
राजनांदगांव : एप से सेल्फ डिक्लेरेशन की रहेगी सुविधा प्रॉपर्टी के साथ खाने की डिटेल देनी होगी…
राजनांदगांव : 16 साल बाद हो रही जनगणना इस बार पूरी तरह पेपर लैस होगी। यानी जनगणना का पूरा डेटा मोबाइल एप पर अपलोड होगा। इसके अलावा लोगों के पास सेल्फ डिक्लेरशन (स्व घोषणा) की भी सुविधा होगी। इसकी शुरुआत 16 अप्रैल से हो जाएगी।
सेल्फ डिक्लेरेशन में जनगणना के लिए इस्तेमाल होने वाले एप्लीकेशन को सार्वजनिक किया जाएगा। जिसे अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से लिंक कर कहीं से भी लोग अपने परिवार की डिटेल डाल सकेंगे। एप में डिटेल पूरी होते ही एक रेफरेंस नंबर आएगा। जिसे जनगणना के दौरान घर पहुंचने वाले प्रगणक को देने पर जनगणना की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
यह सुविधा ऐसे लोगों के लिए रखी गई है, जो जनगणना के दौरान शहर से बाहर हो या प्रगणक के पहुंचने के दौरान उपस्थित न हो सकें। यह सेल्फ डिक्लेरेशन की सुविधा 16 अप्रैल से 30 अप्रैल के दौरान ही मिलेगी। फिलहाल एप को लॉक रखा गया है। एप खुलते ही इसके संबंधी प्रचार-प्रसार तेज किया जाएगा।
घर की टाइल्स, स्मार्ट फोन, गाड़ी की संख्या भी पूछेंगे जनगणना के लिए तय 33 सवालों में घर में लगी टाइल्स, स्मार्ट फोन की संख्या, विवाहित लोगों की संख्या के साथ परिवार के मुखिया की प्रॉपर्टी की जानकारी सहित घर में सामान्य तौर पर खाए जाने वाले अनाज की भी जानकारी शामिल हैं। घर में वाहनों की संख्या, इंटरनेट की उपलब्धता, पानी बिजली के सोर्स के अलावा दीवार, फर्श और छत पर इस्तेमाल हुए सामग्रियों की भी डिटेल देने होंगे।
होगी जिओ टैगिंग, प्रत्येक को 180 मकान का लक्ष्य जनगणना के दौरान प्रगणकों की जिओ टैिंगंग भी होगी। हर प्रगणक को 180 से 200 मकान का लक्ष्य दिया जाएगा। जिसमें लगभग आबादी 800 के करीब होगी। मकानों की नंबरिंग की गई है। इनमें रहने वाले परिवारों की संख्या प्रगणक ही जनगणना के दौरान स्पष्ट करेंगे। फिलहाल जनगणना में लगने वाले कर्मचारियों की लिस्टिंग की जा रही है। वहीं मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण भी शुरू हो गया है।



