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CG : राज्योत्सव रजत महोत्सव में झलकी छत्तीसगढ़ी हुनर की चमक

जय सेवा हस्तशिल्प आर्ट गायत्री स्व-सहायता समूह राजनांदगांव और NABARD की साझेदारी ने दिखाई आत्मनिर्भरता की मिसाल

रायपुर, छत्तीसगढ़ राज्य के रजत महोत्सव एवं राज्योत्सव 2025 के अवसर पर राजधानी रायपुर में चल रहे पांच दिवसीय आयोजन में इस बार परंपरा, संस्कृति और आत्मनिर्भरता का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। राज्य के विभिन्न जिलों से आए स्व-सहायता समूहों ने अपने-अपने क्षेत्र की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और नवाचार को मंच पर प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया।

जय सेवा हस्तशिल्प आर्ट गायत्री स्व-सहायता समूह राजनांदगांव की सृजनशीलता ने जीता दिल
राजनांदगांव जिले के जय सेवा हस्तशिल्प आर्ट गायत्री स्व-सहायता समूह ने राज्योत्सव में अपनी कलात्मकता और उद्यमशीलता की झलक प्रस्तुत कर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। समूह की महिलाएँ मिट्टी और बांस कला से लेकर वस्त्र कला तक में अपनी पहचान बना रही हैं। समूह द्वारा निर्मित मिट्टी कला उत्पादों — झूमर, दिया सलाई स्टैंड, फूलदानी, हैंगर, कुर्ती ड्रेस, लैम्प और ज्वेलरी — ने स्टॉल पर आने वाले आगंतुकों को छत्तीसगढ़ी कला की जीवंतता का अनुभव कराया।
        इसी के साथ बांस कला (Bamboo Craft) के तहत टी-ट्रे, हैंगर, सजावटी वस्तुएँ और कपड़ों पर हेंड प्रिंटिंग, गोदना आर्ट, टेक्सटाइल डिज़ाइन, कोसा सिल्क, खादी सिल्क और कॉटन पर लोककला डिज़ाइनिंग जैसे कार्यों ने पारंपरिकता और आधुनिकता का सुंदर संगम दिखाया।

NABARD का साथ – सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम
समूह की सफलता के पीछे NABARD (नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट) की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
राज्योत्सव में NABARD द्वारा लगाया गया स्टॉल इस बात का प्रमाण है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में संस्था निरंतर कार्यरत है। NABARD द्वारा संचालित MEDP (Micro Enterprise Development Programme) प्रशिक्षण के माध्यम से स्व-सहायता समूहों को न केवल हुनर सिखाया जा रहा है, बल्कि उन्हें अपने उत्पादों का विपणन (Marketing), पैकेजिंग और वित्तीय प्रबंधन का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
इस प्रशिक्षण से लाभान्वित महिलाएँ आज आत्मनिर्भर बनकर स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में योगदान दे रही हैं। NABARD का उद्देश्य है गाँवों को स्वावलंबी बनाना, महिलाओं को सशक्त करना और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाना।

कला, संस्कृति और आत्मनिर्भरता का उत्सव
राज्योत्सव परिसर में NABARD द्वारा समर्थित स्टॉलों में लगी जय सेवा हस्तशिल्प आर्ट, शबरी डी मार्ट, बांस हस्तशिल्प, कोसा सिल्क और खादी कला प्रदर्शनी ने दर्शकों को आकर्षित किया।
इन स्टॉलों में परंपरा, पर्यावरण और उद्यमशीलता का सुंदर मिश्रण देखने को मिला। महिलाओं द्वारा हस्तनिर्मित उत्पादों की बिक्री से उन्हें अच्छी आय प्राप्त हो रही है। कई समूहों ने बताया कि राज्योत्सव जैसे मंचों से उन्हें न केवल आर्थिक सहयोग मिलता है, बल्कि आत्मविश्वास और नई पहचान भी मिलती है।

NABARD – ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण का आधारस्तंभ
NABARD राज्य में कृषि, ग्रामीण उद्यम, हस्तशिल्प, बांस मिशन, महिला आजीविका कार्यक्रम, किसान क्लब, कौशल विकास प्रशिक्षण जैसे कई कार्यक्रम संचालित करता है।
इनके माध्यम से न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हो रही है, बल्कि हजारों महिलाएँ और युवा आत्मनिर्भर बन रहे हैं।राज्योत्सव में NABARD की भूमिका यह संदेश देती है कि छत्तीसगढ़ का हर गांव जब आत्मनिर्भर होगा, तभी राज्य सशक्त और समृद्ध बनेगा।

राज्योत्सव में NABARD स्टॉल बना सीख और प्रेरणा का केंद्र
राज्योत्सव रजत महोत्सव में NABARD का स्टॉल उन सभी के लिए प्रेरणादायक बन गया है जो अपने हुनर से रोजगार सृजन करना चाहते हैं। स्टॉल पर आए आगंतुकों ने विभिन्न जिलों के महिला समूहों के उत्पादों की सराहना की और कई ने मौके पर ही उत्पाद खरीदे।
         जय सेवा हस्तशिल्प आर्ट समूह की महिलाएँ गर्व से कहती हैं अब हम रोजगार खोजने नहीं जाते, हम खुद रोजगार देते हैं। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव रजत महोत्सव केवल संस्कृति का नहीं, बल्कि स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता का उत्सव बन गया है। जहां एक ओर महिलाएँ अपनी मेहनत से जीवन बदल रही हैं, वहीं NABARD जैसी संस्थाएँ उनके सपनों को साकार करने की दिशा में सेतु का कार्य कर रही हैं। हुनर, मेहनत और अवसर जब एक साथ आते हैं, तब बनती है सफलता की कहानी — और राज्योत्सव में ये कहानी हर महिला के चेहरे पर झलक रही है।

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lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.