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Bangladesh News: खालिदा जिया और शेख हसीना के बाद क्या जाइमा रहमान बनेंगी नई सियासी ताकत?

Bangladesh News: खालिदा जिया और शेख हसीना के बाद क्या जाइमा रहमान बनेंगी नई सियासी ताकत?

Bangladesh News: खालिदा जिया और शेख हसीना के बाद क्या जाइमा रहमान बनेंगी नई सियासी ताकत?

बांग्लादेश में आगामी चुनावों से पहले राजनीति में हलचल तेज़ है और इस बार चर्चा का केंद्र एक नया नाम बनकर उभरा है—जाइमा रहमान। 30 साल की जाइमा, पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की पोती और तारिक रहमान की बेटी हैं। शेख हसीना और खालिदा जिया के लंबे राजनीतिक दौर के बाद अब माना जा रहा है कि जाइमा बांग्लादेश की राजनीति में एक अहम भूमिका निभा सकती हैं।

तारिक रहमान की वापसी के बाद बढ़ी चर्चाएं

तारिक रहमान की करीब 17 साल बाद बांग्लादेश वापसी के बाद सियासी सरगर्मियां और तेज़ हो गई हैं। उनकी पत्नी जुबैदा रहमान और बेटी जाइमा के साथ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। इन तस्वीरों और हालिया गतिविधियों के बाद यह अटकलें तेज़ हैं कि जाइमा जल्द ही सक्रिय राजनीति में कदम रख सकती हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) इस बार चुनाव में मज़बूत स्थिति में दिख रही है और सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर सकती है।

पिता के साथ दिखीं, बैठकों में बढ़ी मौजूदगी

जाइमा रहमान अब नियमित तौर पर BNP की बैठकों और राजनीतिक कार्यक्रमों में पिता तारिक रहमान के साथ नज़र आ रही हैं। बांग्लादेश में युवा और महिला मतदाताओं की बड़ी संख्या को देखते हुए उनकी मौजूदगी पार्टी के लिए फायदेमंद मानी जा रही है।
खास बात यह है कि हालिया राजनीतिक उथल-पुथल में छात्रों और युवाओं की भूमिका अहम रही है। ऐसे में BNP की रणनीति साफ है—युवाओं को जोड़कर वोटों के बिखराव को रोकना और कट्टरपंथी ताकतों को सत्ता से दूर रखना।

पेशे से बैरिस्टर, साफ-सुथरी छवि

30 साल की जाइमा रहमान पेशे से बैरिस्टर हैं। उन्होंने लंदन की क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई की है और बांग्लादेश में इंटरनेशनल स्कूल ऑफ ढाका से शुरुआती शिक्षा हासिल की।
उनकी पढ़ी-लिखी और साफ छवि उन्हें युवा वोटरों के बीच लोकप्रिय बना सकती है। उन्होंने ढाका के कैंटोनमेंट इलाके में भी काफी समय बिताया है और बाद में पिता के साथ लंदन चली गई थीं।

फेसबुक पोस्ट ने दिया सियासी संकेत

जाइमा की एक फेसबुक पोस्ट ने उनकी राजनीतिक एंट्री की चर्चाओं को और हवा दी। उन्होंने लिखा कि “मैं कभी अपनी जड़ों को नहीं भूली हूं और बांग्लादेश के पुनर्निर्माण में अहम भूमिका निभाना चाहती हूं।” इस बयान को कई लोग सक्रिय राजनीति में आने का इशारा मान रहे हैं।

चुनाव आयोग पहुंचीं, वोटर के तौर पर पंजीकरण

हाल ही में जाइमा, पिता तारिक रहमान के साथ बांग्लादेश चुनाव आयोग के कार्यालय भी गईं, जहां उन्होंने खुद को वोटर के रूप में पंजीकृत कराया। इससे पहले 2021 में भी वह चर्चा में आई थीं, जब अवामी लीग के एक नेता की आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हुआ था।

विदेश से भी निभा रहीं राजनीतिक भूमिका

जाइमा ने विदेश में रहते हुए भी BNP की कई वर्चुअल बैठकों में हिस्सा लिया है और प्रवासी बांग्लादेशी वोटरों से संवाद किया है। यही वजह है कि माना जा रहा है कि भले ही औपचारिक घोषणा न हुई हो, लेकिन उनकी राजनीतिक पारी की शुरुआत हो चुकी है।

बांग्लादेश की राजनीति में महिलाओं का दबदबा

पिछले करीब तीन दशकों से बांग्लादेश की राजनीति पर महिलाओं का वर्चस्व रहा है। शेख हसीना और खालिदा जिया ने लंबे समय तक सत्ता संभाली। ऐसे में अगर जाइमा रहमान राजनीति में उतरती हैं, तो यह विरासत की अगली कड़ी मानी जाएगी जो बांग्लादेश की सियासत को एक नया चेहरा और नई दिशा दे सकती है।

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