
राजनांदगांव : उद्यमिता और स्टार्टअप जागरूकता सह संवेदनशीलता कार्यशाला का आयोजन…
राजनांदगांव , आईएसबीएम विश्वविद्यालय में इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल के तत्वावधान में तथा स्टार्टअप छत्तीसगढ़ के सहयोग से “उद्यमिता एवं स्टार्टअप जागरूकता सह संवेदनशीलता कार्यशाला” का सफल एवं गरिमामय आयोजन विश्वविद्यालय के सेमिनार हॉल, ब्लॉक-02 में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में उद्यमिता, नवाचार, आत्मनिर्भरता, सृजनात्मक सोच, स्थानीय संसाधनों के उपयोग तथा रोजगार सृजन की भावना को विकसित करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात अतिथियों का स्वागत किया गया। आईआईसी की गतिविधियों एवं नवाचार-उन्मुख पहलों की जानकारी प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय प्रशासन, प्राध्यापकगण, कर्मचारीगण तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही।
इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. बी. पी. भोल ने अपने उद्बोधन में कहा कि उद्यमिता केवल व्यवसाय आरंभ करने का नाम नहीं, बल्कि एक सोच, दृष्टिकोण और नया करने का साहस है। उन्होंने विद्यार्थियों को समयपालन, अनुशासन, निरंतर अभ्यास, धैर्य एवं लक्ष्य के प्रति निष्ठा जैसे गुण अपनाने की प्रेरणा दी। साथ ही उन्होंने कहा कि सफलता और असफलता दोनों ही उद्यमिता के अभिन्न अंग हैं, इसलिए हर चुनौती का सामना सकारात्मक दृष्टिकोण से करना चाहिए।
विशेषज्ञ वक्ता कुमुद मिश्रा ने स्टार्टअप की अवधारणा को सरल भाषा में समझाते हुए बताया कि हर व्यवसाय स्टार्टअप नहीं होता, बल्कि स्टार्टअप वह होता है जो किसी समस्या का नवाचारी एवं विस्तार योग्य समाधान प्रस्तुत करता है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने और उसे सही दिशा में विकसित करने के लिए प्रेरित किया।






