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मध्य प्रदेश

सोशल मीडिया पर था कांस्टेबल, कानून पर नजर थी कमिश्नर की—ड्यूटी में लापरवाही पर ₹500 फाइन

भोपाल
भोपाल में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने और रात्रि गश्त व्यवस्था को परखने के लिए पुलिस कमिश्नर हरिनारायणाचारी मिश्र शुक्रवार देर रात अचानक निरीक्षण पर निकले। टीटी नगर क्षेत्र में उन्होंने ड्यूटी प्वाइंट से नदारद दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। जबकि रील देख रहे एक जवान पर 500 रुपये का जुर्माना लगा दिया।

शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे पुलिस कमिश्नर रोशनपुरा नोडल प्वाइंट पहुंचे, तो यहां तैनात कार्यवाहक उप निरीक्षक शशि चौबे और कार्यवाहक प्रधान आरक्षक रविंद्र सिंह नदारद मिले। दोनों के अनुपस्थित मिलने पर इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए उन्हें मौके पर ही तत्काल निलंबित कर दिया गया। आदेश में कहा गया कि निर्धारित प्वाइंट पर अनुपस्थित रहना ड्यूटी की मूल भावना के खिलाफ है और किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं।
 
इसी दौरान ड्यूटी पर मौजूद सहायक उप निरीक्षक राजकुमार दुबे भी मोबाइल पर सोशल मीडिया में रील देखते हुए पाए गए। कमिश्नर ने कड़े स्वर में फटकार लगाते हुए उन पर 500 रुपये का दंड लगाया और स्पष्ट निर्देश दिया कि ड्यूटी के दौरान मोबाइल का अनावश्यक उपयोग सुरक्षा व्यवस्था को कमजोर करता है और इसे गंभीर लापरवाही माना जाएगा। कमिश्नर के इस औचक निरीक्षण ने विभाग में एक सख्त संदेश भेजा है कि रात की ड्यूटी में ढिलाई अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सुरक्षा को मजबूत रखने के लिए पुलिसकर्मियों को बेहतर अनुशासन और जिम्मेदारी का पालन करना होगा।

इधर… पार्किंग के बाहर खड़ी बाइक चुराते थे, चेकिंग में पकड़े गए
गोविंदपुरा पुलिस ने बाइक चोरी के गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपित बाजारों की पार्किंग के बाहर खड़ी बाइकों को निशाना बनाते थे। वे चोरी की बाइकों की नंबर प्लेट निकालकर उनका उपयोग करते थे। साथ ही सस्ते दामों पर दूसरे शहरों में बेच देते थे।

आरोपितों के पास से पुलिस ने चोरी की 13 बाइकें जब्त की हैं। गोविंदपुरा थाना प्रभारी अवधेश सिंह तोमर ने बताया कि 10 नवंबर को शक्ति नगर निवासी रितिक जैन ने बाइक चोरी की शिकायत की थी, जिस पर केस दर्ज किया गया था।

पिछले दिनों पुलिस को चेकिंग प्वाइंट के पास एक संदिग्ध बाइक चालक वसीम खान दिखा तो पूछताछ की और दस्तावेज मांगे। वह नहीं दिखा पाया, पूछताछ में उसने चोरी की बात स्वीकार की। उसने गिरोह में आसिफ अली व सुलेमान खान का शामिल होना बताया।

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