• SBIOA भोपाल अंचल का आंचलिक सम्मेलन सम्पन्न

    संगठन से संस्कार तक थीम के साथ एकता, समर्पण और अनुशासन का सशक्त संदेश

    भोपाल
    स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ऑफिसर्स एसोसिएशन (SBIOA) भोपाल अंचल का आंचलिक सम्मेलन 2025 रविवार को पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद कॉलेज ऑडिटोरियम में उत्साह, गरिमा और संगठनात्मक शक्ति के साथ सम्पन्न हुआ। सम्मेलन का मुख्य विषय “संगठन से संस्कार तक – शक्ति, एकता और समर्पण” रहा, जिसने पूरे आयोजन को एक अनूठी ऊर्जावान दिशा प्रदान की।

    विशिष्ट अतिथि और पदाधिकारियों का सम्मान
    कार्यक्रम की शुरुआत विशिष्ट अतिथि श्री निरंजन बी. व्यंगंकर, डीआईजी साइबर स्टेट मध्य प्रदेश पुलिस के सम्मान से हुई। इसके पश्चात सर्कल के विशिष्ट पदाधिकारियों, भोपाल सर्कल अध्यक्ष एवं महासचिव का सम्मान किया गया। SBIOA भोपाल मॉड्यूल अध्यक्ष श्री क्षितिज तिवारी ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, सदस्यों और अधिकारियों का औपचारिक स्वागत किया।

    दीप प्रज्वलन के साथ सम्मेलन का शुभारंभ
    भारतीय परंपरा का निर्वाह करते हुए मंचासीन अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन किया गया। दीप प्रज्वलन ने सम्मेलन को सकारात्मक ऊर्जा और शुभारंभ की पवित्रता से भर दिया। मां सरस्वती-वंदना के उच्चारण ने पूरे सभागार में आध्यात्मिक वातावरण निर्मित किया। 

    गीत, कविताएँ और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से भाव-विभोर हुआ सभागार

    मुख्य कार्यक्रम से पूर्व साथियों ने गीत, कविताएँ और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं।
    उनकी प्रस्तुतियों ने
    • वातावरण को भावनाओं से भर दिया,
    • एकता की भावना को जीवंत किया,
    • और दर्शकों को बार–बार तालियाँ बजाने पर मजबूर कर दिया।

    यह सांस्कृतिक आयाम सम्मेलन की आत्मा जैसा प्रतीत हुआ। सम्मेलन के उद्देश्य पर मॉड्यूल DGS का वक्तव्य,मॉड्यूल उप महासचिव श्री सुबीन सिन्हा ने कार्यक्रम के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा—“यह सम्मेलन संगठन की दिशा तय करने, चुनौतियों को समझने और सामूहिक समाधान खोजने का अत्यंत महत्वपूर्ण मंच है। संगठन की मजबूती हमारे समन्वय और अनुशासन में निहित है।”

    साइबर सुरक्षा पर उपयोगी मार्गदर्शन
    विशिष्ट अतिथि DIG साइबर श्री निरंजन व्यंगंकर ने तेजी से बढ़ते साइबर खतरों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा—“बैंकिंग अधिकारियों के लिए साइबर सुरक्षा अब अनिवार्य कौशल है। जागरूकता और सतर्कता ही सुरक्षित बैंकिंग की नींव है।” उन्होंने नवीनतम साइबर ठगी के तरीके और उनसे बचाव के प्रभावी उपाय भी साझा किए।

    सर्कल अध्यक्ष ने उपलब्धियाँ साझा कीं सर्कल अध्यक्ष श्री अनिल श्रीवास्तव ने संगठन द्वारा किए गए कार्यों, कल्याणकारी पहलों और समस्याओं के समाधान पर प्रकाश डालते हुए कहा— “सदस्यों के हितों और सुविधाओं को मजबूत बनाना हमारी प्राथमिकता है। टीमवर्क और संवाद की इस संस्कृति ने हमें लगातार सशक्त किया है।”

    सर्कल महासचिव का एकता और SOP आधारित कार्य पर जोर
    सर्कल महासचिव श्री संजीव मिश्रा ने अपने उद्बोधन में कहा—“संगठन की शक्ति उसकी एकता में है। SOP आधारित कार्य संस्कृति ही हमें पेशेवर मजबूती, सुरक्षित निर्णय और सम्मान दिलाती है।”

    उन्होंने सभी सदस्यों का आह्वान किया कि वे
    • अनुशासन,
    • पारदर्शिता
    • और टीम भावना के साथ
    संगठन को और ऊँचाइयों पर ले जाएँ।

    सेवा संगठन, OBC संगठन एवं AIBOC की उपस्थिति

    कार्यक्रम में सेवा संगठन, ओबीसी संगठन तथा AIBOC मध्यप्रदेश की टीम के स्टेट सेक्रेटरी श्री दिनेश झा की गरिमामयी उपस्थिति रही।इन संगठनों की सहभागिता ने सम्मेलन की व्यापकता और एकजुटता को और प्रबल किया।

    आभार प्रस्ताव
    कार्यक्रम का समापन SBIOA सर्कल DGS श्री रजनीश पौराणिक के आभार प्रस्ताव से हुआ।उन्होंने कहा—“यह सम्मेलन संगठन की एकता, अनुशासन और सामूहिक सोच का सशक्त प्रमाण है। सभी की सहभागिता ही हमारी वास्तविक पूँजी है।”

    लंच एवं स्मृति-उपहार
    सम्मेलन के उपरांत सभी के लिए लंच एवं स्मृति-उपहार की व्यवस्था की गई, जिससे कार्यक्रम का समापन सौहार्द व संतोष के वातावरण में हुआ।

    सम्मेलन का सार —
    “एकजुट संगठन ही सुरक्षित बैंकिंग और उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है।”

  • आदिवासी बालक छात्रवास निमधा का कलेक्टर ने किया निरीक्षण

    गौरेला पेंड्रा मरवाही,

    कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी ने शनिवार को समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के शुभारंभ करने के दौरान आदिवासी बालक छात्रावास निमधा का निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों की उपस्थिति, भोजन, नाश्ता, अध्ययन-अध्यापन और ठंडक के मौसम को देखते हुए गर्म कपड़ों की व्यवस्था आदि की जानकारी ली। उन्होंने छात्रावास अधीक्षक जो मूल रूप से शिक्षक हैं, को अधीक्षकीय कार्य के अलावा अपने समबद्ध स्कूल में प्रतिदिन दो क्लास लेने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने छात्रावासी बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, खानपान एवं साफ सफाई पर विशेष ध्यान देने कहा। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री मुकेश रावटे भी उपस्थित थे।

  • विष्णु देव साय राज्य का कायाकल्प कर रहे हैं—PM मोदी ने की नेतृत्व क्षमता की प्रशंसा

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, हमारे जनजातीय समाज के विष्णु देव साय राज्य का कायाकल्प कर रहे हैं. यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की तारीफ करते हुए कही.

    गुजरात के नर्मदा में भगवान बिरसामुंडा की जयंती पर आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘आज देश की राष्ट्रपति एक आदिवासी महिला हैं. इसी तरह BJP-NDA ने हमेशा आदिवासी समाज के होनहार साथियों को शीर्ष पदों पर पहुंचाने का प्रयास किया है. आज छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, हमारे जनजातीय समाज के विष्णु देव साय राज्य का कायाकल्प कर रहे हैं.’

    गुजरात के आदिवासी जिलों को दी सौगात
    इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के आदिवासी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए 14 आदिवासी जिलों के लिए 250 बसों को हरी झंडी दिखाई. इस दौरान उन्होंने कहा, ‘मां नर्मदा की यह पावन धरती आज एक और ऐतिहासिक आयोजन की साक्षी बन रही है. अभी 31 अक्टूबर को हमने यहां सरदार पटेल की 150वीं जयंती मनाई थी.’

    उन्होंने कहा कि हमारी एकता और विविधता को सेलिब्रेट करने के लिए भारत पर्व शुरू हुआ और आज भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के इस भव्य आयोजन के साथ हम भारत पर्व की पूर्णता के साक्षी बन रहे हैं. मैं इस पावन अवसर पर भगवान बिरसा मुंडा को प्रणाम करता हूं.

  • सोयाबीन किसानों को बड़ी राहत: भावांतर में रेकॉर्डेड 4234 रुपए मॉडल रेट घोषित

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भावांतर योजना 2025 के अंतर्गत सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए आज 16 नवंबर को रेकॉर्डेड 4234 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी हुआ है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी।

    सोयाबीन के मॉडल रेट में लगातार वृद्धि जारी है। पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। इसी तरह 8 नवंबर को 4033 रुपए, 9 और 10 नवंबर को 4036 रुपए, 11 नवंबर को 4056 रुपए, 12 नवंबर को 4077 रुपए, 13 नवंबर को 4130 रुपए, 14 नवंबर को 4184 रुपए तथा 15 नवंबर को 4225 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी हुआ था।

     

  • धान उपार्जन 2025-26: कवर्धा में पहले ही दिन 306.8 क्विंटल धान खरीदा गया

    सुचारू धान खरीदी के लिए शासन ने लगाया एस्मा, तीन समिति प्रबंधक बर्खास्त

    108 समितियों में अधिकारियों को प्रभार

    कलेक्टर गोपाल वर्मा के निर्देश पर सभी धान खरीदी केंद्र में बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित

    कवर्धा,

    कबीरधाम ज़िले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए धान उपार्जन कार्य का शुभारंभ आज विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया गया। उपार्जन के पहले दिन जिले में 306.8 क्विंटल धान की खरीदी संपन्न हुई। जिले के सभी धान खरीदी केन्द्रों में नाप-तौल की व्यवस्था, कांटा–बांट, पर्याप्त बारदाना, ड्रेनेज सिस्टम सहित आवश्यक सुविधाएँ सुनिश्चित की गई हैं, जिससे किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के कर्मचारियों की हड़ताल के कारण उपार्जन कार्य प्रभावित न हो, यह देखते हुए कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा द्वारा विशेष पहल की गई है। उन्होंने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत अन्य विभागों के अधिकारियों को समिति प्रबंधक का प्रभार सौंपा, ताकि धान खरीदी की प्रक्रिया सुचारू, पारदर्शी और समयबद्ध रूप से चलती रहे। इस व्यवस्था से किसानों को किसी भी प्रकार की बाधा के बिना अपनी उपज बेचने में सुविधा मिल रही है और जिले में धान उपार्जन कार्य सुचारू रूप से संचालित हो रहा है।

           कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने बताया कि कबीरधाम जिले की सभी 108 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों एवं उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी कार्य के संचालन के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को प्रभार सौंपा गया है। इनमें ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, पटवारी, उप अभियंता, सहायक कार्यक्रम समन्वयक, करारोपण अधिकारी, बीपीएम, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, विकास विस्तार अधिकारी, मत्स्य निरीक्षक सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जिले के किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां की गई हैं। प्रत्येक उपार्जन केन्द्र में अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है।

    तीन समिति प्रबंधक बर्खास्त

    प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादा ज़िन्दा, सल्फी और सहसपुर लोहारा द्वारा 14 नवंबर 2025 को जारी आदेश में तीन सहकारी समिति प्रबंधक जिंदा श्री घनश्याम चन्द्रवंशी, सहसपुर लोहारा श्री गंगादास मानिकपुरी और चिल्फी श्री मनोज चन्द्राकर को अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतने पर सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है।जारी आदेश के अनुसार संबंधित कर्मचारी को पूर्व में कार्यालयीन पत्र के माध्यम से तत्काल कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था, परंतु निर्धारित तिथि तक वह उपस्थित नहीं हुआ। इसके पश्चात अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत उसे कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था। कर्मचारी द्वारा न तो कार्यालय में उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण दिया गया और न ही कारण बताओ नोटिस का जवाब प्रस्तुत किया गया। इससे समिति के धान उपार्जन कार्य, ऋण वितरण, खाद एवं बीज वितरण जैसी महत्वपूर्ण गतिविधियाँ प्रभावित हुईं और किसानों को असुविधाओं का सामना करना पड़ा। इस गंभीर कदाचार को ध्यान में रखते हुए बोर्ड की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लेते हुए कि सेवा नियमों की कंडिका 16 के तहत लोकहित में व्यापक कार्य में बाधा डालने के कारण सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त किया गया

    शासन ने लगाया एस्मा, अनुपस्थिति पर सख्त कार्रवाई तय

    छत्तीसगढ़ सरकार ने धान खरीदी कार्य को किसी भी परिस्थिति में बाधित न होने देने के लिए बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। धान खरीदी केंद्रों में कार्यरत सहकारी समितियों के कर्मचारियों की हड़ताल को देखते हुए सरकार ने एस्मा लागू कर दिया है। धान उपार्जन जैसे महत्वपूर्ण दायित्व को रोकना या प्रभावित करना किसानों के हितों पर सीधा असर डालता है। इसलिए इस हड़ताल को अवैध मानते हुए सभी कर्मचारियों को तत्काल कार्य पर लौटने के निर्देश जारी किए गए हैं। स्पष्ट किया है कि यदि हड़ताल पर गए कर्मचारी सोमवार तक अपनी ड्यूटी पर वापस नहीं लौटते, तो उनके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

  • राष्ट्रीय प्रेस दिवस: मुख्यमंत्री साय ने मीडिया की भूमिका की सराहना की

    रायपुर,

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस 16 नवंबर के अवसर पर मीडिया जगत से जुड़े सभी लोगों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता हमारे लोकतंत्र की विशेषता और आधारशिला है। निष्पक्ष प्रेस और निर्भीक पत्रकारिता स्वस्थ लोकतंत्र के लिए आवश्यक है। मीडिया नागरिकों को उनके अधिकार और दायित्व के प्रति सचेत कर देशहित व लोकहित के प्रति जागरूक करता  है।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि भारतीय प्रेस दिवस भारत जैसे जीवंत लोकतंत्र में स्वतंत्र और निष्पक्ष प्रेस के महत्व और योगदान को याद करने का दिन है।  

    मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर आशा व्यक्त करते हुए कहा कि मीडिया अपनी प्रखरता, संवेदनशीलता और सत्यनिष्ठा के साथ लोकतंत्र के पथ को और अधिक प्रकाशमान करता रहेगा।

  • पी.एम. श्री स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय अभनपुर: शिक्षा में सफलता की नई पहचान

    रायपुर,

    रायपुर जिले में  अभनपुर  के  पी.एम. श्री स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय छत्तीसगढ़ शासन की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था का उज्ज्वल उदाहरण बनकर उभर रहा है। विद्यालय द्वारा शैक्षणिक, सह-पाठ्यक्रम तथा अधोसंरचना विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करते हुए नई उपलब्धियाँ हासिल की हैं। शासन द्वारा संचालित सरस्वती सायकल योजना, मध्यान्ह भोजन, महतारी दुलार योजना सहित अन्य योजनाओं का लाभ बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को मिल रहा है, जिससे उनके शैक्षणिक भविष्य को मजबूती मिली है।

     आधुनिक अधोसंरचना और शैक्षणिक सुविधाएँ

           विद्यालय में लगभग 5000 पुस्तकों से युक्त समृद्ध पुस्तकालय, पूर्ण सुसज्जित विज्ञान प्रयोगशाला तथा 25 कंप्यूटरों से सुसज्जित आधुनिक कंप्यूटर लैब उपलब्ध है। ये सुविधाएँ विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक के साथ सीखने और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करती हैं। विद्यालय परिसर में स्वच्छता एवं हरियाली पर विशेष ध्यान दिया जाता है, जिसके अंतर्गत कई पौधों का रोपण कर उनकी नियमित देखभाल की जाती है।

     विशेषज्ञ एवं प्रशिक्षित शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका

          विद्यालय में विषय विशेषज्ञ एवं प्रशिक्षित शिक्षक कार्यरत हैं, जो नियमित रूप से विभिन्न प्रशिक्षण, वेबिनार और कार्यशालाओं के माध्यम से अपनी शिक्षण पद्धतियों को और अधिक उन्नत करते रहते हैं। शिक्षकों की मेहनत, ईमानदारी और समर्पण से विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो रहा है।

    प्रतियोगिताओं में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन

           विद्यालय के विद्यार्थियों ने राज्य, जिला एवं संभाग स्तर की विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया है। सड़क सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता में विद्यालय ने संभाग स्तर पर तृतीय स्थान प्राप्त किया। स्केटिंग प्रतियोगिता 2025 में छात्र गगन देवांगन ने राज्य स्तरीय सफलता अर्जित कर राष्ट्रीय स्तर के लिए चयनित होकर विद्यालय को नई पहचान दिलाई। वहीं, NMMSE 2025 परीक्षा में रोशन वर्मा और हर्षा साहू ने प्रवीण्य सूची में स्थान प्राप्त किया। हाई स्कूल परीक्षा 2025 में छात्रा सुनीधि नेताम ने 93.3 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अनुसूचित जनजाति वर्ग मेरिट सूची में स्थान बनाकर विद्यालय को गौरवान्वित किया।

     अधोसंरचना विकास में लगातार प्रगति
           विद्यालय में विधायक मद से सांस्कृतिक मंच, चबूतरा निर्माण, वाटर कूलर स्थापना, पेयजल पाइप लाईन विस्तार, मध्यान्ह भोजन कक्ष का जीर्णाेद्धार तथा नए पुस्तकालय कक्ष का निर्माण निरंतर प्रगति पर है। बाउंड्रीवाल विस्तार का कार्य भी प्रस्तावित है।

     सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों से मिलता है समग्र अनुभव
           विद्यालय में योग, संगीत, मॉडल निर्माण, पैरेंट्स-टीचर मीटिंग, परामर्श सत्र और परियोजना आधारित शिक्षण जैसी गतिविधियाँ नियमित रूप से संचालित की जाती हैं। विद्यार्थियों को ज्ञानवर्धन के लिए शैक्षणिक भ्रमण भी कराया गया। ग्रीष्मकाल में आयोजित समर कैंप में गीत, संगीत, पेंटिंग, ड्राइंग तथा पाक कला जैसे कई रचनात्मक क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया गया।

     प्रगति की सतत यात्रा
          पी.एम. श्री स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, अभनपुर अपनी उत्कृष्टता, समर्पित शिक्षक, आधुनिक संसाधनों और सफल छात्रों के दम पर तेजी से शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। विद्यालय की यह उपलब्धियाँ इसे जिले ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य में एक आदर्श शिक्षण संस्थान के रूप में स्थापित कर रही है।

  • कांग्रेस की निगरानी समिति पर डिप्टी CM साव का तंज, धान खरीदी को लेकर बढ़ी सियासी गर्मी

    रायपुर

    राज्य में 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू हो चुकी है और इसके साथ ही राजनीतिक बयानबाज़ी भी तेज हो गई है। धान खरीदी प्रक्रिया को सुचारू रखने और किसानों की समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस ने एक राज्यस्तरीय निगरानी समिति गठित की है। इस फैसले को उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने आड़े हाथों लेते हुए कांग्रेस पर किसानों को बोनस न देने, भुगतान में देरी करने और वादे पूरा न करने का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने बिहार चुनाव में कांग्रेस की हार का ज़िक्र करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को ‘पनौती’ तक कह दिया।

    उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस की निगरानी समिति बनाए जाने को लेकर कहा कि “कांग्रेस क्या निगरानी करेगी? वही कांग्रेस जिसने किसानों से बोनस का वादा किया था और कभी पूरा नहीं किया। किसानों को धान का पैसा चार-चार किस्तों में दिया गया। इनके वादों की विश्वसनीयता ही खत्म हो चुकी है।”

    साव ने बताया कि धान खरीदी के पहले दिन ही 20 हजार क्विंटल धान खरीदा गया है और सभी खरीद केंद्रों में पर्याप्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

    बिहार चुनाव में कांग्रेस नेताओं की भूमिका पर भी सियासत

    अरुण साव यहीं नहीं रुके। उन्होंने बिहार चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर भी कटाक्ष करते हुए उन्हें ‘पनौती’ कहा। साव ने आरोप लगाया कि “जहां-जहां भूपेश बघेल प्रचार करने जाते हैं, वहां कांग्रेस की हार तय हो जाती है। बिहार में भी यही हुआ।”

    अरुण साव ने यह भी कहा कि “बिहार में जाकर छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नकारा नेताओं ने प्रचार किया था। जिन पर अपने राज्य में भरोसा नहीं, उन पर बिहार वाले कैसे भरोसा करेंगे? कांग्रेस के साथ सहयोगी दल भी डूब जाते हैं।”

    उन्होंने हाल ही में बेगूसराय में मछुआरा समुदाय से मुलाकात के दौरान राहुल गांधी के तालाब में कूदने वाले वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि “राहुल गांधी जहां डुबकी लगा दें, वहां से कांग्रेस का डूबना तय है।”

    साव ने यह भी दावा किया कि बिहार संगठन की मदद छत्तीसगढ़ BJP के नेताओं ने की, न कि कांग्रेस नेताओं ने जैसा कांग्रेस दावा कर रही है।

  • आसियान देशों के उच्च स्तरीय राजनयिकों का प्रतिनिधिमंडल 18 से 20 नवंबर तक तीन दिवसीय भोपाल प्रवास दौरे

    भोपाल  
    आसियान देशों के उच्च स्तरीय राजनयिकों का प्रतिनिधिमंडल 18 से 20 नवंबर तक तीन दिवसीय भोपाल प्रवास के दौरान कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इस भ्रमण का उद्देश्य मध्यप्रदेश और आसियान देशों के बीच आर्थिक, औद्योगिक, निवेश और सांस्कृतिक सहयोग को सुदृढ़ बनाना है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भेंट में औद्योगिक सहयोग पर चर्चा
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से प्रतिनिधिमंडल 18 नवंबर को भेंट करेंगा। बैठक राज्य सरकार के निवेश-अनुकूल वातावरण, औद्योगिक नीति और आसियान देशों के साथ साझेदारी को लेकर केंद्रित रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक परिदृश्य, आईटी, मैन्युफैक्चरिंग, एग्री-प्रोसेसिंग, पर्यटन और नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर विचार-विमर्श करेंगे। प्रतिनिधिमंडल प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित रात्रिभोज में शामिल होगा। जिसमें दोनों पक्षों के बीच आपसी सहयोग और आर्थिक संबंधों को सुदृढ़ करने पर चर्चा भी होगी।

    राज्यपाल से शिष्टाचार भेंट और निवेश संगोष्ठी में सहभागिता
    राज्यपाल श्री मांगूभाई पटेल से प्रतिनिधिमंडल 19 नवंबर को शिष्टाचार भेंट करेगा। इसके बाद होटल कोर्टयार्ड मैरियट में ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट सेमिनार में शिरकत करेंगे। सेमिनार में राज्य के उद्योगपति, चैंबर्स ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि और प्रमुख निवेशक शामिल होंगे। इसमें मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास, इन्फ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक नेटवर्क और निवेश-अनुकूल नीतियों की प्रस्तुति दी जाएगी।

    मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि से होंगे रूबरू
    प्रतिनिधिमंडल अपने भ्रमण के दूसरे दिन 19 नवंबर को साँची और भीमबेटका जैसे यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल विश्व प्रसिद्ध स्थलों का भ्रमण करेगा। इससे उन्हें मध्यप्रदेश की प्राचीन सांस्कृतिक परंपरा, बौद्ध कला और ऐतिहासिक धरोहरों से परिचित होने का अवसर मिलेगा। भ्रमण के तीसरे दिन 20 नवंबर को प्रतिनिधिमंडल भोपाल स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय और जनजातीय संग्रहालय का भी अवलोकन करेगा।

    राज्य सरकार का यह प्रयास प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ के अनुरूप है, जिसके माध्यम से भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया के बीच आर्थिक, निवेश और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत किया जा रहा है। मध्यप्रदेश, अपनी रणनीतिक भौगोलिक स्थिति, मजबूत औद्योगिक आधार, निवेश-अनुकूल नीतियों और तेजी से विकसित होते बुनियादी ढांचे से आसियान देशों के लिए आकर्षक निवेश गंतव्य बनकर उभर रहा है।

    यह दौरा मध्यप्रदेश और आसियान देशों के बीच दीर्घकालीन सहयोग की दिशा में ठोस कदम साबित होगा और दोनों पक्षों के बीच औद्योगिक, व्यापारिक और सांस्कृतिक साझेदारी को नई गति देगा। उल्लेखनीय है कि आसियान (एसोसिएशन ऑफ साउथ ईस्ट एशियन नेशन्स) दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों का एक क्षेत्रीय संगठन है। इसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग, व्यापार, सुरक्षा, सांस्कृतिक संबंध और क्षेत्रीय स्थिरता को मजबूत करना है। आसियान में 10 देश सदस्य हैं, जिनमें इंडोनेशिया, मलेशिया, सिंगापुर, थाईलैंड, फिलीपींस, वियतनाम, म्यांमार, कम्बोडिया,लाओस और ब्रुनेई शामिल हैं।

     

  • मध्यप्रदेश ने कृषि क्षेत्र में लिखी सफलता की नई कहानी, देश का बना फूड हब

    भोपाल 
    कभी 'बीमारू राज्य' और विकास की दौड़ में पिछड़ा माना जाने वाला मध्यप्रदेश आज आत्मनिर्भरता, कृषि समृद्धि और तीव्र आर्थिक विकास का प्रतीक बन चुका है। यह परिवर्तन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व, सरकार की योजनाबद्ध नीतियों और किसानों की अटूट मेहनत का परिणाम है। मध्यप्रदेश अब न केवल विकास दर में अग्रणी है, बल्कि खाद्यान्न उत्पादन में भी देश में नई पहचान बना चुका है। यही कारण है कि भारत का हृदय प्रदेश अब देश का नया 'फूड-बास्केट' कहलाने लगा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव का कहना है कि मध्यप्रदेश ने कृषि और उससे सम्बद्ध क्षेत्रों में जो आशातीत प्रगति की है, उसमें हमारे अन्नदाताओं की महती भूमिका है। बीते वर्षों में मध्यप्रदेश ने कृषि उत्पादन, सिंचाई विस्तार और किसानों की आय वृद्धि के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर देश का नया 'फूड बास्केट' बनने का गौरव प्राप्त किया है। राज्य की विकास दर अब डबल डिजिट में पहुंच चुकी है, जिसमें कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्रों का सबसे बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने का संकल्प लिया है। सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, पर्याप्त बिजली आपूर्ति, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी, भावांतर भुगतान योजना और कृषि यंत्रीकरण ने किसानों से जीवन में खुशहाली आ रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आज मध्यप्रदेश गेहूं, चना, मसूर, सोयाबीन और तिलहन उत्पादन में देश में अग्रणी बन चुका है। पंजाब और हरियाणा जैसे परम्परागत कृषि सम्पन्न राज्यों को कई फसलों के उत्पादन में पीछे छोड़ना राज्य के किसानों की मेहनत और सरकार की संवेदनशील नीतियों का ही परिणाम है। हमने कृषि के साथ-साथ डेयरी, पशुपालन, मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्रों में भी राज्य ने नई ऊंचाइयां हासिल की हैं। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP), एग्रो एंड फूड प्रोसेसिंग इकाइयां और कोल्ड स्टोरेज चेन जैसे अनेक कदम किसानों को उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य दिलाने में मददगार सिद्ध हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य बिल्कुल स्पष्ट है – हर खेत तक पानी, हर किसान तक प्रगति और हर घर तक समृद्धि। मध्यप्रदेश का किसान अब सिर्फ़ अन्नदाता नहीं, बल्कि खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर भारत का निर्माणकर्ता बन चुका है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और राज्य के पूरे कृषि अमले को इस राष्ट्रीय उपलब्धि की ओर बढ़ने के लिए बधाई दी है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश देश की खाद्य सुरक्षा को सशक्त करेगा, बल्कि वैश्विक कृषि मानचित्र पर भी अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा।

    कृषि समृद्ध प्रदेश बनने की कहानी
    कभी सीमित सिंचाई साधनों, अस्थिर बिजली आपूर्ति और अपर्याप्त अवसंरचना के कारण मध्यप्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था घाटे में चल रही थी। किसानों की आमदनी सीमित थी और ग्रामीण जीवन में भी कुछ कठिनाइयां थीं। परंतु बीते दो दशकों में परिदृश्य पूरी तरह बदल गया है। सरकार ने कृषि और ग्रामीण विकास को अपनी नीतियों के केंद्र में रखकर जो कार्य किया, उसने राज्य की तस्वीर ही बदल दी। हाल ही में हुए आर्थिक सर्वेक्षण में मध्यप्रदेश ने 24 प्रतिशत की विकास दर दर्ज की है, जो राष्ट्रीय विकास औसत से कहीं अधिक है। यह प्रगति बताती है कि मध्यप्रदेश अब आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

    कृषि विकास में आई नई क्रांति
    मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा विकास कृषि क्षेत्र में देखा गया है। बीते वर्षों में राज्य सरकार ने कृषि को सिर्फ़ आजीविका का साधन नहीं, बल्कि समृद्धि का आधार बनाने का संकल्प लिया। किसानों को फसल उत्पादन की लागत में राहत देने, खेती को लाभकारी बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई योजनाएं लागू की गईं। कृषक कल्याण मिशन के जरिए किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए सभी जतन किए जा रहे हैं। भावांतर भुगतान योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फ़सल खरीदी और इस खरीदी पर बोनस राशि भी देने जैसे प्रयासों ने किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की है। इसके अलावा उन्नत कृषि उपकरणों पर सब्सिडी और प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने की कोशिशों ने भी खेती-किसानी को और अधिक रूचिकर, उत्पादक और टिकाऊ बनाया है। राज्य में सिंचाई सुविधाओं का खेत तक विस्तार भी एक मील का पत्थर साबित हुआ है। नर्मदा घाटी विकास परियोजना, पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदियों को आपस में जोड़ने और केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी लिंक जैसी परियोजनाओं से लाखों हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को सिंचाई सुविधा के दायरे में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति के सुदृढ़ीकरण से रबी सीजन में फसलों की उत्पादन क्षमता कई गुना बढ़ गई है।

    खेती-किसानी की बदलती परिभाषा
    मध्यप्रदेश के किसान अब पारम्परिक खेती तक सीमित नहीं हैं। वे नई तकनीकों और आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में सुधार ला रहे हैं। ड्रिप इरिगेशन, ऑर्गेनिक फार्मिंग, मल्टीक्रॉपिंग और फसल विविधीकरण जैसे नवाचारों ने कृषि को एक व्यावसायिक रूप दिया है। प्रदेश में कृषि विश्वविद्यालयों, अनुसंधान केंद्रों और कृषि विज्ञान केंद्रों की सक्रिय भूमिका ने किसानों को नवीनतम जानकारी सहित प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया है। अब किसान बाजार की मांग के अनुसार फसलें पैदा कर रहे हैं और निर्यात की दिशा में भी कदम बढ़ा रहे हैं।

    कृषि से औद्योगिक विकास तक
    मध्यप्रदेश की तेज कृषि विकास दर देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश कृषि आधारित उद्योगों और एग्रो प्रोसेसिंग का केंद्र बनने जा रहा है। राज्य में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, कोल्ड स्टोरेज और लॉजिस्टिक हब के निर्माण से कृषि उत्पादों के निर्यात की संभावना बढ़ेगी। सरकार की वन डिस्ट्रिक्ट 'वन प्रोडक्ट' (ODOP) योजना भी इस दिशा में मददगार सिद्ध हो रही है। यह किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में तो कारगर है ही, ग्रामीण रोजगार को भी यह योजना स्थायी बना रही है।

    नया मध्यप्रदेश, नया आत्मविश्वास
    मध्यप्रदेश आज बड़े आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। अब यह राज्य विकास के नए अध्याय लिख रहा है। गांव से शहर तक, खेत से बाजार तक, फ़ार्म टू लैब हर जगह परिवर्तन की एक नई लहर महसूस की जा रही है। प्रदेश के किसान अब सिर्फ अन्नदाता नहीं रहे, बल्कि “राष्ट्र निर्माता” और ऊर्जादाता भी बन रहे हैं। किसानों को उनके खेत में सोलर पम्प लगाने के लिये अनुदान योजना प्रारंभ की गई है। किसानों के परिश्रम और सरकार की किसान हितैषी संवेदनशील नीतियों ने मध्यप्रदेश को उस ऊंचाई पर पहुंचा दिया है, जिसकी कल्पना भी कभी दूर की कौड़ी लगती थी।

  • प्रदेश में धान खरीदी पर उप मुख्यमंत्री का बयान: प्रक्रिया सुचारू, शुरुआती दिन में 20 हजार क्विंटल की खरीद

    रायपुर

     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में धान खरीदी की पुख्ता व्यवस्था की गई है. प्रदेश में 15 नवंबर से सुचारु रूप से धान खरीदी प्रारंभ हुई है. और पहले ही दिन अलग-अलग सहकारी सोसायटी में 20 हजार क्विंटल धान की खरीदी हुई है. यह बात उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नवा रायपुर निवास कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा के दौरान कही.

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि प्रदेश के किसान पूरी तरह से निश्चिंत रहे, सरकार ने धान खरीदी की पुख्ता व्यवस्था की है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि धान खरीदी में किसानों को किसी भी प्रकार से दिक्कत ना हो. मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अधिकारी पूरी तत्परता से व्यवस्था संचालन में जुटे है.

    साव ने कांग्रेस के खरीदी केंद्रों के निगरानी पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस ने किसानों के साथ धोखा किया है, वो क्या निगरानी करेंगे. दो साल का पुराना बोनस देने का वादा किया था, लेकिन पांच साल के सरकार में नहीं दिया. चार किस्त में देते थे, और चौथी किस्त में कटौती करते थे. छत्तीसगढ़ के किसान कांग्रेसियों की नियत अच्छी तरह से जानते है.

    बिहार में छत्तीसगढ़ के कांग्रेस नेताओं के प्रचार वाले विधानसभा सीटों में हार पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आज कांग्रेस की विश्वनीयता समाप्त हो गई है. छत्तीसगढ़ के कांग्रेसी विशेष रूप से जनता से बार-बार नकारे गए हैं. ऐसे में दूसरे राज्य की जनता इन पर कैसे भरोसा करेगी. जबकि छत्तीसगढ़ के हम भाजपा कार्यकर्ता और वरिष्ठ नेता वहां के संगठन के लोगों के साथ मिलकर उनके सहयोग से प्रचार में गए और ऐतिहासिक परिणाम बिहार में आया है. बिहार की जनता ने विकास और सुशासन को चुना है.

    उप मुख्यमंत्री साव ने सुकमा में तीन नक्सलियों के न्यूट्रलाइज होने पर सुरक्षाबलों की सराहना की है. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई चल रही है. हमारे सुरक्षा बल के जवान लगातार जंगलों में ऑपरेशन चला रहे है. और निश्चित रूप से मार्च 2026 में सशस्त्र नक्सलवाद समाप्त हो जाएगा. सुरक्षा बल के जवानों को बधाई देता हूं. वे दुर्गम इलाकों में जाकर नक्सल उन्मूलन का काम कर रहे हैं.

  • जनादेश के बाद राजनीतिक संकेत: डॉ. रमन सिंह ने नीतीश कुमार की अगुवाई पर जताया भरोसा

    रायपुर

    बिहार विधानसभा चुनाव में NDA को मिले जनादेश के बाद अब मुख्यमंत्री के शपथ और मंत्रिमंडल गठन की चर्चा तेज है. इस बीच छत्तीसगढ़ के विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्य योजना बनाकर काम किया है. बिहार में जंगल राज को खत्म कर लोगों के जीवन में परिवर्तन लाया है. बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार बनने जा रही है.

    बिहार चुनाव में भूपेश बघेल की भूमिका पर टिप्पणी

    बिहार चुनाव में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सीनियर ऑब्ज़र्वर बनाया गया था. उनके चुनावी प्रभाव को लेकर पूछे गए सवाल पर विधानसभा स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने कहा कि भूपेश बघेल को जब-जब जिम्मेदारी मिली है, तब सभी जानते हैं कि क्या होता है. नीतीश कुमार की ईमानदारी और उनके नीतियों की यह जीत है.

    28 से 30 नवंबर तक डीजी कॉन्फ्रेंस

    डीजी कॉन्फ्रेंस को लेकर डॉ. रमन सिंह ने कहा कि डीजी कॉन्फ्रेंस में पीएम नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ अन्य राज्य के डीजी शामिल होंगे. नक्सल समस्या को लेकर एक निर्णायक दौर आया है. नक्सलवाद से देश आगे बढ़ चुका है. 2026 मार्च तक नक्सलवाद खात्मे की डेडलाइन तय हो चुकी है. शत प्रतिशत नक्सल समाप्ति करने में सफलता मिलेगी.

    18 नवंबर को विधानसभा का विशेष सत्र

    विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के 18 नवंबर को बुलाए गए विशेष सत्र को लेकर जानकारी दी कि पुराने विधानसभा में एक दिन का सत्र होगा. जहां 25 साल बिताए उसका यह सत्र है. पुराने विधानसभा में सभी की यादें है. पुराने विधानसभा में यह अंतिम सत्र रहेगा. उन्होंने यह भी बताया कि शीतकालीन सत्र नए विधानसभा में आयोजित होगा.

  • हेल्थ स्कैम अलर्ट: आयुष्मान योजना में गड़बड़ी, 20+ निजी अस्पतालों पर गिरी गाज

    बिलासपुर
    राज्य स्तर पर एक बार फिर आयुष्मान भारत से इलाज करने वाले निजी अस्पतालों को जांच के दायरे में लेकर गड़बड़ी मिलने पर संबंधित अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। जिला स्तर पर मिली शिकायतों के आधार पर मौजूदा स्थिति में 20 से ज्यादा निजी अस्पतालों को जांच के दायरे में लिया गया है। इन्हें नोटिस थमाकर जवाब मांगा गया है। संतोषप्रद जवाब नहीं मिलने पर ऐसे अस्पतालों को आयुष्मान भारत से इलाज करने से वंचित करने की कार्रवाई की जाएगी।

    शिकायतें मिलने के बाद जांच के दायरे में लिया
    स्वास्थ्य विभाग की नोडल एजेंसी ने प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना में अनियमितता बरतने, गड़बड़ी करने और संचालन सही तरीके से नहीं करने की शिकायतें मिलने के बाद निजी अस्पतालों को जांच के दायरे में लिया है। स्वास्थ्य विभाग के टोल फ्री नंबर आरोग्य 104 पर मरीजों की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। शिकायत इतनी ज्यादा है कि शासन को इन शिकायतों की जांच करने के लिए बाध्य होना पड़ गया।
     
    हर जिले के आयुष्मान भारत की टीम जांच
    राज्य शासन के निर्देश पर हर जिले के आयुष्मान भारत की टीम जांच कर रही है। इस दौरान गड़बड़ी करने की पुष्टि होने पर संबंधित निजी अस्पतालों को छह महीने तक आयुष्मान भारत से इलाज करने से वंचित रखा जा रहा है। जिला स्तर पर भी ऐसे अस्पतालों की तेज गति से जांच की जा रही है। शिकायत के आधार पर 20 से ज्यादा निजी अस्पतालों को नोटिस तक थमा दिया गया है।

    इनके खिलाफ हो चुकी है कार्रवाई
    अभी तक शहर के सात अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इन अस्पतालों से तीन से लेकर छह महीने तक इलाज की अनुमति छीन ली गई है। इन अस्पतालों में शिव टाकीज रोड स्थित लाडीकर हॉस्पिटल, तोरवा चौक के पास स्थित पेंडलवार हॉस्पिटल, शशि मेमोरियल हॉस्पिटल राजकिशोर नगर, पूजा नर्सिंग होम पुराना हाई कोर्ट रोड के पास, ओम श्री बालाजी नर्सिंग होम देवनंदन नगर, डॉ मित्तल हॉस्पिटल, रेंबो हॉस्पिटल देवकीनंदन चौक के पास शामिल हैं।

    ऐसे कर रहे गड़बड़ी
        मरीजों से इलाज के नाम पर अतिरिक्त राशि लेना।
        आयुष्मान से इलाज करवाने वाले मरीज के प्रति चिकित्सक व कर्मचारियों का व्यवहार ठीक नहीं होना।
        मरीज को जनरल वार्ड में भर्ती कर आइसीयू के पैकेज रेट के अनुसार राशि लेना।
        मरीज के इलाज की फाइल सही तरीके से न बनाना।
        इलाज से मना कर देना।
        हेल्थ पैकेज कोड के विपरीत क्लेम बुक करना।

  • महिला को समिति का झांसा, ठेलेवाले ने उड़ाए 5.40 लाख रुपए और हुआ गायब

    रायपुर 
    सब्जी विक्रेता बनकर भरोसा जीतने के बाद अपना सहारा जन सेवा कल्याण समिति के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले आरोपी राजू बाघ के खिलाफ टिकरापारा पुलिस ने धोखाधड़ी, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज किया है। 38 वर्षीय पीड़िता पुष्पा नामदेव उर्फ डॉली नामदेव की शिकायत पर यह एफआइआर दर्ज की गई है।

    संस्था में निवेश का दिया लालच
    साल 2024 में पीड़िता की पहचान मोती नगर सामुदायिक भवन के पास सब्जी का ठेला लगाने वाले आरोपी राजू बाघ से हुई। आरोपी ने खुद को अपना सहारा जन सेवा कल्याण समिति नामक संस्था का संचालक बताते हुए पीड़िता को यह बताया कि संस्था स्किल डेवलपमेंट कर रोजगार देती है और प्रॉफिट कमाकर सदस्यों में बांटती है। राजू बाघ के झांसे में आकर पीड़िता संस्था की सदस्य बन गई और मार्च–अप्रैल 2024 में आरोपी के फोन-पे नंबर पर एक लाख रुपये जमा किए।
     
    थोड़ा सा प्रॉफिट दिखाकर भरोसा जीता, फिर पैसे लेकर फरार
    शिकायत के अनुसार, आरोपी ने बीच-बीच में छोटी रकम प्रॉफिट बताकर भेजी, जिससे पीड़िता का विश्वास बढ़ा और उसने और पैसा लगा दिया। बाद में आरोपी अचानक घर खाली कर गायब हो गया और अपना मोबाइल नंबर भी बंद कर दिया।
    पूछताछ में पीड़िता को पता चला कि कोई संस्था वास्तव में संचालित ही नहीं होती, न रोजगार दिया जाता है और न ही कोई मुनाफा कमाया जाता है। इस प्रकार वह ठगी का शिकार हुई।
    इकरारनामा बनवाकर भी नहीं लौटाए रुपये
    दिसंबर 2024 में दोनों के बीच लेनदेन को लेकर लिखित इकरारनामा भी हुआ, जिसमें आरोपी ने 5,40,000 रुपये वापस देने की बात मानी। लेकिन आरोपी ने अब तक राशि नहीं लौटाई।
     आरोपी ने महिला को जान से मारने की दी धमकी
    रकम मांगने पर राजू बाघ ने पीड़िता को अश्लील गाली-गलौज दी और कहा कि पैसा नहीं दूंगा, जो करना है कर लो। कोर्ट जाने पर उठवा दूंगा और रायपुर में कहीं भी रहोगी तो जान से मरवा दूंगा।
    आरोपी द्वारा अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह समिति में सदस्य बनाने और मुनाफा दिलाने के नाम पर ठगने की जानकारी सामने आई है। 

  • धान से मिले पैसों से खुद के लिए वाहन खरीदेंगे-किसान गंगाराम

    रायपुर,

    खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 हेतु धान खरीदी का शुभारंभ अवसर पर जशपुर जिले के गम्हरिया चौक स्थित धान खरीदी केंद्र में ग्राम झीलिंग के किसान गंगा यादव ने सर्वप्रथम अपना धान विक्रय किया। उन्होंने कहा कि धान से मिले पैसों से खुद के लिए वाहन खरीदूंगा l

            किसान गंगा यादव ने बताया कि उन्होंने पिछले वर्ष लगभग 150 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर बेचा था, जिससे प्राप्त लाभ से उन्होंने एक दुकान की शुरुआत कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना। उन्होंने कहा कि इस वर्ष वे वाहन क्रय करने की योजना बना रहे हैं। यादव ने शासन द्वारा खरीदी केंद्रों में की गई सुविधाओं की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र में सभी व्यवस्थाएँ सुव्यवस्थित रूप से उपलब्ध हैं, जिससे किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।

           शासन के निर्देशानुसार जिले के सभी धान उपार्जन केंद्रों में माइक्रो-एटीएम सुविधा, टोकन ‘तुंहर द्वार’ व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं, ताकि किसानों को धान विक्रय प्रक्रिया में आसानी और पारदर्शिता मिल सके।

        मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार प्रदेशभर में 15 नवम्बर से धान खरीदी का कार्य सुचारू रूप से प्रारंभ हो गया है। जशपुर जिले मे किसी भी समिति में किसानों को तकलीफ नहीं है l आसानी से टोकन मिल रहा है और किसान निर्धारित दिवस धान समिति में लेकर आ रहे हैं l

  • तलाक मामले में हाईकोर्ट की टिप्पणी: वैवाहिक संबंधों से इनकार को मानसिक क्रूरता माना

    बिलासपुर

    हाईकोर्ट ने तलाक से जुड़े अपने महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि पत्नी का पति को शारीरिक संबंध बनाने से रोकना मानसिक क्रूरता है. मामले में हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के आदेश को खारिज करते हुए पति की अपील पर तलाक मंजूर कर लिया है.

    जस्टिस रजनी दुबे और जस्टिस ए के प्रसाद के डिवीजन बेंच ने अपने फैसले में कहा कि 11 साल लंबे अलगाव और पत्नी की शारीरिक संबंध के लिए अनिच्छा मानसिक क्रूरता मानी जाएगी. मामले में पति को अपनी पत्नी को दो महीने के अंदर 20 लाख रुपए स्थायी गुजारा भत्ता देना होगा.

    दरअसल, अंबिकापुर के रहने वाले 45 साल वर्षीय व्यक्ति की शादी 30 मई 2009 को रायपुर की रहने वाली महिला के साथ हिंदू रीति- रिवाजों से हुई थी. पति का आरोप है कि उसकी पत्नी शादी के एक महीने बाद ही उसे छोड़कर मायके चली गई. जिस पर उन्होंने फैमिली कोर्ट में हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13(1)(i-a) के तहत तलाक की मांग करते हुए आवेदन प्रस्तुत किया.

    पति ने बताया कि 2013 में अंबिकापुर में उसकी पत्नी कुछ दिन साथ रही. लेकिन शारीरिक संबंध बनाने से मना करती रही. महिला ने अपने पति को यह भी धमकी दी कि वो शारीरिक संबंध बनाएगा तो सुसाइड कर लेगी. पत्नी मई 2014 से मायके में रह रही है, और पति के लगातार प्रयासों के बावजूद वापस नहीं लौटी. केस दर्ज होने के बाद भी उसने कभी अपने पति से संपर्क नहीं किया. इसके साथ ही परिवार के किसी खुशी या दुख के अवसर पर शामिल नहीं हुई.

    वहीं पत्नी ने अपने पति के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उसके पति एक साध्वी के भक्त हैं, और योग साधना में लीन रहने के कारण वैवाहिक संबंधों में रुचि नहीं रखते थे. उसने आरोप लगाया कि पति बच्चे नहीं चाहते थे. उन्होंने पति पर मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया. पत्नी ने पहले वैवाहिक अधिकारों की बहाली के लिए अर्जी भी लगाई, लेकिन बाद में उसे वापस ले लिया.

    दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैमिली कोर्ट ने पति की अर्जी को खारिज कर दी. जिसके बाद पति ने फैमिली कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अपील की, जिसमें उन्होंने बताया कि फैमिली कोर्ट ने उनके तर्कों को सुने बगैर ही तलाक की अर्जी को खारिज किया है. साथ ही कहा कि वैवाहिक जीवन जीने के लिए पत्नी का साथ होना जरूरी है.

    मामले में हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों के बयान और रिकॉर्ड को देखते हुए पाया कि पति-पत्नी 11 साल से अलग रह रहे हैं. पत्नी ने क्रॉस एग्जामिनेशन में खुद स्वीकार किया कि वह अब पति के साथ वैवाहिक जीवन जारी नहीं रखना चाहती. कोर्ट ने कहा कि इतने लंबे अलगाव और संबंधों में लौटने से स्पष्ट इनकार को मानसिक क्रूरता माना जाएगा. मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद डिवीजन बेंच ने पति की तलाक की अपील को स्वीकार कर ली है.

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर के सूर्या हॉफ मैराथन-2025 में नई दिल्ली से वर्चुअली जुड़कर दी बधाई

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को जबलपुर में सूर्या हॉफ मैराथन-2025 के तृतीय संस्करण की नई दिल्ली से वर्चुअली जुड़ कर आयोजन के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर जबलपुर में विद्यमान मध्य भारत एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेन्ट जनरल श्री पदम सिंह शेखावत और सूर्या हॉफ मैराथन के आयोजन से जुड़ी सेना की टीम और धावकों से वर्चुअली संवाद किया।

    लेप्टिनेन्ट जनरल श्री पी.एस. शेखावत ने बताया कि यह मैराथन जबलपुर को भारत के खेल मानचित्र पर उभारने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। समाज के सभी वर्गों, मुख्यत: युवा वर्ग में खेल कूद और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाना, जबलपुर को पर्यटन केन्द्र के रूप में बढ़ावा देना और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना भी मैराथन का उद्देश्य है।

    मैराथन से होने वाली आय का एक भाग दृष्टि बाधित केन्द्र के उत्थान को समर्पित किया जाएगा। इस मैराथन को क्रमश: 21, 10, 05 और 03 किलोमीटर श्रेणी में आयोजित किया गया। इसमें मध्यप्रदेश के अलावा अन्य राज्यों से भी विभिन्न आयु वर्गों के लगभग 10 हजार धावकों ने भाग लिया।

     

  • ‘Iey-Noge’ स्टाइल में पढ़ाते पकड़े गए टीचर का वीडियो वायरल, कार्रवाई करते हुए हुआ सस्पेंड

    अंबिकापुर
    छत्तीसगढ़ में बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर ब्लाक के प्राथमिक पाठशाला मचानडांड कोगवार के सहायक शिक्षक एलबी प्रवीण टोप्पो को निलंबित कर दिया गया है। प्रवीण पर आरोप है कि उन्हें अंग्रेजी में नोज(नाक), इयर (कान), आई (आंख) की सही स्पेलिंग तक नहीं आती। इतना ही नहीं दिनों के नाम और फादर, मदर, ब्रदर, सिस्टर की स्पेलिंग भी नहीं आती और वे कक्षा में बच्चों को गलत स्पेलिंग लिखना सिखा रहे थे। बकायदा ब्लैक बोर्ड में गलत लिखा भी था। उसी दौरान किसी ने वीडियो बना लिया। वीडियो वायरल होते ही शिक्षा विभाग ने जांच कराई। जांच में आरोप सही पाए जाने पर शिक्षक को निलंबित कर दिया गया।
     
    बलरामपुर जिले के प्राथमिक पाठशाला मचानडांड कोगवार के शिक्षक प्रवीण टोप्पो को बच्चों को पढ़ाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। इस वीडियो में शिक्षक, बच्चों को गलत स्पेलिंग लिखना सिखा रहे थे। उन्हें भी उन शब्दों की स्पेलिंग नहीं आती थी। वीडियो में शिक्षक Nose की जगह 'Noge', Ear की जगह 'Eare' और Eye की जगह 'ley' पढ़ाते दिख रहे थे। बच्चों को दिन के नाम, शरीर के अंगों के नाम और माता, पिता, भाई, बहन के अंग्रेजी शब्दों की स्पेलिंग भी ब्लैक बोर्ड पर गलत लिखकर दिया गया था।
     
    शिक्षा विभाग की हो गई किरकिरी
    यह वीडियो सामने आते ही शिक्षा विभाग की जमकर किरकिरी शुरू हो गई थी। शिक्षक की योग्यता और ज्ञान पर उठ रहे सवालों के बीच जिला शिक्षा अधिकारी एमआर यादव ने आरोपों की जांच कराई। संकुल समन्वयक को स्कूल भेजा गया। जांच में स्पष्ट हुआ कि बच्चों को गलत स्पेलिंग लिखना सिखाया गया है। इसी के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी ने सहायक शिक्षक प्रवीण टोप्पो को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

    इस विद्यालय में कुल 42 बच्चे हैं। यहां दो शिक्षकों की पदस्थापना थी। इनमें से एक को निलंबित कर दिया गया है। अभिभावकों ने बताया कि बच्चे अगर गलत स्पेलिंग सीखेंगे तो उनका भविष्य अंधेरे में जाएगा। कोगवार प्राइमरी स्कूल में दूसरे शिक्षक लाए जाएं, ताकि बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल सके।

  • राष्ट्र्रीय प्रेस दिवस: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पत्रकारों को दी हार्दिक शुभकामनाएं

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 1966 में आज ही के दिन हुई भारतीय प्रेस परिषद की स्थापना के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय प्रेस दिवस प्रति वर्ष 16 नवम्बर को मनाया जाता है। लोकतंत्र को मजबूत करने, समाज को नई दिशा देने और विकास को गति देने में पत्रकारिता जगत का महत्वपूर्ण योगदान है। यह दिवस स्वतंत्र और दायित्वपूर्ण प्रेस की भूमिका को समर्पित है।

     

  • अवैध धान ले जाते तीन वाहन पकड़े गए: 210 बोरी जब्त, सभी पर FIR दर्ज

    बलरामपुर

    छत्तीसगढ़ में एक बार फिर धान खरीदी के समय बिचौलिए सक्रिय हो चुके हैं. पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश से वाहनों में बड़ी मात्रा में धान का अवैध परिवहन किया जा रहा है. धान बिचौलियों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है. इसी कड़ी में वाड्रफनगर के चर्चरी गांव में तीन पिकअप वाहन से 210 धान बोरी पकड़ाया है. देर रात करीब 1:30 बजे खाद्य, मंडी और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने रेड मारकर यह कार्रवाई की है. मामले में सख्त एक्शन लेते हुए तीनों चालक और वाहन मालिक पर एफआईआर दर्ज की गई है.

    जानकारी के मुताबिक, गोपनीय सूचना के आधार पर वाड्रफनगर एसडीएम के निर्देश पर ग्राम चरचरी में अवैध धान परिवहन पर कार्रवाई की गई. रात लगभग 1:30 बजे. चरचरी में अवैध धान परिवहन करते तीन (03) पिकअप वाहनों को पकड़ा गया, जिसमें भारी मात्रा में धान लदा हुआ था. तीनों वाहनों में 70-70 बोरी लदे हुए थे. पूछताछ में वाहन चालक ने बताया गया कि उक्त धान उत्तर प्रदेश राज्य से अवैध रूप से छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में स्थित धान खरीदी केन्द्र में अधिक मूल्य पर विक्रय के उद्देश्य से लाया जा रहा था.

    रात के अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले वाहन चालक
    पूछताछ के दौरान तीनों पिकअप के वाहन चालक रात के अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए. तीनों वाहन को थाना रघुनाथनगर में लाया गया और सुरक्षित अभिरक्षा में रखने के लिए टीआई को सुपुर्द किया गया. फिलाहास वाहन मालिक और चालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है.