
कवर्धा.धान खरीदी तेज, लेकिन उठाव शून्य—व्यवस्थाओं पर फिर उठे सवाल
कवर्धा जिले की सेवा सहकारी समितियों में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य तेजी से जारी है, लेकिन धान उठाव में हो रही देरी ने एक बार फिर प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 15 नवम्बर से शुरू हुई धान खरीदी को एक माह से अधिक का समय बीत चुका है, बावजूद इसके जिले की अधिकांश समितियों से अब तक धान उठाव की प्रक्रिया प्रारंभ नहीं हो सकी है।स्थिति यह है कि खरीदी केन्द्रों में प्रतिदिन धान की आवक लगातार बढ़ रही है,जबकि उठाव की रफ्तार पूरी तरह शून्य बनी हुई है। इससे आने वाले दिनों में गंभीर संकट की आशंका जताई जा रही है। समिति प्रबंधकों के अनुसार यदि शीघ्र उठाव शुरू नहीं हुआ, तो कई केन्द्रों में जाम की स्थिति निर्मित हो सकती है, जिससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा और पूरी खरीदी व्यवस्था प्रभावित होगी।समिति प्रबंधकों और किसानों का कहना है कि शासन-प्रशासन द्वारा धान खरीदी को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन परिवहन और उठाव जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में लापरवाही समझ से परे है। खरीदी और उठाव एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं, ऐसे में तालमेल के अभाव का सीधा असर पूरे सिस्टम पर पड़ता है।गौरतलब है कि बीते वर्ष भी जिले में धान उठाव में भारी लापरवाही सामने आई थी। समितियों में खुले आसमान के नीचे रखे हजारों क्विंटल धान बारिश और नमी के कारण खराब हो गए थे, जिससे सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा था। लगभग पूरे वर्ष तक असुरक्षित ढंग से रखा गया धान नई खरीदी के ठीक पहले हटाया गया, तब तक नुकसान हो चुका था। इसके बावजूद यदि इस वर्ष भी वही स्थिति दोहराई गई,तो यह किसानों के साथ-साथ शासन की नीतियों पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करेगा।विशेषज्ञों का मानना है कि धान खरीदी के साथ-साथ उठाव और भंडारण की व्यवस्था को समान गति से संचालित करना अनिवार्य है। अन्यथा खरीदी केन्द्रों में अव्यवस्था, भीड़ और धान खराब होने की समस्या फिर सामने आएगी।केन्द्रों में लगातार जारी है धान का आवकलेकिन उठाव पूरी तरह शून्य है। सेवा सहकारी समिति बोड़ला,पंडरिया, कवर्धा और सहसपुर लोहारा विकासखण्डों के अधिकांश खरीदी केन्द्रों की बताई जा रही है।10 दिनों में बन सकते हैं जाम के हालातसमिति प्रबंधकों का कहना है कि यदि आगामी 10 दिनों में धान उठाव प्रारंभ नहीं हुआ,तो खरीदी केन्द्रों में जाम की स्थिति निर्मित हो जाएगी। उल्लेखनीय है कि हाल ही में जिला कलेक्टर एवं जिले के प्रभारी सचिव ने कई धान खरीदी केन्द्रों का निरीक्षण कर समय पर उठाव के निर्देश दिए थे,लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस पहल नहीं होना चिंता का विषय है।जिले के किसानों व समिति अध्यक्ष ने प्रशासन से मांग की है कि बीते वर्ष की गलतियों से सबक लेते हुए इस बार समय रहते धान उठाव की प्रक्रिया को गति दी जाए, ताकि किसानों की मेहनत,सरकारी निवेश और खरीदी व्यवस्था सुरक्षित रह सके।






