्यमंत्री ने ठाकुर रणमत सिंह महाविद्यालय में आयोजित संगोष्ठी में कहा कि देश के पूर्व राष्ट्रपति  रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में एक राष्ट्र एक चुनाव के लिए समिति गठित की गई थी। इस समिति की रिपोर्ट को सरकार ने स्वीकार कर लिया है। लोकसभा और विधानसभा के चुनाव जब एक साथ होंगे तो समय और धन की बचत होने के साथ विकास कार्यों के लिए पाँच वर्ष का पूरा समय मिलेगा। देश में 1967 तक दोनों चुनाव एक साथ हुए थे। इसके बाद धारा 356 के दुरूपयोग के कारण कई सरकारों का कार्यकाल पूरा होने के पहले ही उन्हें भंग कर दिया गया जिसके कारण मध्यावधि चुनाव कराने पड़े। देश अब तेजी से आर्थिक महाशक्ति बनने की राह पर कदम बढ़ा रहा है। देश को आगे ले जाने में विद्यार्थियों की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इसलिए हर विद्यार्थी एक राष्ट्र एक चुनाव अभियान को सफल बनाने में सहयोग करे।

    संगोष्ठी में कालेज के जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष तथा पूर्व महापौर  राजेन्द्र ताम्रकार ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती और देश के विकास के लिए एक राष्ट्र एक चुनाव आवश्यक है। एक साथ चुनाव होने से प्रशासन और आमजनता चुनाव की लंबी प्रक्रिया से बचेगी। चुनाव की आदर्श आचरण संहिता से विकास पर विपरीत प्रभाव नहीं पड़ेगा। कार्यक्रम का संचालन करते हुए आशुतोष तिवारी ने एक राष्ट्र एक चुनाव अभियान की जानकारी दी। कार्यक्रम का समापन अभियान के जिला संयोजक  वासुदेव ठारवानी द्वारा आभार प्रदर्शन से हुआ। कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत प्रभारी प्राचार्य डॉ. एस.पी. शुक्ला ने किया। कार्यक्रम में प्राध्यापकगण, अभियान से जुड़े पदाधिकारी तथा विद्यार्थी उपस्थित रहे।

     

  • शुक्ल का संदेश: स्वस्थ नागरिक ही विकसित समाज का निर्माण करते हैं

    स्वस्थ जीवन ही विकसित समाज का आधार है: उप मुख्यमंत्री  शुक्ल

    हनुमना नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर में 2514 के स्वास्थ्य की हुई जाँच

    भोपाल 

    उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने हनुमना मण्डी में आयोजित विशाल नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ किया। शिविर में 2514 लोगों के स्वास्थ्य की जाँच की गई तथा दवाएं दी गईं। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ जीवन ही विकसित समाज का आधार है। हर व्यक्ति को 6 माह में अपने स्वास्थ्य की जाँच करानी चाहिए। जाँच के बाद शरीर को आवश्यक उपचार देना चाहिए। जब हमारा तन और मन स्वस्थ होगा तभी हम अपने समाज और देश के विकास में योगदान दे पाएंगे। हनुमना में स्वास्थ्य शिविर के आयोजन के लिए विधायक मऊगंज ने विशेष पहल की है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग का काम आसान कर दिया है। शिविर बड़े अस्पताल के रूप में काम कर रहा है। हजारों रोगियों को जाँच और उपचार की सुविधा मिली है। जो गंभीर रोगी हैं उन्हें बसों के माध्यम से बड़े अस्पताल भेजा जा रहा है।

    उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं को लाड़ली बहना बनाने के साथ उनके स्वास्थ्य की भी चिंता कर रही है। हर गर्भवती महिला का पंजीयन करके नि:शुल्क जाँच की जाती है। उन्हें समय पर टीके और आवश्यक दवाएं दी जाती हैं। प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती होने पर भी नि:शुल्क उपचार दिया जा रहा है। हर गर्भवती महिला का अनिवार्य रूप से पंजीयन कराकर समय पर सभी जाँचे कराएं जिससे मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर पर नियंत्रण हो सके। महिलाओं की स्वास्थ्य रक्षा के लिए हमारी सरकार पूरी सजगता से प्रयास कर रही है। समारोह में विधायक मऊगंज  प्रदीप पटेल ने कहा कि उप मुख्यमंत्री की आज विशाल स्वास्थ्य शिविर का आयोजन हो रहा है। दूर दराज से आए हजारों रोगियों को विशेषज्ञ डॉक्टरों की सुविधा मिल रही है।

    कमिश्नर रीवा संभाग बीएस जामोद ने कहा कि शिविर में हजारों लोगों को जाँच और उपचार की सुविधा मिली है। शिविर 18 नवम्बर को भी जारी रहेगा। सभी रोगी इस शिविर का लाभ उठाएं। शिविर में 2514 लोगों की प्राथमिक जाँच, 711 की नेत्र जाँच, 1249 लोगों की क्षय रोग की जाँच की गई। जाँच में 16 रोगियों को एंजियोग्राफी के लिए चिन्हित किया गया तथा एक हजार से अधिक रोगियों को दवाओं का वितरण किया गया। शिविर का आयोजन स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन, एलएन मेडिकल कालेज एवं जेके हास्पिटल भोपाल के सहयोग से किया जा रहा है। शिविर में कलेक्टर संजय कुमार जैन, पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार सोनी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव शुक्ला, एलएन मेलिकल कालेज के संचालक डॉ. डी.के. सत्पथी, डॉ. रमेश शुक्ला तथा हजारों रोगी उपस्थित रहे।

     

  • युवा शक्ति से भरपूर है मध्यप्रदेश का मैनपावर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    युवाओं के हाथों में ही सुरक्षित है विकसित भारत का भविष्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    स्वावलंबन के लिए प्रदेश के 7 लाख युवाओं को 5 हजार करोड़ के दिए ऋण

    युवा शक्ति से भरपूर है मध्यप्रदेश का मैनपावर

    युवाओं को जल्द 1 लाख शासकीय पदों पर मिलेंगे नौकरी के अवसर

    भोपाल में मनाया गया 29वां राज्यस्तरीय युवा उत्सव

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश देश के सबसे युवा राज्यों में से एक है। हमारा प्रदेश युवा शक्ति की नई ऊर्जा, नई उमंग से भरपूर है। यही राज्य की असली मैनपावर है, जिनके हाथों में विकसित भारत का भविष्य पूरी तरह सुरक्षित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने वर्ष 2025 को निवेश, रोजगार और युवाओं के कौशल विकास के लिए महत्वपूर्ण वर्ष के रूप में मनाया। इस दौरान 11 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति-पत्र प्रदान किए गए। कर्मचारी चयन मण्डल एवं म.प्र. लोक सेवा आयोग के माध्यम से लगभग एक लाख पदों पर भर्ती तेजी से जारी है। सरकार का लक्ष्य इसे 2.5 लाख भर्तियों तक पहुंचाने का है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को रवीन्द्र भवन में आयोजित 29वें राज्य स्तरीय युवा उत्सव कार्यक्रम को संबोधित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलन कर दो दिवसीय युवा उत्सव का शुभारंभ किया। प्रदेश के सभी संभागों के युवाओं द्वारा तैयार प्रादर्शों (माडल्स) के विज्ञान मेला प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। युवा उत्सव का समापन 18 नवंबर को होगा।

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नृत्याचार्य पद्म रामलाल बरेठ को 51 हजार रुपए, शूटिंग प्लेयर ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर को 2 लाख रुपए एवं एथलीट सु रंजना यादव को एक लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि के चेक एवं सम्मान-पत्र प्रदान किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मां तुझे प्रणाम योजना के तहत 144 युवतियों को भारत की पश्चिमी अंतर्राष्ट्रीय सीमा भ्रमण के लिए जा रहीं 3 बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में विकसित और समृद्ध भारत के निर्माण के लिए हमारी युवा शक्ति नए-नए कीर्तिमान गढ़ रही है। मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों के खिलाड़ियों ने ओलिंपिक से लेकर अनेकों प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। आईसीसी महिला क्रिकेट विश्वकप जीतकर भारत की बेटियों ने इतिहास रच दिया। इस ऐतिहासिक जीत में प्रदेश की बेटी सु क्रांति गौड़ की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। मध्यप्रदेश खेल एवं युवा कल्याण विभाग तेज गति से आगे बढ़ रहा है और एथलेटिक्स सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं में हमारे युवा खिलाड़ी सफलता के झंडे गाढ़ रहे हैं। राज्य सरकार युवाओं के साथ सभी वर्गों के कल्याण के लिए कृतसंकल्पित है।

    भारत के युवाओं ने सभी क्षेत्रों में लगाई लंबी छलांग

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' का नारा दिया है। आज युवा शक्ति के माध्यम से भारत ने सभी क्षेत्रों में लंबी छलांग लगाई है। भारत विश्व की चौथी सबसे शक्तिशाली अर्थव्यवस्था बन चुका है और तीसरे स्थान की ओर कदम बढ़ा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को आगे बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। युवाओं को बेहतर शिक्षा, रोजगार के अवसर और उन्हें स्वावलंबी बनाना सरकार का संकल्प है। राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं में 7 लाख युवाओं को स्वरोजगार के लिए 5 हजार करोड़ के ऋण प्रदान किए गए हैं, जिससे वे अपने स्वावलंबी जीवन की नींव रख सकें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री सीखो–कमाओ योजना के तहत 20 हजार से अधिक युवाओं को 41 करोड़ रुपये से अधिक का स्टाइपेंड दिया गया है। जॉब फेयर के माध्यम से 61 हजार से अधिक युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खेलों के क्षेत्र में प्रदेश को मिली विशिष्ट उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश अब “स्पोर्ट्स पॉवर” के रूप में उभर रहा है और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश के खिलाड़ियों ने देश का गौरव बढ़ाया है।

    भारत को विश्व में सिरमौर बनाने का संकल्प लें युवा

    खेल एवं युवा कल्याण, सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि युवाओं ने हर काल में क्रांति का आगाज किया है। महात्मा गांधी से लेकर भगत सिंह तक सभी महापुरुषों ने युवा अवस्था में बदलाव की शुरुआत की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में खेल गतिविधियों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। युवा खेल के माध्यम से शारीरिक रूप से स्वस्थ्य रहें, इसके लिए युवाओं को योग और खेल से जोड़ा जा रहा है। हमारे युवा विकासित भारत @2047 एवं मध्यप्रदेश को समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगे। प्रदेश के युवाओं को प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में भारत को सिरमौर बनाने का संकल्प लें।

    लोक कलाकारों ने मनमोहक प्रस्तुतियों से किया मंत्रमुग्ध

    29वें राज्य स्तरीय युवा उत्सव के उद्घाटन समारोह में बुंदेलखंड के कलाकारों ने भगवान कृष्ण पर केंद्रित लोकगीत एवं कृष्ण की विविध लीलाओं को प्रदर्शित करते लोकनृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। इसके अलावा युवा तबला वादक समर्थ शर्मा ने सितार के साथ जुगलबंदी पेश कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। युवा खेल उत्सव में प्रदेश के सभी 10 संभागों के 300 से अधिक खिलाड़ी सहभागिता कर रहे हैं।

    कार्यक्रम में विधायक भगवानदास सबनानी, भोपाल महापौर मती मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, जिला अध्यक्ष रवींद्र यति, प्रमुख सचिव खेल मनीष सिंह, संचालक खेल राकेश गुप्ता बड़ी संख्या में प्रदेश के सभी संभागों से आए युवा साथी और कलाकार उपस्थित थे।

     

     

  • उप मुख्यमंत्री पहुंचे मऊगंज अस्पताल, सुविधाओं का किया जायजा

    उप मुख्यमंत्री ने जिला चिकित्सालय मऊगंज का किया निरीक्षण

    मऊगंज

    उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने जिला चिकित्सालय मऊगंज का निरीक्षण किया। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के प्रयासों को प्राथमिकता दें। सभी डॉक्टर पूरी संवेदनशीलता के साथ रोगियों का उपचार करें। निर्माणाधीन दो सौ बिस्तर अस्पताल भवन का निर्माण कार्य तेजी से पूरा कराएं जिससे आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें। सभी डॉक्टर नियमित रूप से ओपीडी में रोगियों का उपचार करें। रोगी अपना कष्ट मिटाने के लिए अस्पताल आता है। उनका सेवाभाव से उपचार करें। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सिविल अस्पताल तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में उपचार सेवाएं बेहतर होंगी तो मेडिकल कालेज संजय गांधी हास्पिटल पर रोगियों की संख्या घटेगी। निरीक्षण के समय कलेक्टर संजय कुमार जैन, पुलिस अधीक्षक दिलीप सोनी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव शुक्ला तथा अधिकारी उपस्थित रहे।

     

  • बायो-टेक्नालॉजी सेक्टर में है बड़ा स्कोप, इस दिशा में आगे बढ़ें: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    अधिकाधिक औद्योगिक निर्माण इकाइयों का करायें सामूहिक भूमिपूजन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रदेश में उद्योग धंधों से रोजगार पाने वालों का भी हो सम्मेलन

    बायो-टेक्नालॉजी सेक्टर में है बड़ा स्कोप, इस दिशा में आगे बढ़ें

    8.57 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों पर धरातल पर काम है जारी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट–2025 के संदर्भ में लिए निर्णयों एवं विभागवार मिले निवेश प्रस्तावों की समीक्षा

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश की पुण्यधरा में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट–2025 में सरकार को 30.77 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इन सभी निवेश प्रस्तावों के क्रियान्वयन के लिए निवेशकों से सतत संवाद करें, उनके प्रश्नों का समाधान करें, जिससे वे जल्द से जल्द अपने निवेश प्रस्ताव को जमीन पर अमलीजामा पहनाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दिसम्बर में वर्तमान सरकार के दो वर्ष पूरे हो रहे हैं। इसलिए नवम्बर माह अंत तक अधिक से अधिक औद्योगिक निर्माण इकाइयों का सामूहिक भूमिपूजन कराएं। उन्होंने कहा कि दो से ढ़ाई लाख करोड़ रुपए के कामों के एक साथ भूमिपूजन से प्रदेश का औद्योगिक परिदृश्य तेजी से बदलेगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मंत्रालय में निवेश संबंधी बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में फरवरी 2025 में भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्राप्त निवेश प्रस्तावों के संबंध में राज्य सरकार द्वारा लिये गए निर्णयों एवं विभागवार मिले निवेश प्रस्तावों के क्रियान्वयन की अद्यतन प्रगति की गहनता से विस्तारपूर्वक समीक्षा की। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने समिट के दौरान प्राप्त निवेश प्रस्तावों, एमओयू के क्रियान्वयन और वर्तमान स्थिति की जानकारी दी। बैठक में अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव मनु वास्तव, अपर मुख्य सचिव संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला, प्रमुख सचिव संदीप यादव, प्रमुख सचिव मनीष सिंह सहित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट–2025 में प्राप्त उत्साहजनक निवेश प्रस्तावों से मध्यप्रदेश में उद्योग और अधोसंरचना विकास को नई दिशा मिलेगी और हमारा राज्य तेज गति से प्रगति के पथ पर आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि निवेश से जुड़े सभी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स की समय-सीमा निर्धारित कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार निवेशकों को सुरक्षित, पारदर्शी और उद्योगों के अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ें और आर्थिक विकास को गति मिले। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि जिन निवेश प्रस्तावों पर काम प्रारंभ हो चुका है, उनकी नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जाए। मुख्यमंत्री ने निवेश प्राप्त करने वाले सभी विभागों को आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश पर्यटन (एमपीटी) अब एक ब्रांड बन चुका है। इसका लाभ प्रदेश में उद्योग -धंधों और पर्यटन के विकास पर भी लिया जाए। उन्होंने कहा कि सम्पर्ण पर्यटन क्षेत्र को उद्योग का दर्जा देने की दिशा में आगे बढ़ें, इससे पर्यटन क्षेत्र में कोई बड़ा निवेश आने पर सरकार निवेशक को उद्योग विभाग द्वारा दी जा रही सब्सिडी प्रोत्साहन योजना का भी लाभ दे सकेगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी अधिकारियों को निदेर्शित किया कि उद्योग एवं रोजगार वर्ष के समापन पर सरकार की निवेश प्रोत्साहन योजनाओं के कारण प्रदेश में ही रोजगार और स्वरोजगार प्राप्त करने वाले लोगों का राज्यस्तरीय एवं संभागस्तरीय सम्मेलन आयोजित करें। उन्होनें बताया कि सरकार की रोजगार प्रोत्साहन नीतियों से प्रदेश के 7.85 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 के समापन से पहले सरकार के कामों का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए। लोगों की सफलता की कहानियां समाज के सामने भी आनी चाहिए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बायो-टेक्नालाजी सेक्टर में बहुत स्कोप है। इस दिशा में आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी दिनों में हैदराबाद में आयोजित होने वाले निवेशक संवाद सम्मेलन में बायो-टेक्नालाजी सेक्टर की कम्पनियों और निवेशकों को भी आमंत्रित किया जाए। मध्यप्रदेश में निवेश के लिए उनसे आग्रह किया जाएगा।

    प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट–2025 में सरकार को मिले 30.77 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों में से वर्तमान में 8.57 लाख करोड़ रुपए से अधिक के प्रस्तावों पर धरातल पर काम जारी है। उद्योग विभाग को कुल 12.70 लाख करोड़ रुपए के 889 निवेश प्रस्ताव मिले थे। इनमें से 397 निवेश प्रस्तावों पर भूमि आवंटित कर लेटर आफ इंट्रेस्ट भी जारी कर दिया गया है। इसके अलावा 5.13 लाख करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाले 190 निवेश प्रस्ताव ऐसे हैं, जिनमें निवेशकों ने साइट विजिट भी पूरा कर लिया है। विभाग द्वारा 302 निवेशकों से लगातार चर्चा की जा रही है। उन्होंने बताया कि 2.48 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों पर विभाग द्वारा भूमि आवंटन एवं निवेश आवेदनों की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। इस बड़े निवेश से प्रदेश में 2.85 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग करीब 2 लाख करोड़ रुपए की औद्योगिक इकाइयों का सामूहिक भूमिभूजन कराने में सहभागिता करेगा। उन्होंने बताया कि ग्वालियर में टेलिकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना के लिए केंद्र सरकार से चर्चा की जा रही है। इसके अलावा यहां प्रमुख निवेशकों को आकर्षित करने के लिए आईसीईए के साथ भी लगातार समन्वय किया जा रहा है।

    बैठक में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग, खनिज, नगरीय विकास एवं आवास, ऊर्जा, लोक निर्माण, पर्यटन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा, उच्च शिक्षा, विमानन और सहकारिता विभाग सहित अन्य विभागों को प्राप्त निवेश प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई।

     

     

  • राज्यपाल पटेल: उत्तराखण्ड और झारखण्ड को मिले हैं प्रकृति के विशेष उपहार

    उत्तराखण्ड और झारखण्ड को प्रकृति का विशेष उपहार : राज्यपाल  पटेल

    राजभवन में मनाया गया दोनों राज्यों का स्थापना दिवस
    राज्यों की लोक संस्कृति पर केन्द्रित प्रस्तुतियों ने बटोरी तालियां

    भोपाल 
    राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि उत्तराखण्ड और झारखण्ड को प्रकृति का विशेष उपहार मिला है। यहां पर समृद्ध वन्य जीव और प्राकृतिक संपदा भरपूर मात्रा में है। राज्यपाल  पटेल सोमवार को एक भारत-श्रेष्ठ भारत संकल्पना के तहत उत्तराखण्ड और झारखण्ड राज्य स्थापना दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

    राज्यपाल  पटेल ने दोनों राज्यों के स्थापना दिवस की सभी को बधाई दी। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के लिए कलाकारों की सराहना की। इस अवसर पर उत्तराखण्ड के राज्यपाल ले.ज. गुरमीत सिंह और झारखण्ड के राज्यपाल  संतोष गंगवार के शुभकामना संदेश और दोनों राज्यों की लघु फिल्म का प्रसारण किया गया। राजभवन के सांदीपनि सभागार में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे।

    राज्यपाल  पटेल ने कहा कि जहां एक ओर उत्तराखण्ड प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। उसी प्रकार झारखण्ड भी समृद्ध खनिज सम्पदा और लोक संस्कृति के लिए विश्व विख्यात है। महान जनजातीय नायक और क्रांतिसूर्य भगवान बिरसा मुंडा की कर्म भूमि झारखण्ड, हम सभी के लिए प्रेरक है। उन्होंने कहा कि स्थापना दिवस दोनों राज्यों के गठन की ऐतिहासिक यात्रा का प्रतीक है। भारत की विविधता, संघीय संरचना और एकता की उस शक्ति का भी स्मरण है, जिसने हमारे देश को दुनिया में विशेष पहचान दी है। यह सांस्कृतिक समारोह नहीं, बल्कि भारत की सामूहिक विकास यात्रा में हमारी सक्रिय भागीदारी का प्रमाण है। हम सभी यहाँ अतिथि बनकर नहीं, बल्कि राष्ट्र-निर्माण के समर्पित सहभागी के रूप में उपस्थित हैं।

     राज्यपाल  पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत के सभी राज्यों के स्थापना दिवस को राजभवन में मनाए जाने की पहल अनुकरणीय है। ऐसे आयोजन विविधता में एकता की संवैधानिक भावना को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में गुजरात के केवडिया स्थित स्टेच्यू ऑफ यूनिटी में 01 से 15 नवंबर तक विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। यह भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और धरोहर को करीब से जानने का अभूतपूर्व और दर्शनीय आयोजन था।

    राज्यपाल  पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के दूरदर्शी प्रयासों ने राष्ट्रीय विकास को जन-भागीदारी, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और सामूहिक उत्तरदायित्व के साथ जोड़कर नए युग की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता केवल सीमाओं के विस्तार से नहीं, बल्कि विचारों, संस्कृतियों और समाज के हर वर्ग के सम्मान से सुदृढ़ होती है। इसी भावना का साकार रूप आज का यह संयुक्त समारोह है। ‘एक भारत—श्रेष्ठ भारत’ अभियान इस राष्ट्रीय भावना की उन्नत अभिव्यक्ति है। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि यह आयोजन उत्तर और दक्षिण, पूर्व और पश्चिम के बीच केवल भौगोलिक नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक सेतु स्थापित करता है।

    राज्यपाल  पटेल का उत्तराखण्ड कुमायूं समाज भोपाल के अध्यक्ष  सुरेश कर्नाटक, गढ़वाली समाज ट्रस्ट भोपाल के अध्यक्ष विजय सिंह नेगी और बिहार सांस्कृतिक परिषद भोपाल के अध्यक्ष  राजेश कुमार सिंह ने स्मृति चिन्ह, पुष्प और अंग वस्त्र भेंट कर स्वागत और अभिनंदन किया गया। समारोह में उत्तराखण्ड के कलाकारों ने कुमायूं लोक नृत्यों और महादेव स्तुति की प्रस्तुति दी। झारखण्ड के कलाकारों ने मगही गीत और विभिन्न लोक नृत्यों की सामूहिक प्रस्तुति दी। आकर्षक प्रस्तुतियों का दर्शकों ने जोरदार तालियां बजाकर अभिवादन किया। मध्यप्रदेश राज्य पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम का संचालन सु सृष्टि वास्तव और आभार गढ़वाली समाज भोपाल के अध्यक्ष विजय सिंह नेगी ने व्यक्त किया। इस अवसर पर राजभवन के अधिकारी-कर्मचारी और उत्तराखण्ड एवं झारखण्ड राज्यों के मध्यप्रदेश में निवासरत नागरिक उपस्थित रहें।     

     

  • भारत–दक्षिण अफ्रीका वनडे रायपुर में: स्टूडेंट डिस्काउंट और दिव्यांग बच्चों के लिए फ्री प्रवेश

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रेमियों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। नवा रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में 3 दिसंबर को भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला आयोजित किया जाएगा। दर्शकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस बहुप्रतीक्षित मैच की टिकटें कब और कहां उपलब्ध होंगी। आइए, आपको इस बारे में विस्तार से जानकारी देते हैं।

    कब से शुरू होगी टिकट की बिक्री ?

    मुकाबले को लेकर सबसे बड़ी उत्सुकता टिकट बिक्री की है। टिकटों की ऑनलाइन बिक्री 22 नवंबर से शुरू होगी, जिसका आधिकारिक माध्यम वेबसाइट www.ticketgini.in होगा। ऑनलाइन टिकट खरीदना पहली प्राथमिकता होगी क्योंकि भीड़ अधिक होने की संभावना है।

    फिजिकल टिकट 24 नवंबर से

    जो लोग ऑफलाइन टिकट लेना पसंद करते हैं, उनके लिए भी अच्छी खबर है। 24 नवंबर से रायपुर के इंडोर स्टेडियम में फिजिकल टिकट उपलब्ध होंगे। दर्शक अपनी सुविधा के अनुसार दोनों तरीकों में से किसी का चयन कर सकेंगे।

    टिकट प्राइस लिस्ट (स्टैंड–वाइस)

    इस बार टिकट की कीमतें कैटेगरी के आधार पर तय की गई हैं। स्टूडेंट्स के लिए बड़ी राहत यह है कि पिछली बार 1000 रुपए की टिकट अब 800 रुपए में उपलब्ध होगी। किसी भी छात्र को अपनी वैध स्टूडेंट ID दिखाकर सिर्फ एक टिकट खरीदने की अनुमति दी जाएगी।

    आम दर्शकों के लिए स्टैंड टिकट

        1500 रुपए
        2500 रुपए
        3000 रुपए
        3500 रुपए

    प्रिमियम कैटेगरी

        सिल्वर: 6000 रुपए
        गोल्ड: 8000 रुपए
        प्लैटिनम: 10,000 रुपए
        कॉरपोरेट बॉक्स: 20,000 रुपए

    विश्व दिव्यांग दिवस पर खास पहल

    3 दिसंबर को विश्व दिव्यांग दिवस भी मनाया जाता है, और इसी अवसर पर छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ ने एक सराहनीय निर्णय लिया है। संघ दिव्यांग बच्चों को मैच मुफ्त में दिखाएगा और उनके आने-जाने के लिए बस की सुविधा भी प्रदान करेगा। यह कदम सामाजिक संवेदनशीलता और खेल को सभी वर्गों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
    स्टेडियम में मैच की तैयारियां तेज

    स्टेडियम प्रबंधन और सुरक्षा को लेकर भी CSCS सक्रिय है। खेल विभाग, पुलिस, नगर निगम और अन्य आवश्यक विभागों को मेजबानी की जानकारी भेज दी गई है और उनकी सहायता मांगी गई है। स्टेडियम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खरा उतारने के लिए सभी व्यवस्थाएं तय समय पर पूरी की जा रही हैं।

        50–60 लाख रुपये का मेंटेनेंस बजट
        15 दिनों में सभी काम पूरे करने का लक्ष्य
        फ्लड लाइट पूरी तरह जनरेटर पर चलेंगी
        सुरक्षा, ट्रैफिक, पार्किंग और एंट्री गेट मैनेजमेंट के लिए पुलिस, नगर निगम व अन्य विभागों को सूचना भेज दी गई है

    क्यों खास है यह मुकाबला?

        स्टेडियम पहली बार CSCS की पूर्ण जिम्मेदारी में एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय मैच आयोजित कर रहा
        हाल ही में स्टेडियम को 30 साल की लीज पर संघ को सौंपा गया
        यहां टेस्ट क्रिकेट की संभावनाएं भी इसी फैसले से मजबूत हुई हैं
        फैंस को लंबे समय बाद इस प्रतिष्ठित मैदान पर टीम इंडिया को लाइव देखने का मौका मिलेगा

    भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका वनडे और टी-20 सीरीज का शेड्यूल

    भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच इस समय दो मैचों की टेस्ट सीरीज जारी है। टेस्ट मुकाबलों के खत्म होते ही सीमित ओवरों की श्रृंखला शुरू होगी। वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 30 नवंबर 2025 को रांची में खेला जाएगा। इसके बाद दूसरा वनडे 3 दिसंबर 2025 को रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में होगा। तीसरा और अंतिम वनडे 6 दिसंबर 2025 को विशाखापट्टनम (वाइजैक) में आयोजित किया जाएगा। सभी वनडे मुकाबले 3 दिसंबर की दोपहर 1:30 बजे से शुरू होंगे। हालांकि टॉस दोपहर 1:00 होगा।

    टी-20 सीरीज का शेड्यूल

    वनडे के बाद दोनों टीमों के बीच टी-20 सीरीज शुरू होगी। पहला टी-20 मुकाबला 9 दिसंबर 2025 को कटक में खेला जाएगा। दूसरा टी-20 11 दिसंबर को मुल्लांपुर में, जबकि तीसरा टी-20 14 दिसंबर को धर्मशाला में होगा। चौथा टी-20 17 दिसंबर को लखनऊ में निर्धारित है और श्रृंखला का पांचवां तथा अंतिम टी-20 मुकाबला 19 दिसंबर 2025 को अहमदाबाद में खेला जाएगा।