
राजनांदगांव : धर्म-संस्कृति की झलक के साथ दिखी देशभक्ति एक हजार फीट का तिरंगा आकर्षण का केन्द्र रहा…
राजनांदगांव , संस्कारधानी सनातन धर्म सेवा परिवार, सर्व समाज और एबीवीपी के संयुक्त तत्वावधान में हिन्दू नववर्ष की पूर्व संध्या पर शहर में विशाल सनातन तिरंगा एकता यात्रा निकाली गई। इस तिरंगा यात्रा में धर्म, संस्कृति की झलक के साथ देशभक्ति दिखाई दी। एक हजार फीट का तिरंगा आकर्षण का केन्द्र रहा। मुख्य उद्देश्य सनातन की मूल भावना सर्वे भवंतु सुखीनः एवं सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के साथ सनातन के विचार को जनता तक पहुंचाना रहा। मुख्य अतिथि सुरेश एचलाल, श्रीकिसन खंडेलवाल, किशोर बेलावाला, सुदेश देशमुख, जयनारायण सिंह ने भगवान श्रीराम लला की आरती कर यात्रा का शुभारंभ किया।
महासभा के प्रदेश अध्यक्ष संतोष पटाक एवं कार्यक्रम के प्रमुख संयोजक राकेश ठाकुर ने बताया कि इस कार्यक्रम मे बड़ी संख्या मे सभी समाज के प्रतिनिधि एवं सदस्य, आम जनता शामिल रही। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 1 हजार फीट का तिरंगे को मातृ शक्ति एवं आम जनता द्वारा लेकर शहर भ्रमण कर राष्ट्रीय एकता एवं राष्ट्रीयता का संदेश दिया गया। उक्त तिरंगा यात्रा एबीवीपी छात्रों द्वारा तैयार किया गया था। मानव मंदिर चौक में राष्ट्रगीत वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य मे वंदे मातरम गीत का गायन प्रज्ञा गुप्ता द्वारा किया गया।
आत्म रक्षा का संदेश देने तलवारबाजी शौर्य प्रदर्शन राजपूत मातृ शक्ति द्वारा आत्म रक्षार्थ का संदेश देते हुए तलवारबाजी का शौर्य प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सौरभ खंडेलवाल, संजय जैन, भूपेन्द्र चन्द्राकर, महिला महासभा की प्रदेश अध्यक्ष मौसमी शर्मा, शारदा तिवारी, ममता सोनी, मीना पांडे, शशि चौहान, तुषार वांडले, सुषमा सिंह, एबीवीपी से धनंजय पांडे, अक्षत श्रीवास्तव, प्रतीक गड़ेवाल, भूपेन्द्र पाल, जीत शर्मा एवं सर्व हिन्दू समाज की अहम भूमिका रही। उनकी इस योगदान के चलते तिरंगा यात्रा भक्ति एवं राष्ट्रभक्ति के रूप मे स्मणीय यात्रा रही।
एबीवीपी के नगर मंत्री अक्षत श्रीवास्तव ने कहा हिंदू नववर्ष संस्कृति और सनातन परंपरा का प्रतीक है। ऐसे आयोजनों से राष्ट्र प्रेम, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक गौरव की भावना मजबूत होती है। जिला संयोजक धनंजय पांडे ने कहा तिरंगा यात्रा से समाज में एकता, अखंडता और राष्ट्रभक्ति का संदेश प्रसारित हुआ। अंत में सभी प्रतिभागियों का आभार कर आयोजकों ने कार्यक्रम की सराहना की। ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने और नई पीढ़ी में संस्कार एवं देशभक्ति की भावना जागृत करने में भूमिका निभाते हैं।
छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य ने दर्शकों का मन मोह लिया छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया। पारंपरिक वेशभूषा में सजे कलाकारों ने कला के माध्यम से सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत कर दिया। तिरंगा यात्रा के दौरान डीजे, बैंड और धूमल की धुनों ने पूरे माहौल को उत्साह उमंग से भर दिया। युवाओं एवं विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीतों पर नृत्य किया। विभिन्न स्थानों पर नागरिकों द्वारा यात्रा का भव्य स्वागत पुष्प वर्षा कर किया गया। यह तिरंगा यात्रा न केवल एक आयोजन रही, बल्कि यह राष्ट्रप्रेम, सांस्कृतिक समृद्धि और सामाजिक एकता का उदाहरण बनी।




