
Rajnandgaon: केंद्रीय बजट 2026-27 ‘विकसित भारत’ की नींव मजबूत करने वाला – रवि सिन्हा
मध्यम वर्ग, युवा, किसान और शिक्षा-स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने वाला सर्वस्पर्शी बजट
राजनांदगांव।
केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर पार्षद एवं शासकीय शिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय के अध्यक्ष रवि सिन्हा ने सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि प्रस्तुत बजट देश को “विकसित भारत” की दिशा में आगे बढ़ाने का गंभीर प्रयास है, जिसमें समाज के सभी वर्गों को ध्यान में रखा गया है।
रवि सिन्हा ने कहा कि बजट में मध्यम वर्ग, युवा, किसान, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। आयकर व्यवस्था में प्रस्तावित राहत से मध्यम वर्ग और नौकरी-पेशा लोगों को सीधा लाभ मिलेगा, जिससे उनकी क्रय-शक्ति बढ़ेगी और बचत को प्रोत्साहन मिलेगा।
उन्होंने बताया कि पूंजीगत व्यय (इन्फ्रास्ट्रक्चर) में वृद्धि से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जो युवाओं के लिए सकारात्मक संकेत है। वहीं कृषि क्षेत्र में तकनीकी सहयोग और बढ़ी हुई क्रेडिट सुविधाएँ किसानों की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देंगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र पर टिप्पणी करते हुए सिन्हा ने ‘बायोफार्मा शक्ति’ जैसी पहलों को भविष्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इससे चिकित्सा अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा और देश की स्वास्थ्य प्रणाली और अधिक सुदृढ़ होगी।
शिक्षा पर विशेष जोर
शिक्षा क्षेत्र को लेकर रवि सिन्हा ने कहा कि यदि बजट की घोषणाओं के अनुरूप विज्ञान, अनुसंधान और तकनीकी शिक्षा को पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जाते हैं, तो इससे महाविद्यालयों और विद्यार्थियों के लिए नई संभावनाएँ खुलेंगी। उन्होंने विज्ञान शिक्षा, कौशल विकास और डिजिटल नवाचार को समय की आवश्यकता बताया।
हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बजट का वास्तविक लाभ इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा। महंगाई नियंत्रण, रोजगार की स्थिरता और आमजन की दैनिक आवश्यकताओं पर राहत सरकार की प्रमुख जिम्मेदारी होगी।
अंत में रवि सिन्हा ने आशा व्यक्त की कि केंद्रीय बजट 2026-27 समाज के सभी वर्गों के समावेशी विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा और शिक्षा संस्थानों को राष्ट्र निर्माण में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर देगा।




