
Rajnandgaon : कॉलेज में छत्तीसगढ़ी व्यंजन और हस्तकला स्पर्धा का आयोजन किया गया…
राजनांदगांव, दिग्विजय कॉलेज में छत्तीसगढ़ी व्यंजन और हस्तकला स्पर्धा का आयोजन किया गया। महिला प्रकोष्ठ व गृह विज्ञान की छात्राओं के हाथों बने छत्तीसगढ़ी व्यंजन का विद्यार्थियों और प्रोफेसरों ने अवलोकन कर स्वाद चखा। हस्तकला प्रदर्शनी में वर्ली कलाए मिरर वर्कए पेपर क्रॉफ्टए वुड क्राफ्ट और क्रोशिया की प्रदर्शनी लगाई गई। स्पर्धा में छात्राओं ने बढ़.चढ़ कर हिस्सा लिया और अपनी कला का परिचय दिया। स्वादिष्ट छत्तीसगढ़ी व्यंजन और घरों की सजावट के लिए बनी वस्तुएं आकर्षण का केन्द्र बनी रही।
दिग्विजय कॉलेज के महिला प्रकोष्ठ और गृह विज्ञान के संयुक्त तत्वावधान में कॉलेज की प्राचार्य डॉण् सुचित्रा गुप्ता के मार्गदर्शन एवं महिला प्रकोष्ठ की संयोजक डॉ मीना प्रसाद के निर्देशन में छत्तीसगढ़ी व्यंजन और हस्तकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में छात्र.छात्राओं ने छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों में जैसे कि खुरमी चौसेला फरा ठेठरी डुबकी कढ़ीए अंगारा रोटी ठेकुआ गुलगुला जैसे स्वादिष्ट व्यंजन बनाए। हस्तकला प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने वर्ली कला मिरर वर्क पेपर क्राफ्ट के साथ वुड क्राफ्ट अनुपयोगी वस्तुओं से गृह सज्जा के सामान क्रोशिया वर्क एवं पैडी धान के छिलकेद्ध से बने सामानों की प्रदर्शनी लगाई गई थी।
छत्तीसगढ़ी संस्कृति को बढ़ावा देने की कोशिश कॉलेज की प्राचार्य डॉ वन शैली एवं भोजन शैली दोनों ही अपनी पहचान खोती जा रही है। इस प्रतियोगिता से बच्चों में आत्म निर्भरता की भावना भी विकसित होगी। महिला प्रकोष्ठ के संयोजक डॉ मीना प्रसाद ने बताया महिला प्रकोष्ठ द्वारा निरंतर कॉलेज में विद्यार्थियों के लिए विभिन्न प्रकार के रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है।
कौमी एकता रैली में भाईचारे का दिया संदेश कार्यक्रम में समाज कार्य विभाग के विद्यार्थियों ने प्राचार्य डॉ सुचित्रा गुप्ता और विभागाध्यक्ष ललिता साहू के मार्गदर्शन कौमी एकता जागरूकता रैली निकाली। विद्यार्थियों द्वारा हिंदू मुस्लिम सिख इसाई आपस मे हम भाई भाई एक भारत श्रेष्ठ भारत कौमी एकता का दीप जलाओ भारत को श्रेष्ठ बनाओ जैसे नारे लगाए। स्लोगन के माध्यम से विद्यार्थियों द्वारा आपस मे सामंजस्य बनाए रखने संदेश दिया। कार्यक्रम में ललिता साहू डॉ एके मंडावी तारणी साहू शालिनी सोनी डॉ प्रियंका लोहिया चित्रांश राठौर एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।


