छत्तीसगढ़दुर्ग जिला

CG : शहर में निकलेगी पहली बार फाल्गुन एकादशी पर खाटू धाम जैसी निशान यात्रा …

दुर्ग। फाल्गुन मास की पावन ग्यारस को लेकर दुर्ग में श्याम फाल्गुन निशान यात्रा का आयोजन किया जायेगा. आयोजित होने वाले श्री श्याम निशान यात्रा 2026 की तैयारियां पूरे जोर-शोर से चल रही हैं. हर वर्ष की तरह इस बार भी यह आयोजन श्रद्धा, भक्ति और सेवा का अनुपम संगम बनने जा रहा है.

इसका उद्देश्य उन श्याम भक्तों को भी खाटू श्याम की अनुभूति कराना है, जो किसी कारणवश सीकर स्थित खाटू धाम तक नहीं पहुँच पाते हैं. ऐसे श्रद्धालुओं के लिए दुर्ग में भी खाटू धाम की परंपरा, रीति-रिवाज और भव्यता के अनुरूप दुर्ग में भी निशान यात्रा निकाली जावेगी, ताकि दुर्ग में ही बाबा श्याम के सजीव दर्शन और आशीर्वाद का लाभ ले सकें.

निशान यात्रा आयोजक समिति के योगेन्द्र शर्मा बंटी ने बताया कि छत्तीसगढ़ की धार्मिक नगरी दुर्ग अब भक्ति के रंग में रंगने को तैयार है। बाबा श्याम के भक्तों के लिए इस साल का फाल्गुन मास बेहद खास होने वाला है। शहर में पहली बार खाटू श्याम के धाम की तर्ज पर एक विशाल और भव्य फाल्गुन एकादशी निशान यात्रा का आयोजन किया जा रहा है, जिसे लेकर श्याम प्रेमियों में जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है।

फाल्गुन एकादशी के दिन दुर्ग की सड़कों पर दिखेगी खाटू की झलक आमतौर पर फाल्गुन के महीने में लाखों भक्त सीकर के खाटू धाम की ओर रुख करते हैं, लेकिन इस बार दुर्ग के आयोजकों ने शहर में ही वैसा ही दिव्य वातावरण तैयार करने का बीड़ा उठाया है। खाटू धाम जैसी ही भव्य निशान यात्रा, फूल इत्र रंग की बरसात के साथ बाबा का रथ घोड़े बग्गी के साथ साथ सुंदर एवं मधुर गीतों के साथ भक्तों की विशाल निशान यात्रा रहेगी मुख्य आकर्षण होंगे।

महोत्सव की मुख्य विशेषताएं निशान यात्रा सैकड़ों भक्त हाथों में श्याम बाबा का निशान लेकर शहर के मुख्य मार्गों से गुजरेंगे। यात्रा के दौरान जगह-जगह पुष्प वर्षा इत्र वर्षा की तैयारी की जा रही है। बंटी शर्मा ने बताया कि हारे का सहारा, भगवान श्री कृष्ण के कलयुगी अवतार, लखदातार, शीश के दानी कहे जाने वाले बाबा खाटू श्यामजी के भक्त केवल भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में हैं. राजस्थान में स्थित बाबा के मंदिर में बाबा के दर्शन के लिए लंबी लंबी कतारें लगती हैं.

बाबा श्याम के मंदिर में भक्त जो निशान चढ़ाते हैं उसका क्या मतलब है? “बहुत से भक्तजब मन्नत मांगने बाबा खाटूश्यामजी के मंदिर जाते हैं, तो वह भक्त बाबा के दरबार में माथा टेक मन्नत मांगते हैं और बाबा से प्राथना करते है कि है लखतादार, हारे का सहारा मेरी यह मन्नत पूरी होने पर मैं आपके दरबार पर निशान चढ़ाने वापस खाटू नागरी आऊंगा.

कई ऐसे भक्त भी होते हैं जो मन्नत पूरी होने से पहले भी बाबा के दरबार पर निशान चढ़ा देते हैं. खाटू श्यामजी को निशान चढ़ाने की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है और यह निशान बेहद पवित्र माना जाता है. खाटू श्याम पर जो निशान चढ़ाया जाता है, उसे झंडा ध्वज कहते हैं. सनातन धर्म में ध्वज को विजय के प्रतीक के तौर पर माना जाता है. साथ ही बता दें, यह निशान श्याम बाबा द्वारा दिया गया बलिदान और दान का प्रतीक माना जाता है.

श्याम बाबा ने भगवान कृष्ण के कहने पर धर्म की जीत के लिए अपना शीश समर्पित कर दिया था और युद्ध का श्रेय भगवान कृष्ण को दिया था. श्याम बाबा के ध्वज का रंग केसरिया, नारंगी और लाल रंग का होता है, निशान पर कृष्ण और श्याम बाबा के चित्र और मंत्र अंकित होते हैं, साथ ही साथ निशानों पर नारियल और मोर पंख भी अंकित होता है.

मान्यता है कि इस निशान को चढ़ाने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सब मंगल ही मंगल रहता है. खाटू श्याम पर ध्वज चढ़ाने से पहले उसकी विशेष पूजा अर्चना की जाती है और खाटू श्याम की यात्रा के समय भक्त उस ध्वज को अपने हाथ में ही रखते हैं. निशान यात्रा में नंगे पांव चलकर भगवान के मंदिर तक पहुंचकर निशाना चढ़ाना बहुत उत्तम माना जाता है.

बंटी शर्मा ने बताया कि दुर्ग में निकलने वाली भव्य निशान यात्रा की तैयारी के पूर्व आयोजक समिति द्वारा सबसे पहले अपने नगर के देवी–देवताओं की पूजा अर्चना एवं सभी भगवान को निशान यात्रा का आमंत्रण दिया गया,

शहर के प्रमुख मंदिर जिसमें सत्ती माता मंदिर दुर्गा मंदिर, लंगूरवीर मंदिर श्याम मंदिर राम मंदिर सिद्धि विनायक गणेश मंदिर राधा कृष्ण मंदिर रामदेव बाबा मंदिर एवं शहर के अन्य मंदिरों में समिति के सदस्यों ने सभी देवी देवताओं का आह्वान करते हुए सभी भगवान को निशान यात्रा में आशीर्वाद देने हेतु आमंत्रित किया गया. सभी भगवान का आह्वान करने के पश्चात निशान यात्रा की तैयारी पूरे तरह से प्रारंभ कर दी गई है,

गुजरात से बाबा श्याम का आकर्षित एवं अलौकिक ध्वज मंगवाया गया है जिसे सत्तीचौरा माँ दुर्गा मंदिर में सभी श्याम भक्त तैयार करेंगे, शहर में निशान यात्रा को लेकर धार्मिक माहौल बना हुआ है सभी समाज के लोग इसमें अपना सहयोग एवं साथ दे रहे है.

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lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.