DPR छत्तीसगढ समाचारकांकेर जिला (उत्तर बस्तर)छत्तीसगढ़

CG : पटाखों दुकानों में आग से बचाव हेतु परामर्श जारी

उत्तर बस्तर कांकेर, जिले में संचालित समस्त स्थायी एवं अस्थायी पटाखा दुकानों में आग से बचाव के लिए नगर सेना, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं तथा एसडीआरएफ मुख्यालय रायपुर से परामर्श जारी किया गया है। जारी की गई एडवायजरी के अनुसार पटाखा दुकान किसी भी ज्वलनशील पदार्थ जैसे कपड़ा, बांस रस्सी, टेंट इत्यादि का न होकर अज्वलनशील सामग्री से बने टिन शेड द्वारा निर्मित होना चाहिए। पटाखा दुकान एक दूसरे से कम से कम 3 मीटर की दूरी पर एवं एक दूसरे के सामने न बनाई जाए। पटाखा दुकानों में प्रकाश व्यवस्था हेतु किसी भी प्रकार के तेल लैप, गैस लैप एवं खुली बिजली बत्ती का प्रयोग प्रतिबंधित होना चाहिए। किसी भी पटाखा दुकान से 50 मीटर के अंदर आतिशबाजी प्रदर्शन प्रतिबंधित होनी चाहिए। विद्युत तारों में ज्वाइन्ट खूला नहीं होना चाहिए एवं प्रत्येक मास्टर स्विच में फ्यूज या सर्किट ब्रेकर लगा होना चाहिए, जिससे शार्ट सर्किट की स्थिति में विद्युत प्रवाह स्वतः बंद हो जाए। दुकानें ट्रांसफार्मर के पास न हो और उसके ऊपर से हाई टेंशन पावर लाईन न गुजरती हो। प्रत्येक पटाखा दुकान में 5 किलोग्राम क्षमता का डीसीपी अग्निशामक यंत्र होना चाहिए। इसकी मारक क्षमता 6 फीट की होती है। दुकानों के सामने कुछ अंतराल में 500 लीटर क्षमता के ड्रम की व्यवस्था बाल्टियों के साथ होनी चाहिए। पटाखा दुकानों के सामने बाईक, कार की पार्किंग प्रतिबंधित होना चाहिए। अग्निशमन वाहन एवं एम्बुलेंस का फोन नंबर, दुकान परिसर के कुछ स्थानों में लगाया जाए तथा अग्निशमन वाहन के मूवमेंट के लिए पर्याप्त स्थान होना चाहिए। जांच के दौरान उक्त नियमों का पालन नहीं पाए पर छत्तीसगढ़ अग्निशमन नियमावाली 2021 तहत् कार्यवाही किया जाएगा।

दीपावली पर्व पर अग्नि सुरक्षा उपायों के संबंध में सावधानियां बरतने की अपील
जिला सेनानी एवं जिला अग्निशमन अधिकारी नगर सेना ने जिले के नागरिकों से दीपावली पर्व पर अग्नि सुरक्षा उपायों के संबंध में सावधानियां बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि  लायसेंस प्राप्त विक्रेताओं से ही पटाखे खरीदें। साथ ही यह सुनिश्चित करें कि आप गुणवत्ता वाले पटाखे खरीद रहे हैं, जो दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने के लिए अनुमोदित हो। इमारती, वाहनों और ज्वलनशील पदार्थों से दूर पार्क, बड़े मैदान जैसे खुले स्थानों में पटाखे जलाएं। पटाखे जलाते समय संभावित आपातकालीन स्थिति के लिए पानी की बाल्टी निकट रखें। आग से संबंधित चोटों के जोखिम को कम करने के लिए सूती वस्त्र पहनने को प्राथमिकता दें, क्योंकि सिंथेटिक कपड़े आसानी से आग पकड़ सकता है। पटाखे जलाते समय बच्चों की निगरानी के लिए हमेशा एक व्यस्क को साथ रखें। पटाखे फोड़ने के बाद इस्तेमाल किये गये पटाखों का पानी की बाल्टी में सुरक्षित तरीके से निपटान करें ताकि किसी बची हुई चिंगारी से अग्नि दुर्घटना न हो। एक बार में एक ही पटाखें जलाएं, आग लगने की आशंका को देखते हुए एक साथ कई पटाखे जलाने से बचें। पटाखें में आग लगाने के बाद उससे सुरक्षित दूरी रखें। पटाखें जलाते समय हमेशा हवा की दिशा को ध्यान में रखें, जिससे उसकी चिंगारी घरों या व्यक्तियों की ओर न उड़े।

क्या न करें –
घर के अंदर, खिड़कियों के पास या अन्य बंद स्थानों पर कभी पटाखे न जलाएं। पटाखे जलाते समय ढीले या लटकने वाले वस्त्र पहनने से बचें क्योंकि वे असानी से आग पकड़ सकता है। ज्वलनशील पदार्थों के पास पटाखों का उपयोग न करें पटाखों को सुखी पत्तियों, गैस सिलेण्डर या वाहनों जैसी वस्तुओं से दूर रखें। यदि कोई पटाखा जलने में विफल रहता है तो उसे पुनः जलाने का प्रयास न करें. अपितु कुछ देर प्रतीक्षा करने के उपरांत उसका सुरक्षित रूप् निपटान करें। पटाखें ऐसे स्थानों में न जलाएं जो आग लगने की स्थिति में आपातकालीन निकास मार्ग को अवरूध कर सकते हैं। तेल के दीयों या मोमबत्तियों को जलते हुए उपेक्षित न छोडें, विशेष रूप से पर्दा या ज्वलनशील पदार्थों के पास। किसी भी तरह की चोट लगने या जलने पर तुरंत चिकित्सक की सलाह लें तथा उचित मार्गदर्शन के बिना घरेलू उपचार न करें।

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lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.