छत्तीसगढ़कोरबा जिला

CG : बिहान से सशक्त हो रहीं ग्रामीण महिलाएं, स्व सहायता समूह से जुड़कर बना रहीं अपनी अलग पहचान…

संघर्ष से सफलता तकः सावित्री उरांव की प्रेरक कहानी

कोरबा । राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित बिहान कार्यक्रम प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिलाओं को स्व सहायता समूहों के माध्यम से संगठित कर उन्हें प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसका परिणाम यह है कि आज ग्रामीण महिलाएं न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि समाज में एक नई पहचान भी बना रही हैं। कोरबा जिले में भी बिहान से अनेक महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रही हैं।

इसी कड़ी में विकासखंड करतला के ग्राम सरगबुंदिया की निवासी सावित्री उरांव आज ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की प्रेरक मिसाल बनकर उभरी हैं। एक समय ऐसा था जब सीमित आय, आर्थिक असुरक्षा और स्थायी आजीविका के अभाव के कारण उनका जीवन संघर्षों से घिरा हुआ था। परिवार की जिम्मेदारियों के बीच संसाधनों की कमी के कारण जीवनयापन कठिन हो रहा था। ऐसे समय में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित स्व सहायता समूह से जुड़ना उनके जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ, जिसने उनके भीतर आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की नई आशा जगाई।

बिहान कार्यक्रम के तहत उरांव को समय-समय पर वित्तीय साक्षरता, समूह प्रबंधन, उद्यम विकास और आजीविका संवर्धन से संबंधित विभिन्न प्रशिक्षण प्रदान किए गए। इन प्रशिक्षणों ने उन्हें केवल तकनीकी ज्ञान ही नहीं दिया, बल्कि आत्मनिर्भर बनने, निर्णय लेने और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का आत्मविश्वास भी प्रदान किया।

जिला प्रशासन एवं एनआरएलएम के सहयोग से उनके स्व सहायता समूह को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा गया, जिसके अंतर्गत समूह को रिवॉल्विंग फंड, सामुदायिक निवेश निधि तथा बैंक ऋण की सुविधा प्राप्त हुई। इस वित्तीय सहयोग और प्रशिक्षण का लाभ उठाते हुए उन्होंने अपने व्यवसाय का विस्तार किया। वर्तमान में वे कपड़ों के व्यापार सहित का सफलतापूर्वक संचालन कर रही हैं। उनके निरंतर परिश्रम, सही मार्गदर्शन और समय पर मिली वित्तीय सहायता का परिणाम है कि आज उनकी वार्षिक आय लगभग 8 लाख रुपये तक पहुंच चुकी है।

इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है और बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण के साथ-साथ सामाजिक सम्मान में भी वृद्धि हुई है। आज वो न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं, बल्कि सामाजिक रूप से भी एक मजबूत नेतृत्वकर्ता के रूप में उभरी हैं। वे अपने गांव की अन्य महिलाओं को स्व सहायता समूहों से जुड़ने, बचत की आदत अपनाने और स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन कोरबा को देती हैं। उनका कहना है कि समय पर प्रशिक्षण, वित्तीय सहयोग और प्रशासन के मार्गदर्शन ने उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दिया।

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lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.