ब्रेकिंग न्यूज़

Guru Gobind Singh Jayanti 2025: 27 december 2025 holiday, यूपी समेत कई राज्यों में स्कूल-कॉलेज बंद

27 December 2025 holiday: साल 2025 के समापन से ठीक पहले, शनिवार 27 दिसंबर 2025 को देश के कई राज्यों में गुरु गोबिंद सिंह जयंती के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश रहेगा। इस दिन स्कूल, कॉलेज और सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे। खास तौर पर उत्तर भारत और पूर्वी भारत में यह पर्व श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया जाता है।

गुरु गोबिंद सिंह जयंती क्यों मनाई जाती है?

गुरु गोबिंद सिंह जी सिख धर्म के दसवें गुरु थे। उनका जन्म वर्ष 1666 में हुआ था। उन्होंने खालसा पंथ की स्थापना की और जीवन भर अन्याय के खिलाफ संघर्ष, समानता, साहस और मानव अधिकारों की रक्षा का संदेश दिया।
इस दिन गुरुद्वारों में कीर्तन, अरदास, नगर कीर्तन, लंगर और सेवा कार्य आयोजित किए जाते हैं। यह पर्व लोगों को सत्य, अनुशासन और निस्वार्थ सेवा की प्रेरणा देता है।

क्या 27 दिसंबर को स्कूल बंद रहेंगे?

जी हां। 27 दिसंबर 2025 (शनिवार) को कई राज्यों में स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे।
सरकारी निर्देशों के अनुसार—

  • स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे
  • सरकारी कार्यालयों में कामकाज नहीं होगा
  • कुछ परीक्षाएं और बैठकें स्थगित की जा सकती हैं
  • अस्पताल, एम्बुलेंस और अन्य जरूरी सेवाएं चालू रहेंगी

हालांकि, छात्रों और अभिभावकों को अपने-अपने स्कूलों के नोटिस और स्थानीय प्रशासन की सूचना जरूर देखनी चाहिए।

उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश

उत्तर प्रदेश सरकार ने 27 दिसंबर को आधिकारिक सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है।
इस दिन

  • सभी सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे
  • प्रदेशभर के स्कूल और कॉलेज नहीं खुलेंगे
  • विभागों को अपने कार्यसूची में बदलाव के निर्देश दिए गए हैं

सर्दी की छुट्टियों से पहले यह अवकाश छात्रों और कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।

अन्य राज्यों में भी अवकाश

गुरु गोबिंद सिंह जयंती पर कई अन्य राज्यों में भी छुट्टी घोषित की गई है—

  • पंजाब: गजटेड अवकाश
  • उत्तराखंड: सार्वजनिक अवकाश
  • हरियाणा: कई जिलों में सार्वजनिक या प्रतिबंधित अवकाश
  • चंडीगढ़: स्कूल और सरकारी दफ्तर बंद
  • बिहार: कई जिलों में जिला प्रशासन द्वारा छुट्टी

वहीं दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में यह दिन स्थानीय या प्रतिबंधित अवकाश के रूप में मनाया जा सकता है।

कैसे मनाया जाता है यह दिन?

इस अवसर पर देशभर में श्रद्धालु गुरुद्वारों में मत्था टेकते हैं, गुरु गोबिंद सिंह जी के जीवन से जुड़े प्रसंग बच्चों को सुनाए जाते हैं और समाज सेवा के कार्यक्रम होते हैं। साल के आखिरी दिनों में आने वाला यह पर्व न सिर्फ आराम का मौका देता है, बल्कि जीवन में साहस, सच्चाई और सेवा के मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा भी देता है।

Related Articles

Back to top button