
Rajnandgaon : महतारी वंदन के ई.केवाईसी का फायदा उठाकर हुआ ठगी से बचने के लिए अपील जारी…
राजनांदगांव, साइबर ठग अब शासन के एसआईआर सर्वे और महतारी वंदन के ई-केवाईसी का फायदा उठाकर ठगी कर रहे हैं। इसके लिए खासकर ग्रामीण इलाकों की महिलाओं को टारगेट किया जा रहा है। ओटीपी पूछकर उनकी गोपनीय बैंक िडटेल तक पहुंच रही है।
निर्वाचन आयोग और पुलिस प्रशासन ने लोगों को ऐसी ठगने से बचने की अपील की है। दरअसल प्रदेश के कई हिस्सों ऐसी ठगी की घटना सामने आई है। जिसमें साइबर ठग खुद को बीएलओ बताकर एसआईआर सर्वे के लिए फोन नंबर रजिस्टर्ड करने की बात कह रहे हैं। वहीं फोन नंबर पर आने वाले ओटीपी की जानकारी मांग रहे हैं। ओटीपी बताते ही ठग संबंधितों के खातों से राशि का ऑनलाइन आहरण कर रहे हैं। यही स्थिति महतारी वंदन के ई-केवाईसी को लेकर भी बनी हुई है। साइबर ठग योजना की राशि रुकने, केवाईसी के लिए मोबाइल नंबर, खाता नंबर और बैंक डिटेल की पूरी जानकारी जुटा रहे हैं। ताकि आसानी से ऑनलाइन ठगी को अंजाम दिया जा सके। ऐसी ठगने से लोगों को बचाने के लिए पुलिस ने अभियान शुरु किया है।
बड़ी राशि निकालने किसान अकेले न जाएं: इन दिनों समर्थन मूल्य में धान खरीदी भी चल रही है। धान बेचने के लिए बाद किसानों के खाते में राशि पहुंच रही है। ऐसे में ठगी की आशंका हो देखते हुए पुलिस प्रशासन ने किसानों से भी अलर्ट रहने की अपील की है। किसानों को बड़ी राशि निकालने बैंक अकेले नहीं जाने, परिवार के सदस्य के साथ ही बैंक जाने, रकम आहरण की जानकारी रास्तें में किसी को नहीं देने जैसी अपील की है। वहीं बैंक प्रबंधनों को भी इन दिनों सुरक्षा व संदेहियों की निगरानी कड़ी करने कहा है।
एसआईआर के लिए फोन पर ओटीपी की जरूरत नहीं पड़ती इधर छग मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के द्वारा ऐसी ठगी से बचने के लिए भी अपील जारी की गई है। उन्होंने सभी जिले में पत्र जारी कर बताया है कि एसआईआर सर्वे किया जा रहा है। लेकिन इसके लिए मोबाइल नंबर पर न तो किसी तरह का ओटीपी आता है और न ही ओटीपी किसी के द्वारा पूछा जाता है। सावधानी जरूरी है।



