DPR छत्तीसगढ समाचार

CG : बस्तर में जनजातीय सशक्तिकरण की नई लहर

संसदीय संकुल विकास परियोजना से बदलेगी वनांचल की सूरत

जगदलपुर, बस्तर के जनजातीय क्षेत्रों में आर्थिक स्वावलंबन और स्थानीय कौशल को बढ़ावा देने के लिए आज जिला वनोपज सहकारी यूनियन मर्यादित जगदलपुर में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य केंद्र संसदीय संकुल विकास परियोजना रहा, जिसके माध्यम से स्थानीय जनजातीय समुदायों के सशक्तिकरण की दिशा में ठोस कार्ययोजना तैयार की गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत बस्तर संसदीय क्षेत्र के स्थानीय निवासियों को उनकी रुचि और कौशल के आधार पर उनके ही गांव या क्लस्टर में रोजगार के नवीन अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।

परियोजना के क्रियान्वयन के लिए बस्तर संसदीय क्षेत्र में नए वनधन विकास केंद्रों की स्थापना को प्राथमिकता दी जा रही है, जिसके लिए कोलेंग, कोलावल, जैबेल (गौराबहार), तिरिया एवं नेतानार जैसे क्लस्टर स्थलों का चयन किया गया है। इन केंद्रों के विस्तार की रणनीति इस प्रकार तैयार की गई है कि प्रत्येक वनधन केंद्र से 15 स्व-सहायता समूहों के लगभग 300 सदस्यों को जोड़ा जा सके। इन सदस्यों को वनोपज संग्रहण, प्राथमिक प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन जैसे तकनीकी कार्यों में सम्मिलित कर उन्हें आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाया जाएगा।  

इस पूरी प्रक्रिया को धरातल पर उतारने के लिए दरभा, छिंदगांव, जैबेल, नानगुर एवं कुरंदी की प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के प्रबंधकों को विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया है। बैठक में जिला यूनियन के उप प्रबंध संचालक, सांसद बस्तर के प्रतिनिधि, जिला यूनियन के समस्त प्राथमिक समिति प्रबंधक, सीनियर एक्सीक्यूटिव और कार्यालयीन कर्मचारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने क्षेत्र के विकास की इस साझा रूपरेखा पर अपनी सहमति व्यक्त की।

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