
CG : छात्र की हत्या कर शव तालाब में फेंका, न्याय की गुहार लगा रहे परिजन…
बिलासपुर। गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी के बीएससी तृतीय वर्ष के छात्र अर्सलान अंसारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद मामला गंभीर होता जा रहा है। बिहार के सारण जिले से पहुंचे परिजन पिछले दो दिनों से बिलासपुर में न्याय की गुहार लगा रहे हैं। परिजन न केवल बेटे का सामान लेने के लिए घूम रहे हैं, बल्कि उन्होंने साफ तौर पर आरोप लगाया है कि अर्सलान की मौत हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है। इसके साथ ही यूनिवर्सिटी प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
21 वर्षीय अर्सलान अंसारी 21 अक्टूबर से हॉस्टल से रहस्यमय तरीके से गायब था। दो दिन बाद 23 अक्टूबर को उसकी लाश यूनिवर्सिटी कैंपस के बांधा तालाब में संदिग्ध परिस्थितियों में मिली। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने इसे साधारण डूबने का मामला माना, लेकिन शव परीक्षण और वैज्ञानिक रिपोर्टों ने इस मामले को और उलझा दिया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने बड़ा खुलासा किया था। छात्र के सिर पर अंदरूनी गहरी चोट को मौत का मुख्य कारण बताया गया। इसके बाद आई डाइटम परीक्षण रिपोर्ट में भी स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि अर्सलान की मृत्यु पानी में डूबने से पहले ही हो चुकी थी। इस वैज्ञानिक साक्ष्य ने परिवार के संदेह को और मजबूत किया है कि छात्र की हत्या की गई और बाद में शव तालाब में फेंका गया। इसके बावजूद पुलिस ने शुरुआती कार्रवाई में केवल यूनिवर्सिटी प्रबंधन पर लापरवाही का मामला दर्ज कर इतिश्री करने की कोशिश की।
परिजनों और स्थानीय लोगों ने इस पर आपत्ति जताते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। घटना के कई दिनों बाद भी पुलिस द्वारा यूनिवर्सिटी के जिम्मेदार अधिकारियों की गिरफ्तारी नहीं की गई है। इस बीच एसएसपी रजनेश सिंह ने डाइटम रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक दस्तावेजों के आधार पर हत्या की धारा जोड़कर आगे की जांच करने की बात कही है। परिजनों ने इसे स्वागत योग्य कदम बताया, लेकिन साथ ही कहा कि बिना गिरफ्तारी और ठोस कार्रवाई के न्याय अधूरा है। बिहार से बिलासपुर पहुंचे अर्सलान के पिता अय्यूब अंसारी, मां यास्मीन अंसारी और परिजन दो दिन से यूनिवर्सिटी प्रबंधन के चक्कर लगा रहे थे। रविवार को वे दोबारा यूनिवर्सिटी पहुंचे और पहले उस तालाब पहुंचे, जहां अर्सलान का शव मिला था। वहां मां यास्मीन का दिल दहल उठा। उन्होंने कहा कि उनके बेटे की डूबकर मौत होना असंभव है और यह घटना किसी साजिश का परिणाम है। वह किसी भी कीमत पर बेटे को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखेंगी।
इसके बाद परिजन हॉस्टल के उस कमरे में पहुंचे, जहां अर्सलान रहता था। वहां से उन्होंने उसके कपड़े, किताबें, कॉपियां और अन्य सामान लिया। इस दौरान उनकी भावनाएं बार-बार उमड़ आईं। परिजनों ने पुलिस टीम से बातचीत की और पोस्टमॉर्टम, बिसरा, एफएसएल और अन्य जांच रिपोर्ट की प्रतियां मांगीं। पुलिस ने उन्हें पीएम रिपोर्ट उपलब्ध करवाई, जबकि शेष दस्तावेजों के लिए एसपी कार्यालय में आवेदन करने को कहा गया है। सोमवार को परिजन एसएसपी रजनेश सिंह से मुलाकात करेंगे और हत्या की धारा में दर्ज मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग करेंगे। परिजनों का कहना है कि यदि पुलिस गंभीरता नहीं दिखाती है, तो वे उच्चाधिकारियों और मीडिया के माध्यम से न्याय की लड़ाई को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाएंगे। अर्सलान की संदिग्ध मौत ने गुरु घासीदास यूनिवर्सिटी की सुरक्षा व्यवस्था, हॉस्टल प्रबंधन और प्रशासनिक लापरवाही पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजन चाहते हैं कि सच सामने आए और दोषियों को कड़ी सजा मिले, ताकि भविष्य में किसी और छात्र के साथ ऐसी घटना न हो।


