छत्तीसगढ़राजनांदगांव जिला

राजनांदगांव : प्रधानमंत्री आवास योजना से ग्रामीण क्षेत्रों की बदल रही तस्वीर …

राजनांदगांव । प्रधानमंत्री आवास योजना से ग्रामीण क्षेत्रों की तस्वीर बदल रही है। गरीब एवं जरूरतमंदों को अपने स्वयं के पक्का आवास का सपना पूरा हो रहा है। इस परिवर्तन का सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है। शासन द्वारा आवासविहीन परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराया जा रहा है। शासन द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत वर्ष 2024-26 में जिले को मिले लक्ष्यों की पूर्ति के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे है।

जिला पंचायत राजनांदगांव से प्राप्त जानकारी अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 7 अप्रैल 2026 की स्थिति में जिले में कुल 40 हजार 401 आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना का क्रियान्वयन चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। हितग्राहियों को मकान निर्माण हेतु राशि तीन किस्तों में सीधे डीबीटी (आधार आधारित प्रणाली) के माध्यम से उनके बैंक खातों में अंतरित की जाती है। जिले में स्वीकृति पश्चात 40004 लाभार्थियों को प्रथम किस्त का भुगतान किया जा चुका है, जो कुल स्वीकृत आवासों का 99 प्रतिशत से अधिक है। इनमें से 34497 लाभार्थियों को मकान निर्माण प्रारंभ करने एवं प्लिंथ स्तर तक कार्य पूर्ण करने के उपरांत दूसरी किस्त भी प्रदान की जा चुकी है, जो कुल स्वीकृति का 85 प्रतिशत से अधिक है।

वर्ष 2024-26 के मात्र 2 वर्षों में 27188 आवास पूर्ण किए गए है। जिले में अब तक 27188 आवासविहीन परिवारों के मकान पूर्ण कराए जा चुके हैं, जो कुल स्वीकृति का 67 प्रतिशत से अधिक है। लक्ष्य की प्राप्ति हेतु जिला स्तर पर सतत निगरानी की जा रही है। साथ ही जनपद स्तर पर प्रत्येक ग्राम में स्वीकृत आवासों की निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। नोडल अधिकारियों द्वारा ग्राम स्तर पर हितग्राहियों से समन्वय स्थापित करना तथा ग्राम पंचायत सचिव एवं रोजगार सहायक के सहयोग से निर्माण सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

जिले में आवास निर्माण की निगरानी, स्वच्छता तथा समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित कर ग्रामीण विकास की दिशा में एक नई पहचान स्थापित की जा रही है। हितग्राहियों से निरंतर संपर्क बनाए रखने तथा आवास निर्माण को समय सीमा में पूर्ण करने कहा गया है। गर्मी के मौसम में जल संकट को ध्यान में रखते हुए छत ढलाई जैसे कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही आवास निर्माण को जल संरक्षण से जोड़ते हुए सोक पिट निर्माण को प्रोत्साहित किया जा रहा है। जल संरक्षण को बढ़ावा देने हितग्राहियों को निर्माण के पश्चात बची हुई सामग्री का उपयोग सोक पिट निर्माण करने प्रेरित किया जा रहा है।

lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.

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