
CG : रायपुर कोर्ट ने युवक को दोषी ठहराकर 10 वर्ष की सजा सुनाई
रायपुर। राजधानी रायपुर स्थित द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जिनेंद्र कुमार टोंडरे की अदालत ने एक हत्या प्रकरण में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने अभियुक्त धर्मेंद्र चंद्रवंशी को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष की सश्रम कारावास और 1,000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। साथ ही न्यायालय ने अभियुक्त को जेल भेजने के लिए जेल वारंट जारी कर दिया है।
मामला क्या है
अदालत में चले मुकदमे के अनुसार अभियुक्त धर्मेंद्र चंद्रवंशी पिता जबर सिंह उम्र 21 वर्ष, निवासी टेटलापारा थाना इंद्रावती जिला गरियाबंद, हाल मुकाम रायल पोल्ट्री फार्म, धनी मोड़ थाना मुजगहन जिला रायपुर पर भारतीय दंड संहिता की धारा 304(B), 306 और 34 के तहत मामला दर्ज था। सुनवाई के दौरान अभियुक्त के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलने पर अदालत ने उसे दोषी करार दिया।
अदालत का आदेश
फैसले में न्यायाधीश ने कहा कि अभियुक्त को धारा 304(B) के तहत 10 वर्ष का सश्रम कारावास और 1,000 रुपए का अर्थदंड दिया जाता है। अर्थदंड न भरने पर अतिरिक्त एक माह का कारावास भुगतना होगा। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया कि सजा भुगतने के दौरान अभियुक्त को उचित श्रेणी की जेल में रखा जाएगा और कैदी के सभी अधिकारों का पालन किया जाएगा।
जेल प्रशासन को निर्देश
जारी किए गए आदेश के अनुसार, जेल अधीक्षक, केंद्रीय जेल रायपुर को अभियुक्त को हिरासत में लेकर वारंट के मुताबिक सजा दिलवाने का निर्देश दिया गया है। अदालत ने कहा कि अभियुक्त को सुरक्षित तरीके से जेल पहुँचाया जाए और उसकी सजा की गणना आज से की जाएगी।
जुर्माना और कानूनी प्रक्रिया
अदालत ने यह भी आदेश दिया कि यदि अभियुक्त 1,000 रुपए का अर्थदंड अदा नहीं करता है तो उसे अतिरिक्त एक माह की कैद भुगतनी होगी। वारंट के साथ अदालत की हस्ताक्षरित प्रति जेल अधीक्षक को सौंपी गई है। यह आदेश 25 सितम्बर 2025 को जारी किया गया, जिस पर द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रायपुर (छ.ग.) की विधिवत मुहर और हस्ताक्षर मौजूद है।


