
Makka Cultivation: मक्के की इस तरीके से खेती बनेगी 2026 में छप्परफाड़ धन की बरसात वाली फसल, यहाँ जाने A to Z जानकारी ?
Makka Cultivation: अररिया ज़िले के एक गाँव में रहने वाला एक युवा किसान लगभग पाँच सालों से मक्का की खेती कर रहा है। वह एक ही मौसम में पाँच एकड़ ज़मीन पर मक्का उगाता है, और खेती की लागत प्रति एकड़ ₹20,000 से ₹25,000 के बीच आती है।
मक्का की खेती में खर्च
इस हिसाब से, पाँच एकड़ ज़मीन पर खेती का कुल खर्च ₹1.5 लाख बैठता है। इस इलाके के किसानों के लिए मक्का सबसे ज़्यादा मुनाफ़ा देने वाली फ़सल साबित होती है। किसान ने बताया कि उसकी मौजूदा मक्का की फ़सल अब 100 दिन की हो चुकी है। उसने आगे बताया कि प्रति एकड़ ज़मीन के लिए लगभग 200 किलोग्राम खाद की ज़रूरत पड़ती है।
मक्का की खेती में ज़बरदस्त मुनाफ़ा
मक्का की खेती से ज़बरदस्त मुनाफ़ा होता है। यह फ़सल 150 से 180 दिनों में पककर तैयार हो जाती है। अररिया ज़िले के एक किसान, रवि कुमार ने बताया कि मक्का की फ़सल आम तौर पर लगभग छह महीनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है। इस इलाके के किसानों को फ़सल के बढ़ने के दौरान चार बार सिंचाई करनी पड़ती है। उसने बताया कि पाँच एकड़ ज़मीन पर मक्का उगाकर वह लगभग ₹4 लाख कमा लेता है।
ज़मीन का रखरखाव
अगर मिट्टी में नमी काफ़ी हो, तो सिर्फ़ चार बार सिंचाई करने से ही फ़सल अच्छी तरह बढ़ सकती है। लेकिन, अगर नमी का स्तर कम हो, तो पाँच से छह बार सिंचाई करने की ज़रूरत पड़ सकती है। खेती की प्रक्रिया में कई तरह के रासायनिक और जैविक खादों का इस्तेमाल करना ज़रूरी होता है। इसके अलावा, खरपतवार नाशक (जैसे Laudis) और दूसरे उपचारों के छिड़काव के लिए मशीनों का भी इस्तेमाल किया जाता है।
मक्का की खेती में इस्तेमाल होने वाली खादें
मक्का की फ़सल में चार से छह बार सिंचाई करना बहुत ज़रूरी है। इसके लिए DAP, यूरिया, पोटाश और एल्युमिनियम जैसी खादों की ज़रूरत पड़ती है। साथ ही, कीटनाशकों और खरपतवार नाशकों (जैसे Laudis) का दो बार छिड़काव करना भी ज़रूरी होता है—आम तौर पर 35 से 45 दिनों के बाद। इसके अलावा, उसने फिर से ज़ोर देकर कहा कि पाँच एकड़ ज़मीन पर मक्का की खेती करने से ₹4 लाख से ज़्यादा की आमदनी होती है।



