छत्तीसगढ़सुकमा जिला

CG : कलेक्टर अमित कुमार अभिभावक बनकर बच्चों और मरीजों के पास पहुंचे…

दोरनापाल की गलियों में जब खुद उतरा शासन प्रशासन
खिल उठे बच्चों के चेहरे और जगी विकास की नई उम्मीद

सुकमा । आमतौर पर रविवार का दिन विश्राम का माना जाता है, लेकिन अमित कुमार के लिए यह दिन भी जनसेवा को समर्पित रहा। सुकमा कलेक्टर ने अवकाश के दिन मैदानी दौरा कर यह संदेश दिया कि प्रशासन यदि फाइलों से निकलकर जमीनी हकीकत से जुड़ जाए, तो विकास की रफ्तार खुद-ब-खुद तेज हो जाती है।

अस्पताल में सख्ती भी, संवेदनशीलता भी

दोरनापाल स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के औचक निरीक्षण के दौरान कलेक्टर का व्यक्तित्व एक सख्त प्रशासक और एक जिम्मेदार अभिभावक दोनों रूपों में दिखाई दिया। उन्होंने अस्पताल परिसर की साफ-सफाई, बिजली-पानी व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

भीषण गर्मी को देखते हुए मरीजों के लिए कूलर की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा लंबित जेएसवाई भुगतान में तेजी लाने को कहा। उनका स्पष्ट संदेश था इलाज के लिए आए किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति को असुविधा न हो। इसके साथ ही, उन्होंने शत-प्रतिशत टीकाकरण और सुरक्षित संस्थागत प्रसव पर विशेष जोर देते हुए कहा कि स्वस्थ भविष्य की नींव आज की सजगता से ही रखी जाती है।

आंगनबाड़ी में दिखी आत्मीयता, बच्चों संग बिताया समय

दौरे का सबसे भावनात्मक क्षण तब आया जब कलेक्टर आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचे। यहां उन्होंने औपचारिकता से परे जाकर बच्चे प्रियल का वजन स्वयं जांचा। बच्चों के बीच बैठकर उनसे बातचीत की और चॉकलेट बांटकर उनके चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी। ‘तिरंगा भोजन’ और ‘सुपोषण चौपाल’ की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले का कोई भी बच्चा कुपोषण का शिकार न हो यह सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। जर्जर आंगनबाड़ी भवनों के जीर्णाेद्धार के निर्देश देते हुए उन्होंने बच्चों की सुरक्षा और पोषण को सर्वाेच्च प्राथमिकता बताया।

पीडीएस गोदाम और राजस्व व्यवस्था पर भी नजर

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पीडीएस गोदाम में चावल की गुणवत्ता की बारीकी से जांच की। उन्होंने शत-प्रतिशत भंडारण और ई-केवाईसी प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि पात्र हितग्राहियों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण राशन मिल सके। इस दौरान उन्होंने स्टैक किए हुए चावल बोरी का सैंपल चेक किया। राजस्व विभाग के निरीक्षण में नए तहसील कार्यालय के लिए उपयुक्त स्थान चयन की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा गया।

सजग और संवेदनशील प्रशासन की मिसाल

गोदामों में अनाज की गुणवत्ता से लेकर अस्पताल की बुनियादी सुविधाओं और बच्चों के पोषण तक हर स्तर पर की गई यह पहल एक जवाबदेह प्रशासन की तस्वीर प्रस्तुत करती है।

अधिकारियों की उपस्थिति

निरीक्षण के दौरान तहसीलदार योपेन्द्र पात्रे, सीएमएचओ डॉ. आरके सिंह, जिला शिक्षाधिकारी जीआर मंडावी, जिला महिला बाल विकास अधिकारी शिवदास नेताम तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.