
Rajnadgaon : आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में शिक्षकों की कमी के कारण स्कूल में अभी तक पुस्तक वितरण नहीं हुआ…
राजनांदगांव, नया शिक्षा सत्र जून में शुरू होने के तीन माह बाद भी स्कूलों में किताबें नहीं पहुंची। आधी.अधूरी तैयारियों के बीच कल 19 सितंबर से कक्षा 9वीं से 12वीं तक तिमाही परीक्षा शुरू होगी जो 26 सितंबर तक चलेगी। वहीं 6 अक्टूबर तक मूल्यांकन कर नतीजे घोषित करना अनिवार्य किया गया है। किसी स्कूल में पुस्तक तो कहीं शिक्षकों की कमी है। आत्मानंद स्कूलों में लगभग यहीं स्थिति बनी हुई है।
सत्र की शुरुआत से पढ़ाई में कसावट और शिक्षा का स्तर सुधारने दावा किया और प्लानिंग की जो फेल साबित होती दिख रही है। स्वामी आत्मानंद स्कूलों में शिक्षकों के 41 रिक्त पदों के लिए शिक्षा विभाग ने 3 माह पहले आवेदन मंगाया था। इसकी प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। स्वामी आत्मानंद सर्वेश्वरदास स्कूल में व्याख्याता वाणिज्यए कम्प्यूटर शिक्षकए कला विषय में 1.1 पद खाली पड़ा है। बख्शी स्कूल में सामाजिक विज्ञानए कम्प्यूटरए अंग्रेजीए कला में 1.1 पद खाली है। सुकुल दैहान गणितए विज्ञान में 1.1 पद खाली है। भर्रेगांव में भौतिकए सामाजिक विज्ञान में 1.1 पद खाली है। घुमका में वाणिज्यए रसायनए सामाजिक विज्ञानए विज्ञानए ग्रंथपाल का 1.1 पद खाली है। डोंगरगांव में सामाजिक विज्ञानए रसायनए भौतिकए विज्ञानए प्रयोगशाला में 1.1 पद खाली है।
इग्नाइट योजनारू अंग्रेजी स्कूलों में शिक्षक चाहिए शिक्षकों की मांग पर हालही में डोंगरगांव इग्नाइट योजना अंग्रेजी माध्यम स्कूल के बच्चों ने कलेक्ट्रोरेट पहुंच कर शिक्षकों की मांग और वर्तमान शिक्षक का ट्रांसफर रोकने प्रदर्शन किया था। यहां पदस्थ माधुरी एंथोनी का तबादला छुरिया हो गया जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो गई है। अन्य विषय में हिन्दी माध्यम के शिक्षकों से अंग्रेजी की पढ़ाई सही ढंग से नहीं होती। अंग्रेजी माध्यम में अंग्रेजी और गणित के शिक्षक नहीं है। स्कूली बच्चे और पालक 3 सालों से इसकी मांग कर रहें है। लेकिन उन्हें आश्वासन मिलता रहा। अब तक शिक्षक नहीं मिले।
आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में कम शिक्षक हैं भर्रेगांव स्कूल के बच्चों और पालकों ने हालही में पुस्तकों और शिक्षकों की मांग की थी। बीईओ ने मौके में पहुंच कर आश्वासन दिया तब मामला शांत हुआ। यहां और अन्य जगह के स्वामी आत्मानंद स्कूलों में लंबे समय से विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी बनी हुई है। इसका असर सीधा पढ़ाई पर पड़ रहा। अंग्रेजी माध्यम में रसायनए भौतिकए जीव विज्ञानए अंग्रेजी विषय के शिक्षकों की कमी है। शुरूआत में पुस्तकों के बार कोड स्कैनिंग से वितरण में देरी हुई। लेकिन अब भी कक्षा 6वीं से 9वीं तक कई स्कूलों में कुछ विषयों की पुस्तकें अब तक नहीं बंटी है।




