
CG : बस में आर्मी मैन के परिजन के साथ दुर्व्यवहार, बीच रास्ते में छोड़ने का आरोप …
दंतेवाड़ा। रायपुर से दंतेवाड़ा आ रही एक यात्री बस के चालक ने बच्ची को बाथरूम करवाने उतरी आर्मी जवान की पत्नी और उसकी बच्ची को बीच राह ही छोड़ दिया। जब इसकी खबर आदिवासी समाज को मिली तो बस चालक की इस लापरवाही के खिलाफ मंगलवार 17 फरवरी की रात जगदलपुर-बीजापुर नेशनल हाईवे 63 पर गीदम में सर्व आदिवासी समाज ने चक्काजाम कर दिया। गीदम थाने के सामने जमकर हंगामा हुआ। करीब 1 घंटे तक सड़क जाम रही।
हालांकि, पुलिस की समझाइश के बाद किसी तरह से जाम खोला गया। वहीं आदिवासी समाज ने ड्राइवर और कंडकर के खिलाफ FIR दर्ज करने और मानसिक प्रताड़ना के लिए 25 हजार रुपए देने की मांग की है। देर रात विवाद शांत हो गया। जिसके बाद मार्ग खुलने से वाहनों की आवाजाही शुरू हुई।
दंतेवाड़ा जिले के मोफलनर ग्राम पंचायत की रहने वाली लक्ष्मी तर्मा ने कहा कि वो अपने पति और दो बच्चों के साथ महिंद्रा ट्रेवल्स की बस से रायपुर से दंतेवाड़ा आ रही थी। इसी बीच कुरूद और कांकेर के बीच बच्ची को पेशाब लगा। बार-बार बस चालक से कहने पर वह बस नहीं रोक रहा था। एक जगह सवारी उतारने के लिए बस रोका था, जहां वह बच्ची को लेकर बस से नीचे उतर गई।
इस बात की जानकारी बस के चालक और कंडक्टर को भी दी। वहीं सवारी उतारने बाद बस चालक बस रवाना करके कांकेर की तरफ ले गया। महिला अपनी बच्ची के साथ पीछे रह गई। वहीं उसका पति और बच्चा बस में ही सो रहे थे। जब कुछ दूरी पर गए तो उसने फोन के माध्यम से अपने पति को इसकी जानकारी दी।
इसके बाद बस कांकेर में रुकी। महिला अपनी बच्ची के साथ दूसरी बस में बैठकर कांकेर तक पहुंची। इसके बाद इसी महिंद्रा ट्रेवल्स की बस से गीदम तक आए। वहीं इसकी जानकारी ग्राम पंचायत के सरपंच समेत आदिवासी समाज को भी दी गई।
हालांकि, इसकी भनक बस के ड्राइवर और कंडक्टर को मिल गई थी। इसके बाद उसने गीदम पहुंचते ही बस को पुलिस थाना के सामने खड़ा कर दिया। जहां पर आदिवासी समाज के लोग भी मौके पर पहुंच गए। कुछ देर तक पुलिस थाने के बाहर गहमागहमी का माहौल था। हालांकि बाद में आदिवासी समाज के लोगों ने जगदलपुर-बीजापुर नेशनल हाईवे पर पुलिस थाना के पास ही चक्का जाम कर दिया।





