
CG : एंटी करप्शन ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई, 40 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा गया सहकारी निरीक्षक…
अंबिकापुर । एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) अंबिकापुर की टीम ने बुधवार देर शाम सूरजपुर के सहकारी निरीक्षक अभिषेक सोनी को 40 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। आरोपी ने संविदा लेखपाल पद पर नियुक्ति के लिए शिकायतकर्ता से डेढ़ लाख रुपए रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने इसकी शिकायत ACB सरगुजा को कर दी, जिसके बाद कार्रवाई करते हुए टीम ने सहकारिता निरीक्षक को रंगे हाथों पकड़ लिया। जानकारी के अनुसार, भारत सरकार के राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) की ओर से जिला सूरजपुर के विकासखंड रामानुजनगर, प्रेमनगर, सूरजपुर, भैयाथान और प्रतापपुर में छत्तीसगढ़ सहकारी सोसाइटी अधिनियम 1960 के तहत कुल 5 बहुउद्देशीय किसान उत्पादक सहकारी समितियों का गठन किया गया था।
इनमें मुख्य कार्यपालक अधिकारी/प्रबंधक और लेखापाल के पदों पर 3 वर्ष के लिए संविदा नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही थी। शिकायतकर्ता, प्रतापपुर ब्लॉक के करसी निवासी शुभम जायसवाल, मां समलेश्वरी बहु उद्देशीय कृषक उत्पादक सहकारी समिति मर्यादित, टुकुडांड, जिला सूरजपुर के लेखपाल पद के लिए आवेदन किया था। 1 दिसंबर 2025 को जारी पात्र-अपात्र सूची में उनका नाम पात्र सूची में आया। इसके बाद 5 दिसंबर 2025 को दक्षता परीक्षण, साक्षात्कार, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन, टाइपिंग टेस्ट और इंटरव्यू के लिए आदेश जारी हुआ, जिसमें शुभम ने सफलतापूर्वक भाग लिया। नियुक्ति आदेश जारी करने के एवज में सहकारी निरीक्षक अभिषेक सोनी ने शुभम से 1.50 लाख रुपए रिश्वत की मांग की।
शिकायतकर्ता ने अधिक राशि देने से इनकार किया, तो आरोपी ने 1 लाख रुपए पर अड़ गए। बातचीत के बाद 80 हजार रुपए पर सहमति बनी, जिसमें आज 40 हजार रुपए की पहली किस्त देने का वादा किया गया। अभिषेक सोनी ने धमकी दी कि 17 दिसंबर 2025 तक पैसे नहीं लाएंगे तो किसी अन्य को नियुक्ति दे दी जाएगी। शुभम ने तुरंत इसकी शिकायत ACB सरगुजा से कर दी। टीम ने सूरजपुर पहुंचकर रात 8.25 बजे शुभम से 40 हजार रुपए लेकर आरोपी को आयुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं सूरजपुर के उपायुक्त सहकारिता कक्ष में पहुँचने पर दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया।
ACB अंबिकापुर के DSP प्रमोद कुमार खेस ने बताया कि शुभम का टाइप शुदा आवेदन आज ही प्राप्त हुआ था, जिसके आधार पर त्वरित कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ एंटी करप्शन कानून के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले से यह स्पष्ट होता है कि संविदा नियुक्ति प्रक्रिया में भ्रष्टाचार की घटनाएं अभी भी सक्रिय हैं। ACB की सतर्कता और शिकायतकर्ता की जिम्मेदारी से कदम उठाने की प्रतिबद्धता से भ्रष्टाचार पर नियंत्रण में मदद मिलेगी। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि यदि कोई भी व्यक्ति किसी सरकारी या संविदा नियुक्ति प्रक्रिया में भ्रष्टाचार या रिश्वत की कोशिश देखे तो तुरंत एंटी करप्शन ब्यूरो को सूचित करें। इस प्रकार की सतर्कता और सहयोग से भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन की दिशा में कदम बढ़ाया जा सकता है।






