
CG : जिले के केरेगांव परिक्षेत्र में वन विभाग एवं अर्थ रिट्रीट फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में एक विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया…
वनवासियों से जैव विविधता बचाने का आह्वान
धमतरी । जिले के केरेगांव परिक्षेत्र में शनिवार को वन विभाग एवं अर्थ रिट्रीट फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में एक विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य घने जंगलों में निवास करने वाले वनवासियों को जंगल के जीवन, जैव विविधता और आंखों से दिखाई न देने वाले सूक्ष्म जीवों के संरक्षण के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम में अर्थ रिट्रीट फाउंडेशन की संस्थापक अनुभा द्विवेदी ने ग्रामीणों से जंगल और पर्यावरण की रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने लोकनृत्य, चित्रकला और वृक्षारोपण के माध्यम से ग्रामीणों को जोड़ा और बताया कि बांस से विभिन्न उपयोगी उत्पाद बनाकर वन ग्रामों की महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकती हैं। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में वन क्षेत्रों की महिलाओं की भूमिका बेहद अहम है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे धमतरी वन मंडलाधिकारी जाधव कृष्णा ने कहा कि जैव विविधता संरक्षण, उसके महत्व को समझाने और जैव विविधता प्रबंधन समिति (BMC) को सशक्त बनाने के उद्देश्य से यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों को विभिन्न प्रशिक्षणों के माध्यम से सतत जागरूकता विकसित करने पर जोर दिया।
इस अवसर पर प्रशिक्षु आईएफएस एम. यादव, संयुक्त वन मंडलाधिकारी मनोज विश्वकर्मा, जनपद अध्यक्ष नगरी महेश गोटा, जनपद सदस्य कुकरेल चंद्रकला साहू, सरपंच केरेगांव अकबर मंडावी, सरपंच डोकाल देवचंद उइके, एसीएफ प्रभारी रेंजर डिकेन्द्र नेताम, परिक्षेत्र अधिकारी ओमकार सिन्हा सहित वन प्रबंधन समिति के अध्यक्ष, फायर वॉचर और वन सुरक्षा श्रमिक उपस्थित रहे।
अभियान को प्रभावी और जनसुलभ बनाने के लिए कला चित्रों, पोस्टरों और पेंटिंग्स के माध्यम से संदेश दिया गया, वहीं लोकनृत्य प्रस्तुतियों के जरिए सरल भाषा में पर्यावरण संरक्षण का संदेश पहुंचाया गया। इन नवाचारों के चलते ग्रामीणों की सहभागिता उल्लेखनीय रही और कार्यक्रम एक जनआंदोलन का रूप लेता नजर आया।
अर्थ रिट्रीट फाउंडेशन के सह-संस्थापक सिद्धार्थ द्विवेदी एवं संस्था के स्वयंसेवकों ने छत्तीसगढ़ को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए लोगों को प्रेरित किया। वहीं विषय विशेषज्ञ शेफाली यादव ने जैव विविधता की विस्तृत जानकारी देते हुए जंगल में सतर्कता बरतने और किसी भी वन्यजीव गतिविधि की तत्काल सूचना वन विभाग को देने की अपील की।
कार्यक्रम के अंत में पर्यावरण संरक्षण के संदेश को मजबूत करने के लिए वृक्षारोपण किया गया। अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने पौधारोपण कर वन संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा का संकल्प लिया।




