
डॉ. आंबेडकर जयंती भंते संघ के मार्गदर्शन में ही मनाई जाएगी – अध्यक्ष दीपांकर खोबरागड़े
राजनांदगांव | राजनांदगांव में बौद्ध समाज से जुड़े विवाद के बीच बौद्ध कल्याण समिति के अध्यक्ष दीपांकर खोबरागड़े का महत्वपूर्ण बयान सामने आया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस वर्ष डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर जयंती का आयोजन केवल भंते संघ के मार्गदर्शन में ही किया जाएगा।दरअसल, कार्यालय रजिस्ट्रार, फर्म्स एवं संस्थाएं, छत्तीसगढ़ द्वारा जारी आदेश के अनुसार बौद्ध कल्याण समिति, राजनांदगांव से जुड़े विवादित मामले में अपील की सुनवाई पूर्ण होने तक स्थगन (स्टे) प्रदान किया गया है। इस आदेश के बाद संबंधित मामले में पूर्व स्थिति (यथास्थिति) बनाए रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।

*अपील पर स्टे, फिलहाल पुरानी स्थिति बरकरार*
मिली जानकारी के अनुसार, अपील क्रमांक-560/2026 के तहत दिनांक 16 मार्च 2026 को जारी आदेश के खिलाफ अपील दायर की गई थी। सुनवाई के दौरान रजिस्ट्रार द्वारा उक्त आदेश पर स्थगन देते हुए स्पष्ट किया गया कि अंतिम निर्णय आने तक दुर्ग स्थित सहायक रजिस्ट्रार कार्यालय का आदेश प्रभावी नहीं रहेगा।इस निर्णय के बाद समिति के कार्यों और आयोजन को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी, जिसे लेकर अब अध्यक्ष ने स्थिति स्पष्ट की है।

*अध्यक्ष की अपील – अफवाहों से रहें दूर*
बौद्ध कल्याण समिति के अध्यक्ष दीपांकर खोबरागड़े ने समाज के सभी वर्गों से एकता और सद्भाव बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर अनावश्यक विवाद और भ्रम फैलाया जा रहा है, जिससे समाज में वैमनस्य बढ़ने की आशंका है।उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जयंती समारोह भंते संघ के मार्गदर्शन और उनके निर्णय के अनुरूप ही आयोजित किया जाएगा। समाज को बांटने की कोशिशों पर जताई चिंताअध्यक्ष खोबरागड़े ने यह भी कहा कि कुछ लोग व्यक्तिगत अहंकार और अनावश्यक विवाद के चलते समाज को बांटने का प्रयास कर रहे हैं, जो बिल्कुल उचित नहीं है। उन्होंने सभी बौद्ध समाज, बुद्धिजीवी वर्ग, माताओं एवं बहनों से आग्रह किया कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें।
*एकता और भाईचारे के साथ मनाएं जयंती*
समिति की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि सामाजिक एकता और संगठन ही समाज की सबसे बड़ी ताकत है। सभी को मिलकर सौहार्दपूर्ण वातावरण में डॉ. आंबेडकर जयंती मनाने का आह्वान किया गया है।
*निष्कर्ष*
विवाद और कानूनी प्रक्रिया के बीच बौद्ध कल्याण समिति ने स्पष्ट संदेश दिया है कि समाज में शांति, एकता और भाईचारा बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इसी भावना के साथ जयंती समारोह आयोजित किया जाएगा।






