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CG : सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम ने बच्चों से की मुलाकात, दी प्रेरणा – बढ़ाया उत्साह

दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में स्कूली बच्चों से किया संवाद

रायपुर,

दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में स्कूली बच्चों से किया संवाद
दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में स्कूली बच्चों से किया संवाद

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर राजधानी रायपुर में आज भारतीय वायुसेना की प्रसिद्ध सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम (Suryakiran Aerobatic Team – SKAT) ने स्कूली बच्चों से आत्मीय मुलाकात की। यह मुलाकात न केवल ज्ञानवर्धक रही, बल्कि देशभक्ति और प्रेरणा से भरपूर भी थी।

भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम के सदस्य दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम पहुँचे, जहाँ उन्होंने  विद्यार्थियों से बातचीत की। बच्चों में टीम के पायलटों और तकनीकी विशेषज्ञों को देखकर जबरदस्त उत्साह था। सभागार में तालियों की गड़गड़ाहट के बीच बच्चों ने उत्साह से उनका स्वागत किया।

टीम के सदस्यों ने बच्चों को बताया कि कैसे सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम अनुशासन, सटीकता और टीमवर्क के माध्यम से आकाश में अद्भुत करतब करती है। उन्होंने समझाया कि हवाई करतब केवल कौशल का प्रदर्शन नहीं, बल्कि साहस, एकाग्रता और धैर्य की परीक्षा भी होती है। टीम ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि हर उड़ान एक जिम्मेदारी है — न केवल भारतीय वायुसेना के प्रति, बल्कि पूरे राष्ट्र के गौरव के प्रति भी। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि अगर वे मन लगाकर मेहनत करें, तो कोई लक्ष्य असंभव नहीं।

टीम ने बच्चों को भारतीय वायुसेना के जीवन, प्रशिक्षण और तकनीकी तैयारियों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एयर फोर्स के  बनने के लिए न केवल शारीरिक फिटनेस जरूरी है, बल्कि मानसिक मजबूती और वैज्ञानिक सोच भी उतनी ही आवश्यक है।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे — उड़ान के दौरान टीम के पायलटों के बीच कितनी दूरी रहती है, मौसम का क्या प्रभाव पड़ता है, और हवा में बने “हार्ट” या “एरोहेड” जैसे फॉर्मेशन कैसे बनाए जाते हैं। टीम के सदस्यों ने मुस्कुराते हुए हर सवाल का जवाब सरल और प्रेरक अंदाज़ में दिया।

सूर्यकिरण टीम के सदस्यों ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल हवाई प्रदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि नई पीढ़ी में देशभक्ति, अनुशासन और समर्पण की भावना जगाना भी है। उन्होंने बच्चों से कहा — “हमारी उड़ान तभी सार्थक है जब आपकी आँखों में भी उड़ने का सपना जग जाए।”

कार्यक्रम में उपस्थित बच्चों और अभिभावकों ने कहा कि यह संवाद बच्चों के लिए अविस्मरणीय रहा। इससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है और वे अब भारतीय सशस्त्र बलों को नए दृष्टिकोण से देख रहे हैं। 

कार्यक्रम के अंत में सूर्यकिरण टीम ने सभी विद्यार्थियों को 5 नवम्बर को नवा रायपुर में आयोजित ‘एरोबैटिक शो’ में शामिल होकर भारतीय वायुसेना के शौर्य का साक्षी बनने का आमंत्रण दिया।

lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.

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