
CG : जिले में फाइलेरिया रोधी सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम 10 से 25 फरवरी तक
गौरेला पेंड्रा मरवाही, राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत फाइलेरिया (हाथीपांव) संक्रमण से बचाव हेतु जिले में 10 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक सामूहिक दवा सेवन दिवस कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान जिले के समस्त योग्य जनसमूह को फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कराया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि 10 फरवरी से 12 फरवरी तक स्कूल, कॉलेज, आंगनबाड़ी केंद्र एवं स्वास्थ्य केंद्रों में बूथ लगाकर दवा का वितरण किया जाएगा। वहीं 13 फरवरी से 22 फरवरी तक दवा प्रशासकों द्वारा घर-घर जाकर योग्य व्यक्तियों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाई जाएगी।
किसी कारणवश छूटे हुए व्यक्तियों को 23 फरवरी से 25 फरवरी तक दवा का सेवन कराया जाएगा। कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन हेतु जिले में कुल 671 दल कार्यरत रहेंगे, जिनकी निगरानी के लिए 149 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं। इस कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक योग्य व्यक्ति को एल्बेंडाजोल, डीईसी एवं आइवरमेक्टिन की दवा का सेवन कराया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इन दवाओं से शरीर को किसी प्रकार की हानि नहीं होती है।
यदि किसी व्यक्ति को दवा सेवन के पश्चात हल्का विपरीत प्रभाव महसूस होता है, तो वह परजीवियों के मरने के कारण होता है, जिससे घबराने की आवश्यकता नहीं है। किसी भी समस्या की स्थिति में 108 एंबुलेंस सेवा, जिला स्तरीय कंट्रोल रूम नंबर +91-9131962881 अथवा रैपिड रिस्पॉन्स टीम से संपर्क कर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में परामर्श एवं उपचार प्राप्त किया जा सकता है।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. ए आई मिंज ने बताया कि फाइलेरिया रोग का कोई स्थायी इलाज नहीं है। एम.डी.ए. अभियान के दौरान दी जा रही ट्रिपल ड्रग थेरेपी ही इस बीमारी से बचाव का एकमात्र प्रभावी उपाय है। उन्होंने बताया कि दो वर्ष से कम आयु के बच्चों को यह दवा नहीं दी जाएगी तथा दवा का सेवन खाली पेट नहीं करना है। 2 से 5 वर्ष के बच्चों को केवल डीईसी एवं एल्बेंडाजोल दी जाएगी। आइवरमेक्टिन दवा के लिए आयु 05 वर्ष से अधिक एवं ऊंचाई 90 सेंटीमीटर से अधिक होना अनिवार्य है।
स्तनपान कराने वाली माताओं को प्रसव के पहले सप्ताह में आइवरमेक्टिन नहीं दी जाएगी। गर्भवती महिलाओं, दो वर्ष से कम आयु के बच्चों एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्तियों को दवा नहीं दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में सहयोग करते हुए दवा का सेवन अवश्य करें और स्वस्थ समाज के निर्माण में भागीदार बनें।



