छत्तीसगढ़बिलासपुर जिला

CG : स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करने और कारीगरों की प्रतिभा को सम्मान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल…

बिलासपुर । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बिलासपुर में स्वदेशी जागरण मंच द्वारा आयोजित स्वदेशी मेले का दौरा किया। मुख्यमंत्री ने मेले में लगे विभिन्न स्टालों का निरीक्षण करते हुए कारीगरों और स्थानीय उद्यमियों की मेहनत, कौशल और सृजनशीलता की सराहना की।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का उद्देश्य स्वदेशी पहचान को और मजबूत बनाना है। उन्होंने बताया कि भारत माता, भगवान बिरसा मुंडा और राष्ट्रऋषि दत्तोपंत ठेंगड़ी जी को नमन करने के साथ यह भावना और अधिक प्रबल हुई। उन्होंने यह भी कहा कि स्वदेशी उत्पाद केवल आर्थिक विकल्प नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और आत्मिक पहचान का प्रतीक हैं।

स्वदेशी मेले में प्रस्तुत हस्तनिर्मित उत्पादों की गुणवत्ता और खूबसूरती ने यह दर्शाया कि भारत की वास्तविक शक्ति उसकी स्थानीय परंपराओं और कौशल में निहित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे कारीगर और उद्यमी छत्तीसगढ़ और भारत की मजबूत आधारशिला हैं, और उनकी प्रतिभा को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि सरकार स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय कारीगरों को आर्थिक और तकनीकी सहायता प्रदान कर रही है। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

स्वदेशी मेले में कई प्रकार के हस्तशिल्प, कला और उद्योगिक उत्पाद प्रदर्शित किए गए, जिनमें परंपरागत कपड़े, कढ़ाई, लकड़ी और धातु के हस्तनिर्मित सामान शामिल थे। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक स्टाल पर कारीगरों से उनके उत्पादों के निर्माण और तकनीकी पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि सरकार इन कारीगरों के लिए प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और विपणन के अवसर उपलब्ध कराकर उनकी प्रतिभा को और विकसित करने में मदद कर रही है।

मुख्यमंत्री ने यह भी जोर दिया कि स्वदेशी उत्पादों की खरीदी को बढ़ावा देने से स्थानीय उद्योग, हस्तशिल्प और रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने दैनिक जीवन में स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दें, ताकि यह न केवल आर्थिक दृष्टि से फायदेमंद हो, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान को भी मजबूती मिले।

स्वदेशी मेले का आयोजन इस दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है कि यह छत्तीसगढ़ के स्थानीय कारीगरों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का मंच प्रदान करता है। मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि राज्य सरकार लगातार कारीगरों और उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा करने की दिशा में काम कर रही है। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य गणमान्य व्यक्तियों, कारीगरों और स्थानीय नागरिकों ने भी मुख्यमंत्री साय और केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू के प्रयासों की सराहना की।

उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम छत्तीसगढ़ में स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करने और कारीगरों की प्रतिभा को सम्मान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस प्रकार, बिलासपुर में आयोजित स्वदेशी मेला न केवल स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों के लिए एक प्रोत्साहन का अवसर रहा, बल्कि छत्तीसगढ़ और भारत की सांस्कृतिक और आर्थिक शक्ति को भी प्रदर्शित करने वाला एक महत्वपूर्ण आयोजन साबित हुआ।

lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.