छत्तीसगढ़राजनांदगांव जिला

Rajnandgaon : हमारे कर्म कैसे रहे, यह भी मृत्यु के समय पता चलता है: मुनि वीरभद्र…

राजनांदगांव . जैन मुनि वीरभद्र (विराग) ने आज यहां कहा कि कोई व्यक्ति कैसा रहा है,यह उसकी मृत्यु की समय ही पता चलता है। जीवन में हमारे कर्म कैसे रहे, यह भी मृत्यु के समय पता चलता है। व्यक्ति अपनी मरण दशा सुधार सकता है। बशर्तें से उसे अपने कर्म सुधारने होंगे।

जैन बगीचे में अपने नियमित चातुर्मासिक प्रवचन में जैन मुनि वीरभद्र (विराग) ने कहा कि मनुष्य ही एकमात्र ऐसा प्राणी है जो अपनी मृत्यु की दशा को सुधार सकता है। उन्होंने कहा कि जो विषयों, राग आदि में पड़ता है, वह दुर्गति को प्राप्त करता है। इससे बचने के लिए परमात्मा ने पांच इंद्रियों को अपने बस में करने के लिए विशेष जोर दिया है। उन्होंने कहा कि ज्ञान वही है जो आचरण, श्रवण एवं आचमन को सही बना दे।

मुनि वीरभद्र (विराग) ने कहा कि सबके अंदर कुछ ना कुछ विशिष्ट गुण होता है। बस वह उसे पहचान कर अपने गुणों का विकास करें। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति उत्तम मृत्यु चाहता है। समाधि मरण के लिए उसे अपने कर्म को सुधार कर धर्म के कार्य करने होंगे। इसके अलावा ऐसे काम करने होंगे जिससे कि मरण दशा में सुधार आये।

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lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.