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राजनांदगांव : शादी के बाद पति-पत्नी में विवाद के कारण बिखरा परिवार फिर से खुशहाल…

राजनांदगांव , नेशनल लोक अदालत में 2 लाख 39 हजार 310 प्रकरण से ज्यादा मामले का निराकरण किया गया। इसमें सर्वोच्च न्यायालय से लेकर तहसील स्तर तक के न्यायालयों में लोक अदालत आयोजित की गई। राजनांदगांव, केसीजी, एमएमसी जिले में न्यायालय में लंबित, राजस्व न्यायालय, प्री-लिटिगेशन के 237886 प्रकरणों को चिन्हित कर निराकरण करने कुल 43 खंडपीठों का गठन किया गया था। इसमें घरेलू विवाद, संपत्ति विवाद, वाहनों से संबधित, बैंकिंग और बिजली बिल भुगतान से संबधित मामले शामिल रहे।

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के तत्वावधान में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशन एवं प्रधान जिला न्यायाधीश, अध्यक्ष विजय कुमार होता, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजनांदगांव के निर्देशन में नेशनल लोक अदालत का वर्चुअल और भौतिक उपस्थिति मोड में आयोजन किया गया। निपटान किए गए मामलों में कुल 234477 मामले प्री-लिटिगेशन चरण के थे। इसमें लगभग 4833 मामले ऐसे थे जो विभिन्न न्यायालयों में लंबित थे। निपटान राशि 16 अरब 39 करोड़ 55 लाख 85 हजार 370 रुपए थी।

राजीनामा योग्य संबंधित मामलों की सुनवाई हुई नेशनल लोक अदालत में आपराधिक राजीनामा योग्य मामले, मोटर वाहन दुर्घटना दावा से संबंधित मामले, धारा 138 एनआई एक्ट से संबंधित मामले अर्थात चेक से संबंधित मामले, वैवाहिक विवाद के मामले, श्रम विवाद के मामले, बैंक ऋण वसूली वाद, रूपया वसूली वाद, विद्युत बिल एवं टेलीफोन बिल के मामले, भूमि अधिग्रहण से संबंधित मामले, राजस्व न्यायालय के मामले एवं अन्य राजीनामा योग्य संबंधित मामलों की सुनवाई की गई। पक्षकारों ने न्यायालय निर्णय का सम्मान और आदेश का पालन करने की बात कही।

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