Dhan New Variety: धान की इस नई किस्म की खेती कर मात्र 60 दिनों में बने मालामाल, जाने किस्मो की पूरी जानकारी

Dhan New Variety: जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए एक कैंप का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम के दौरान, गाँव के किसानों को जैविक खेती के तरीकों के बारे में जानकारी दी गई, जिसमें खास तौर पर देसी बीजों के इस्तेमाल पर ज़ोर दिया गया। उन्होंने बताया कि इसी समय उन्होंने भी देसी बीजों का इस्तेमाल करके फसलें उगाने का फ़ैसला किया, और तब से वे पूरी लगन से इस काम में लगे हुए हैं।
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Dhan New Variety: धान की 52 किस्में –
अभी उनके पास धान की लगभग 52 किस्में हैं, जिनमें साथी, कटारनी, काला नमक और काला धान (ब्लैक राइस) शामिल हैं। निरंजन ने बताया कि उन्होंने ये सभी बीज देश भर के किसानों से इकट्ठा किए हैं। उनके पास धान की कई ऐसी किस्में हैं जो सिर्फ़ 60 दिनों में पक जाती हैं, जबकि कुछ को पकने में 145 दिन तक लग जाते हैं। उन्होंने बताया कि धान की इन सभी किस्मों को आम मिट्टी में भी आसानी से उगाया जा सकता है।
Dhan New Variety: धान की कुछ खास किस्में –
धान की कुछ खास किस्में ये हैं: पत्तल्सर, दांतखंडी, भौसा, अनारकली, रागी, बियारेड, सोल कनवा, सुजाता, सोनम, सिरहटी, कारी जीरा, काला नमक, पटना कलम, झूलन, अजन सिकरी, सुगा पंछी और मैजिक राइस।
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Dhan New Variety: ‘काला नमक’ धान की किस्म
एक अनमोल धरोहर, ‘काला नमक’ धान की किस्म को अक्सर ‘बुद्ध का महाप्रसाद’ कहा जाता है। माना जाता है कि इसका इतिहास लगभग तीन हज़ार साल पुराना है। कहा जाता है कि सिद्धार्थनगर के पास कपिलवस्तु क्षेत्र में पुरातात्विक खुदाई के दौरान इस धान के अवशेष मिले थे। लोककथाओं के अनुसार, कपिलवस्तु लौटने पर भगवान बुद्ध ने ये धान के बीज स्थानीय लोगों में बाँट दिए थे। यह चावल अपनी तेज़ महक और उच्च पौष्टिक गुणों के लिए मशहूर है, और इसे मधुमेह (डायबिटीज़) से पीड़ित लोगों के लिए भी फ़ायदेमंद माना जाता है। काला नमक चावल की सबसे खास बात इसकी तेज़ खुशबू है; पकने के बाद इसकी महक आस-पास के पूरे इलाके में फैल जाती है और पड़ोस के घरों तक पहुँच जाती है।



