छत्तीसगढ़राजनांदगांव जिला

Rajnandgaon: कड़े नियमों से पीजी छात्रों की बढ़ी परेशानी, शहर में परीक्षा केंद्र नहीं मिलने से छात्र चिंतित

राजनांदगांव। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित होने वाली पीजी वार्षिक परीक्षाओं की शुरुआत होने वाली है, लेकिन परीक्षा केंद्र को लेकर छात्रों के सामने गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। शहर के किसी भी महाविद्यालय में सभी विषयों के लिए परीक्षा केंद्र उपलब्ध नहीं होने के कारण छात्रों को परीक्षा देने के लिए शहर से बाहर जाने की मजबूरी झेलनी पड़ रही है। इस स्थिति ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।

कड़े नियमों से बढ़ी समस्या

जानकारी के अनुसार हेमचंद यादव विश्वविद्यालय का नियम है कि जिस महाविद्यालय में पीजी के संबंधित विषय संचालित होते हैं, उसी महाविद्यालय में उस विषय के प्राइवेट छात्रों को परीक्षा देने की अनुमति दी जाती है। इसी नियम के कारण राजनांदगांव शहर के कई छात्रों को परीक्षा केंद्र नहीं मिल पा रहा है।

शहर के महाविद्यालय की स्थिति

दिग्विजय महाविद्यालय में इन दिनों सेमेस्टर परीक्षाएं चल रही हैं, जिसके कारण वहां प्राइवेट परीक्षार्थियों के लिए केंद्र उपलब्ध नहीं है। वहीं कमला महाविद्यालय में परीक्षा केंद्र केवल छात्राओं के लिए और उन्हीं विषयों के लिए उपलब्ध है जो वहां संचालित होते हैं। शासकीय विज्ञान महाविद्यालय में पीजी के विषय सीमित होने के कारण अधिकांश छात्रों को परीक्षा देने के लिए शहर से बाहर जाना पड़ रहा है।

दूरी के कारण मानसिक दबाव

परीक्षा केंद्र दूर होने की वजह से कई छात्र-छात्राएं मानसिक तनाव में हैं। आर्थिक और यात्रा संबंधी परेशानियों के कारण कई छात्र पीजी परीक्षा देने से भी कतरा रहे हैं। इससे उच्च शिक्षा के प्रति छात्रों का रुझान कम होने की आशंका भी जताई जा रही है।

प्रशासन से मांग

छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि जिला प्रशासन और विश्वविद्यालय प्रबंधन को इस विषय पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। प्रशासन चाहे तो विश्वविद्यालय से चर्चा कर राजनांदगांव शहर में अतिरिक्त परीक्षा केंद्र खोल सकता है या फिर ऐसे महाविद्यालयों में पीजी के विषय शुरू किए जा सकते हैं जहां वर्तमान में ये विषय उपलब्ध नहीं हैं।

साइंस कॉलेज में पीजी विषय शुरू होने की संभावना

सूत्रों के अनुसार राजनांदगांव के शासकीय विज्ञान महाविद्यालय में पीजी के कुछ नए विषय शुरू करने की संभावना जताई जा रही है। इसके लिए प्रस्ताव की फाइल फिलहाल वित्त विभाग के पास बताई जा रही है। यदि वहां से स्वीकृति मिलती है तो इसी सत्र से नए पीजी विषयों की शुरुआत हो सकती है, जिससे छात्रों को बड़ी राहत मिल सकती है।

छात्रों की मांग है कि छात्रहित को ध्यान में रखते हुए जल्द ही उचित व्यवस्था की जाए ताकि किसी भी विद्यार्थी की पढ़ाई और परीक्षा प्रभावित न हो।

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