
कांग्रेस में अत्यधिक केंद्रीकरण पर दिग्विजय सिंह का सवाल, CWC बैठक में संगठन सुधार को लेकर हलचल
कांग्रेस में भूचाल: दिग्विजय सिंह ने उठाया 'अति केंद्रीकरण' का मुद्दा, कहा- 'चुनाव प्रबंधन विभाग' अभी तक क्यों नहीं बना?
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने शनिवार को हुई कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में पार्टी के भीतर ज़ोरदार सवाल खड़े किए। उन्होंने निर्णय लेने की प्रक्रिया में ‘अत्यधिक केंद्रीकरण’ और संगठनात्मक कमज़ोरियों पर चिंता जताई।
क्या है मुख्य मुद्दा?
दिग्विजय सिंह ने बैठक में सवाल किया कि मई 2022 की उदयपुर सीडब्ल्यूसी बैठक में घोषित “चुनाव प्रबंधन विभाग” का गठन आखिर अब तक क्यों नहीं हुआ? उन्होंने कहा कि राज्य और जिला अध्यक्षों की नियुक्ति तो दिल्ली से होती है, लेकिन उस स्तर से नीचे पार्टी का कोई मज़बूत कार्यात्मक ढांचा नहीं है, जिससे काम प्रभावित हो रहा है।
बैठक में मौजूद सूत्रों के मुताबिक, जब सिंह ये बात कह रहे थे, तो कई नेताओं ने सहमति में सिर हिलाया।
बैठक से पहले ही X पर ज़मीन तैयार की
बैठक से ठीक एक घंटे पहले, दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक दिलचस्प पोस्ट लिखी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक पुरानी तस्वीर पोस्ट की, जिसमें वे तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी के सामने ज़मीन पर बैठे हैं। इसे ‘प्रभावशाली’ बताते हुए सिंह ने लिखा, “आरएसएस/भाजपा का एक जमीनी नेता, जो अपनी पार्टी के नेताओं के चरणों में बैठा, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बना। यही इस संगठन की ताकत है।”
इस पोस्ट में उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और जयराम रमेश को भी टैग किया था।
“कांग्रेस को चुनाव आयोग जैसे सुधारों की ज़रूरत”
इससे पहले 19 दिसंबर को एक पोस्ट में उन्होंने राहुल गांधी के काम की सराहना करते हुए भी पार्टी में बदलाव की मांग की थी। उन्होंने लिखा था कि कांग्रेस को भी भारत के चुनाव आयोग की तरह सुधारों और “अधिक व्यावहारिक विकेंद्रीकृत कार्यप्रणाली” की ज़रूरत है।
“भाजपा का विरोधी, लेकिन उसके संगठन की तारीफ”
बाद में पत्रकारों से बात करते हुए दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट किया कि वे भाजपा और आरएसएस के कट्टर विरोधी हैं और उन पर संविधान का सम्मान न करने का आरोप लगाया। लेकिन साथ ही, उन्होंने यह भी दोहराया कि उनके संगठनात्मक ढांचे और जमीन से जुड़ाव की ताकत की वह प्रशंसा करते हैं। उनका कहना था, “जब तक हमारा संगठन बूथ स्तर तक मजबूत नहीं हो जाता, हम संतुष्ट नहीं होंगे।”
राज्यसभा सीट से क्या है संबंध?
दिग्विजय सिंह की राज्यसभा सदस्यता मई 2026 में समाप्त हो रही है। ऐसे में कुछ लोग इन टिप्पणियों को उस सीट को बरकरार रखने की कोशिश से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, उनके एक करीबी सहयोगी ने इस बात से इनकार किया है। सहयोगी के मुताबिक, सिंह का मकसद मध्य प्रदेश कांग्रेस के पुनर्गठन में देरी और महत्वपूर्ण समितियों के न बनने पर चिंता जताना है, ताकि वे भविष्य में राज्य में अधिक सक्रिय भूमिका निभा सकें।
भाजपा ने क्या कहा?
भाजपा ने दिग्विजय सिंह की टिप्पणियों का स्वागत किया है। पार्टी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि सिंह द्वारा पोस्ट की गई तस्वीर भाजपा की उस कार्यशैली को दिखाती है, जहां एक जमीनी कार्यकर्ता अपनी मेहनत और संगठन के बल पर सर्वोच्च पद तक पहुंच सकता है।
फैक्ट चेक:
दिग्विजय सिंह ने कहा कि उदयपुर CWC बैठक में घोषित “चुनाव प्रबंधन विभाग” अब तक नहीं बना। हकीकत: सही। मई 2022 की उदयपुर ‘चिंतन शिविर’ के बाद की गई घोषणा के बावजूद, अब तक ऐसा कोई अलग, औपचारिक विभाग कांग्रेस में नहीं बना है। हालांकि, चुनावी कार्यों की देखरेख के लिए समितियाँ या समन्वयक ज़रूर नियुक्त किए जाते रहे हैं। दिग्विजय सिंह ने भाजपा/आरएसएस की संगठनात्मक ताकत की प्रशंसा की। हकीकत: सही। उन्होंने अपने एक्स पोस्ट और मीडिया बातचीत में स्पष्ट रूप से इन संगठनों के जमीनी ढांचे और अनुशासन की तारीफ की, भले ही उनकी विचारधारा से वह सहमत नहीं हैं।