
Rajnandgaon : संस्कारधानी की पंडवानी गायिका ने राज्योत्सव मंच में प्रस्तुति दी
राजनांदगांव, संस्कारधानी की पंडवानी गायिका तरुणा साहू ने पंडवानी गायन से राज्योत्सव मंच धमतरी में प्रस्तुति दी। पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा। पंडवानी गायिका इंस्पेक्टर तरुणा साहू ने द्रौपदी चीरहरण की मार्मिक प्रस्तुति दी। उन्होंने महाभारत की कथा को दमदार स्वर, भावपूर्ण अभिनय और गूंजते लय-ताल में पिरोया। धमतरी के राज्योत्सव स्थल की भव्य सजावट, रंगीन प्रकाश व्यवस्था और सुसंगठित मंच प्रबंधन ने कार्यक्रम को गरिमा प्रदान की। जैसे ही तरुणा साहू ने द्रौपदी की वेदना और कृष्ण के करुण आह्वान को स्वर दिया, पूरा पंडाल श्रद्धा और भावनाओं से भर गया।
इंस्पेक्टर तरुणा साहू रेल सुरक्षा बल में राजनांदगांव में पदस्थ है। मूलत वे धमतरी जिले की निवासी है। पैतृक घर कुरूद में स्थित है। उन्होंने अपने समर्पण और कला साधना से यह सिद्ध किया है कि लोककला केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज की आत्मा और संस्कृति की धड़कन है। तरुणा साहू ने अपनी यह प्रस्तुति अपनी गुरु, पद्म विभूषण से सम्मानित डॉ. तीजन बाई को समर्पित की। उन्होंने कहा मैंने पंडवानी अपनी गुरु तीजन दीदी से 9 वर्ष की आयु में सीखना शुरू किया था। आज जो पहचान, स्वर मिले वह उन्हीं की देन है यह प्रस्तुति मेरी गुरु को समर्पित है।
दर्शकों ने सभी कलाकारों को किया सम्मानित उन्होंने कहा पंडवानी एक कथा नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ की आत्मा की गूंज है। इस कार्यक्रम में उनके साथ संगत कर रहे बैंजो वादन में हर्ष मेश्राम, हारमोनियम पर टीकाराम गेंदले, तबला वादन में नूतन दामले, रागी में तिहार सिंह ध्रुव ने अपनी उत्कृष्ट संगत से पंडवानी को और अधिक जीवंत बना दिया। दर्शकों ने पूरी टीम को सम्मानित किया। राज्योत्सव धमतरी का यह सत्र छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध गायन विद्या पंडवानी के लिए ऐतिहासिक रहा। तंबूरे की तान के साथ स्वर पंडवानी गायिका इंस्पेक्टर तरुणा साहू ने दिया।





