छत्तीसगढ़राजनांदगांव जिला

राजनांदगांव : परंपरागत ज्ञान और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का समन्वय जरूरी…

राजनांदगांव. शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय ‘भारतीय ज्ञान परंपरा (जनजातीय समाज का गौरवशाली अतीत-ऐतिहासिक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक योगदान)’ विषयक कार्यशाला एवं प्रदर्शनी का शुक्रवार को समापन हुआ। कार्यक्रम का संचालन प्राचार्य प्रो. सुचित्रा गुप्ता के निर्देशन एवं संयोजक डॉ. त्रिलोक कुमार के मार्गदर्शन में किया गया।

समापन अवसर पर मुय अतिथि नोहर सिंह जंघेल (कनक प्राकृतिक कृषि वाटिका, हरदी) ने कहा कि जैविक खेती पर्यावरण संरक्षण और किसानों की आर्थिक उन्नति दोनों का माध्यम है। परंपरागत ज्ञान और वैज्ञानिक तकनीकों का समन्वय कर खेती को लाभदायक और टिकाऊ बनाया जा सकता है। मुय अतिथि राजेश खांडेकर, अधिवक्ता एवं वनवासी कल्याण आश्रम सचिव ने कहा-‘भारत की आत्मा जनजाति समाज में बसती है। स्वतंत्रता संग्राम से लेकर पर्यावरण संरक्षण तक जनजाति समाज का योगदान अमूल्य रहा है।

वहीं प्राचार्य डॉ. सुचित्रा गुप्ता ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा हमें हमारी वैज्ञानिक सभ्यता की याद दिलाती है, जिसने सामाजिक समरसता और संतुलन को जन्म दिया। कार्यशाला में डॉ. मीना प्रसाद और डॉ. शिवाजी लिमजे ने भी जनजातीय समाज की संस्कृति, जीवनशैली और परंपराओं पर प्रकाश डाला। एनएसएस छात्रों द्वारा जनजातीय वेशभूषा प्रदर्शन, औषधीय पौधों की प्रदर्शनी और पारंपरिक उपकरणों का संग्रह आकर्षण का केंद्र रहा। कार्यक्रम का संचालन वंदना मिश्रा और लिकेश्वर सिन्हा ने किया। समापन समारोह में छात्र-छात्राओं की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भारतीय ज्ञान परंपरा की भावना को जीवंत कर दिया।

https://news.google.com/publications/CAAqKAgKIiJDQklTRXdnTWFnOEtEV3RoWkhkaFoyaDFkQzVqYjIwb0FBUAE?hl=hi&gl=IN&ceid=IN%3Ahi

lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.