
CG : हिंदी दिवस पर व्याख्यान और काव्य गोष्ठी का आयोजन…
रायपुर । हिंदी दिवस के अवसर पर कान्यकुब्ज साहित्य परिषद की ओर से रविवार शाम आशीर्वाद भवन सभागार में भव्य व्याख्यान एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती की वंदना से हुई।
इस मौके पर हिंदी साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, साहित्यकार गिरीश पंकज, शिक्षाविद डॉ. सुधीर शर्मा, पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र पांडे समेत बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी और हिंदी समर्थक उपस्थित रहे।
हिंदी की महत्ता पर चर्चा
मुख्य अतिथि शशांक शर्मा ने कहा कि हिंदी सिर्फ भाषा नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न अंग है। डॉ. सुधीर शर्मा ने हिंदी के ऐतिहासिक विकास पर प्रकाश डाला। गिरीश पंकज ने हिंदी के सामने बढ़ती चुनौतियों पर चर्चा करते हुए युवाओं से भाषा के व्यापक प्रयोग का आह्वान किया। पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र पांडे ने मातृभाषा में शिक्षा के महत्व पर बल दिया। संयोजक अजय अवस्थी ने कहा कि डिजिटल युग में हिंदी को तकनीकी उपकरणों और अनुप्रयोगों में और मजबूती से जोड़ा जाना चाहिए।
सभा अध्यक्ष सुरेश मिश्र ने घोषणा की कि परिषद आने वाले समय में साहित्य के लिए बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करेगी तथा पं. रविशंकर शुक्ल पर अभिनंदन ग्रंथ और उनके समग्र साहित्य का संकलन प्रकाशित करेगी।
कवियों की भावनात्मक प्रस्तुतियाँ
व्याख्यान के बाद काव्य गोष्ठी हुई, जिसमें कवियों ने हिंदी, राष्ट्रप्रेम और सामाजिक सद्भाव पर अपनी रचनाएँ प्रस्तुत कीं। सीमा पांडे ने “हिंदी दिवस” पर व्यंग्यात्मक कविता से श्रोताओं को भावुक किया। सुरेंद्र अग्निहोत्री ‘आगी’ ने हिंदी को पहचान और स्वाभिमान की भाषा बताते हुए जोशीले स्वर में प्रस्तुति दी। श्रद्धा पाठक की संवेदनशील रचना ने तालियाँ बटोरी। सुमन शर्मा बाजपेयी, सोनाली अवस्थी, ममता त्रिवेदी, प्रीति मिश्रा और रवींद्र शर्मा ने भी प्रभावी काव्य पाठ किया।गोष्ठी का संचालन डॉ. सीमा अवस्थी ने किया।
कवियों का सम्मान और संकल्प
अंत में सचिव राजेश दीक्षित ने कवियों को सम्मानित करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन हिंदी को जन-जन तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। सह सचिव अनुराग पांडे और परिषद के अन्य पदाधिकारियों ने भी कवियों और अतिथियों का सम्मान किया।
कार्यक्रम में उपस्थित समाज के कई लोगों और वर्ल्ड ब्राह्मण फेडरेशन के प्रतिनिधियों ने हिंदी के प्रचार-प्रसार में योगदान देने का संकल्प लिया।






