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CG : समग्र विकास की राह में ड्रॉपआउट बड़ी चुनौती, राष्ट्रीय शिक्षा नीति से मिलेगा नया मार्ग…

बिलासपुर । राज्यपाल रमेन डेका ने आज अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में “ट्रांसफॉर्मिंग यूनिवर्सिटीज फॉर होलिस्टिक डेवलपमेंट” विषय पर आयोजित कुलपतियों के दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। सम्मेलन में देश और प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुल 42 कुलपतियों और पूर्व कुलपतियों ने भाग लिया। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से जीवन में सकारात्मकता बनाए रखने का आह्वान करते हुए कहा कि अपने संपूर्ण जीवन में कोई एक ऐसा कार्य करें कि जिसमें केवल ट्रांजैक्शन नहीं, बल्कि ट्रांसफॉर्मेशन का भाव हो।

इस अवसर पर राज्यपाल डेका ने विश्वविद्यालय की त्रैमासिक पत्रिका कन्हार का भी विमोचन किया। कार्यक्रम में यूनिवर्सिटी के कुलपति आचार्य एडीएन वाजपेयी, महापौर पूजा विधानी, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति गिरीश चंद्र त्रिपाठी, कुल सचिव तारणीश गौतम सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति मौजूद थे।

राज्यपाल डेका ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत की प्राचीन शिक्षा व्यवस्था अत्यंत समृद्ध और मूल्यनिष्ठ थी, किंतु औपनिवेशिक काल में लॉर्ड मैकाले की नीतियों के कारण इसकी दिशा परिवर्तित हुई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 भारतीय मूल्यों और समग्र विकास की अवधारणा को पुनर्स्थापित करने का सशक्त प्रयास है। इसकी विशेषताओं को समाज तक पहुँचाना तथा प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना विश्वविद्यालयों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल डिग्री प्रदान करने वाले संस्थान नहीं रहे बल्कि विचार, नवाचार और राष्ट्र निर्माण के केंद्र हैं। कुलपति शैक्षणिक नेतृत्व के संवाहक हैं, जिनके निर्णय आने वाली पीढ़ियों की दिशा तय करते हैं। उन्होंने शैक्षणिक सुशासन, गुणवत्ता आश्वासन, शोध एवं नवाचार तथा डिजिटल परिवर्तन पर विशेष बल दिया।

उन्होंने कहा कि समग्र विकास की दिशा में स्कूल कॉलेजों में ड्रॉपआउट की समस्या सबसे बड़ी चुनौती है। जब तक विद्यार्थी शिक्षा से निरंतर जुड़े नहीं रहेंगे, तब तक किसी भी नीति का उद्देश्य पूर्ण नहीं हो सकता। डिजिटल युग का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), ऑनलाइन संसाधन और डेटा विश्लेषण उच्च शिक्षा के महत्वपूर्ण उपकरण हैं।

इनका उपयोग शिक्षा की गुणवत्ता और पहुँच बढ़ाने के लिए किया जाना चाहिए, साथ ही मानवीय मूल्यों को भी सुदृढ़ बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने शोध और नवाचार को विश्वविद्यालयों की आत्मा बताते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान से ही आत्मनिर्भर भारत की नींव सशक्त होगी। विश्वविद्यालयों को उद्योग, समाज और शासन के साथ समन्वय स्थापित कर नवाचार की संस्कृति विकसित करनी चाहिए।

अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य ए.डी.एन. वाजपेयी ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यक्रम निर्माण, दीक्षांत समारोहों के आयोजन तथा समयबद्ध परीक्षा परिणामों में विश्वविद्यालय ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने बताया कि प्रशासनिक पारदर्शिता और सामूहिक निर्णय प्रक्रिया विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है। वित्तीय सुदृढ़ीकरण एवं अधोसंरचना विकास योजनाओं पर कार्य जारी है। कुलपति ने विश्वविद्यालय को उत्कृष्टता की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए सभी के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया।

राज्यपाल ने आयोजन के लिए विश्वविद्यालय परिवार को बधाई देते हुए सम्मेलन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर संभागीय कमिश्नर सुनील जैन, कलेक्टर संजय अग्रवाल, नगर निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे, सीईओ जिला पंचायत संदीप अग्रवाल एवं शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।

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lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.