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CG : वित्त मंत्री के दिए बयान को झूठा साबित कर रहे अधिकारी …

रायपुर (जसेरि)। वित्तमंत्री ओ. पी. चौधरी द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत वर्ष 2025-26 के बजट भाषण में यह उल्लेख किया गया था यह बजट पहली बार देश में वित्तमंत्री द्वारा हस्तलिखित प्रस्तुत किया गया था। जो एक रिकार्ड बना था। प्रयागराज महाकुंभ में छत्तीसगढ़ पवेलियन स्थापित कर प्रदेश के लगभग सवा लाख श्रद्धालुओं के ठहरने एवं बजट में खान-पान की व्यवस्था की गई थी, जिससे बड़ी सं या में लोगों ने लाभ प्राप्त किया।

मंत्री की विधानसभा में बजट घोषणा में 34 नंबर पेज में स्पष्ट उल्लेख है कि प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान छत्तीसगढ़ पेवेलियन में श्रद्धालुओं को सभी प्रकार की सुविधा सरकार के द्वारा उपलब्ध कराने की मंजूरी थी। लेकिन छत्तीसगढ़ शासन के अधिकारियों ने अपनी मनमानियों के चलते वित्तमंत्री के इस दावे को लेकर अब गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत मांगी गई जानकारी में यह सामने आया है कि इस आयोजन से संबंधित न तो किसी विभाग का स्पष्ट उल्लेख किया गया है और न ही इसके लिए स्वीकृत बजट का विवरण उपलब्ध कराया गया है। यह तथ्य आरटीआई कार्यकर्ता आशीष देव सोनी द्वारा प्राप्त दस्तावेजों से सामने आया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस मामले में दायर सूचना आवेदन पहले मु यमंत्री सचिवालय और वित्त विभाग से धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग को भेजा गया। इसके बाद प्रकरण संस्कृति विभाग, फिर पर्यटन विभाग और अंतत: मूलविभाग को स्थानांतरित कर दिया गया। पर्यटन विभाग ने लिखित रूप में स्पष्ट किया कि ऐसा कोई कार्य उनके विभाग द्वारा नहीं कराया गया है। वहीं जनसंपर्क संचालनालय द्वारा जारी आदेश में यह उल्लेख किया गया कि ठहरने एवं खान-पान की व्यवस्था से संबंधित मांगी गई जानकारी विभागीय शाखा में संधारित नहीं है, इसलिए जानकारी उपलब्ध कराना संभव नहीं है।

सूचना आवेदन में यह भी पूछा गया था कि महाकुंभ में छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं के लिए की गई इस व्यवस्था हेतु राज्य सरकार द्वारा कितना बजट स्वीकृत किया गया था तथा किस विभाग के माध्यम से यह खर्च किया गया। लेकिन उपलब्ध दस्तावेजों में इस आयोजन के लिए स्वीकृत बजट या खर्च का कोई स्पष्ट विवरण सामने नहीं आया।

इस पूरे मामले के सामने आने के बाद अब कई प्रश्न उठ रहे हैं- यदि प्रयागराज महाकुंभ में सवा लाख श्रद्धालुओं के ठहरने और भोजन की व्यवस्था की गई थी, तो यह आयोजन किस विभाग द्वारा कराया गया?

यदि किसी भी विभाग के पास इसका अभिलेख उपलब्ध नहीं है, तो विधानसभा में यह आंकड़ा किस आधार पर प्रस्तुत किया गया? मु यमंत्री विष्णुदेव साय की घोषणा के बाद नि:शुल्क ठहरने-खाने की व्यवस्था छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को प्रयागराज महाकुंभ में छत्तीसगढ़ शासन का आयोजन हुआ है कि नहीं यह भी एक प्रश्नचिन्ह है।

आरटीआई कार्यकर्ता आशीष देव सोनी ने कहा कि विधानसभा में प्रस्तुत किसी भी जानकारी का अभिलेखीय आधार होना आवश्यक है। उन्होंने राज्य शासन से इस मामले में स्पष्ट तथ्य सार्वजनिक करने और यह बताने की मांग की है कि महाकुंभ में छत्तीसगढ़ पवेलियन की स्थापना तथा श्रद्धालुओं के ठहरने और भोजन की व्यवस्था किस विभाग द्वारा और किस बजट मद से की गई थी। इसकी जानकारी किसी भी विभाग के पास उपलब्ध नहीं है। इसका साफ मतलब वित्तमंत्री को समस्त विभाग के अधिकारी झूठा साबित करने में तूले हुए हंैं।

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lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.