
75 पर भी सुपरस्टार! Rajinikanth की जिंदगी के वो राज जो फैंस आज तक नहीं जानते
साउथ सिनेमा के मेगास्टार Rajinikanth आज यानी 12 दिसंबर को अपना 75वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस खास अवसर पर फैंस से लेकर फिल्म इंडस्ट्री के बड़े-बड़े सितारे उन्हें ढेरों शुभकामनाएं दे रहे हैं। रजनीकांत का फिल्मी सफर किसी प्रेरणा से कम नहीं रहा अपनी मेहनत, संघर्ष और अनोखी स्टाइल के दम पर उन्होंने ‘सुपरस्टार’ का खिताब कमाया। आज दुनिया भर में उनके करोड़ों चाहने वाले हैं, जो ‘थलाइवा’ की हर फिल्म का बेसब्री से इंतज़ार करते हैं। जन्मदिन के मौके पर जानिए रजनीकांत से जुड़ी कुछ रोचक और कम सुनी बातें।
पद्म भूषण से सम्मानित Superstar
रजनीकांत ने अपने करियर में एक से बढ़कर एक फिल्में दीं और अपने अभिनय से दर्शकों का दिल जीता। उनकी इसी सफलता और भारतीय सिनेमा में योगदान को देखते हुए साल 2000 में उन्हें पद्म भूषण सम्मान से नवाज़ा गया, जो देश का तीसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान है।
महाराष्ट्र में जन्म, तमिलनाडु में पहचान
ये बात बहुत कम लोग जानते हैं कि तमिल फिल्मों के इस दिग्गज कलाकार की मातृभाषा मराठी है। उनका जन्म महाराष्ट्र में हुआ था। उनके पिता पुलिस विभाग में थे, जिसकी वजह से उनका परिवार कई जगहों पर रहा और आखिरकार बेंगलुरु में स्थायी रूप से बस गया। यहीं से एक मराठी लड़का तमिल फिल्म इंडस्ट्री का लेजेंड बन गया।
शुरुआती करियर में हासिल की बड़ी उड़ान
रजनीकांत ने अपने करियर की शुरुआत में ही वह मुकाम हासिल कर लिया, जिसके लिए कई कलाकारों को सालों लग जाते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने सिर्फ चार साल में 50 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। उनकी पांचवीं फिल्म ‘टाइगर’ (1979) ने उन्हें शुरुआती सफलता दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई।
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एक्टर बनने से पहले थे बस कंडक्टर
सुपरस्टार बनने से पहले रजनीकांत एक आम इंसान की तरह नौकरी करते थे। वे बेंगलुरु में बस कंडक्टर थे और शिवाजी नगर–समराजपेट रूट पर काम करते थे। इस नौकरी से मिली बचत ने उन्हें चेन्नई में फिल्म स्कूल में दाखिला लेने का सपना पूरा करने में मदद की।
रीमेक फिल्मों के बादशाह
रजनीकांत ने कई हिंदी फिल्मों के रीमेक में काम किया, जिनमें से कई फिल्मों में मूल किरदार अमिताभ बच्चन ने निभाए थे। रजनीकांत ने इन भूमिकाओं को अपने खास स्टाइल में स्क्रीन पर उतारा और लगभग सभी रीमेक फिल्में सुपरहिट रहीं।
हिंदी फिल्मों में दमदार एंट्री
साउथ के अलावा उन्होंने हिंदी सिनेमा में भी अपनी अलग पहचान बनाई। साल 1983 में ‘अंधा कानून’ से उन्होंने बॉलीवुड में डेब्यू किया। यह फिल्म इतनी सफल रही कि लगभग 50 हफ्तों तक सिनेमाघरों में चली और रजनीकांत ने हिंदी दर्शकों के दिलों में भी अपनी जगह बना ली।





