Santy Sharma Badshah support, सैंटी शर्मा ने किया बादशाह का बचाव ‘टटीरी’ विवाद में रैपर ने समझाई Rap Culture की असली भाषा
हरियाणवी हिप-हॉप ट्रैक टटीरी 1 मार्च 2026 को रिलीज़ हुई जिसे बादशाह और सिमरन जगलान ने गाया, बोल बादशाह ने लिखे और संगीत हितेन ने दिया। गाने में लड़कियाँ स्कूल यूनिफॉर्म में नाचती दिखाई दीं और बोल ऐसे थे जिन पर महिलाओं और नाबालिगों के प्रति अपमानजनक होने के आरोप लगे। “आया बादशाह डोली चढ़ाने, इन सबकी घोड़ी बनाने” जैसी लाइनों ने हरियाणा की संस्कृति और महिलाओं के प्रति असंवेदनशीलता का विवाद खड़ा कर दिया।
हरियाणा स्टेट कमीशन फॉर वीमेन यानी HSCW ने 6 मार्च को बादशाह को समन जारी किया। यह दस्तावेज़ पानीपत के पुलिस अधीक्षक को संबोधित है और सुनवाई 13 मार्च 2026 को सुबह 11:30 बजे पानीपत के DC ऑफिस में निर्धारित की गई। पंचकूला Cyber Crime Police Station में अभय चौधरी ने शिकायत दर्ज कराई जिसमें कहा गया कि गाना और वीडियो भाषा और चित्रण दोनों मामलों में हद पार कर गए। बादशाह ने माफी माँगी और गाना सभी प्लेटफॉर्म से हटा दिया — लेकिन विवाद थमा नहीं।
कौन हैं सैंटी शर्मा: रतलाम से बॉलीवुड तक
गणेश शर्मा उर्फ सैंटी शर्मा का जन्म 9 सितंबर 1996 को मध्य प्रदेश के रतलाम में हुआ। उन्होंने अपना संगीत करियर 2016 में एक गायक और रैपर के रूप में शुरू किया और YouTube तथा म्यूज़िक प्लेटफॉर्म पर कई गाने रिलीज़ किए।
सैंटी शर्मा एक भारतीय स्वतंत्र हिप-हॉप कलाकार हैं जो मध्य प्रदेश की Hip-Hop Scene का प्रतिनिधित्व करने वाले शुरुआती रैपर्स में से एक माने जाते हैं। 2025 में उन्होंने अपना पहला एल्बम Reborn लॉन्च किया। उसी साल साजिद नाडियाडवाला की फिल्म Housefull 5 में रैप परफॉर्मेंस के साथ उन्होंने बॉलीवुड डेब्यू भी किया। इसके अलावा उनके पास DY Media Records नाम का अपना म्यूज़िक लेबल भी है।
सैंटी शर्मा ने क्यों किया बादशाह का बचाव?
सैंटी शर्मा ने अपनी Instagram पर बादशाह की तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा “Rap music एक ऐसी Genre है जहाँ रैपर्स अपने Competitors के बारे में Reference Lines लिखते हैं। किसी गाने का Audio उसके Video से काफी पहले बन सकता है। Video Team अलग होती है और बादशाह जैसे बड़े कलाकार को भी शायद पता न हो कि उनका वीडियो कैसा बनेगा।”
सैंटी ने आगे कहा कि हिप-हॉप में Lyrical Rivalry यानी प्रतिद्वंद्वी को शब्दों से चुनौती देना हमेशा से इस Genre का अभिन्न हिस्सा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में श्रोताओं के बीच इस हिप-हॉप कला के बारे में जागरूकता की कमी बादशाह और भारत में उभरते अन्य कलाकारों के लिए एक बड़ी कमज़ोरी है।
पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा अगर किसी गाने की एक लाइन गलत है तो उसे बदला जाना चाहिए, लेकिन जिस तरह से पूरी कहानी समझे बिना बादशाह को जज किया जा रहा है वह गलत है। Sorry अगर इस पोस्ट से किसी को तकलीफ हुई, लेकिन यही सच्चाई है।”
Data Analysis: टटीरी विवाद — कौन किसके साथ?
| व्यक्ति | रुख | बयान/कार्रवाई |
|---|---|---|
| सैंटी शर्मा | बादशाह के साथ | Rap Culture की पैरवी |
| बादशाह | माफी माँगी | गाना हटाया, वीडियो जारी |
| सोना महापात्रा | विरोध में | “यह Creativity नहीं, आलसी Trope है” |
| संग्राम सिंह | विरोध में | महिला सम्मान का मुद्दा उठाया |
| HSCW | कार्रवाई | समन + 13 मार्च सुनवाई |
| पुलिस | कार्रवाई | Lookout Notice जारी |
| अभय चौधरी | शिकायतकर्ता | Cyber Crime Station, पंचकूला |
सोना महापात्रा और संग्राम सिंह ने किया तीखा हमला
सोना महापात्रा ने बादशाह पर तीखा हमला बोलते हुए लिखा यह पहली बार नहीं जब हमने यह Template देखा हो। एक पुरुष अपनी Masculinity दिखाता है, महिलाओं को Object बनाता है और खुद को एक अप्रतिरोध्य हीरो के रूप में पेश करता है जबकि महिलाएं सिर्फ उस पर मरने के लिए हैं यह Creativity नहीं है, यह Pop Culture का सबसे आलसी Trope है।” पहलवान और MMA फाइटर संग्राम सिंह ने भी इस विवाद में अपनी आवाज़ उठाई।
बादशाह की माफी: ‘हरियाणा का बेटा हूँ’
बादशाह ने माफी माँगते हुए कहा “मैं खुद हरियाणा से हूँ और मुझे इस पर बहुत गर्व है। मेरा कभी इरादा नहीं था कि हरियाणा के किसी बच्चे या महिला के बारे में कुछ गलत कहूँ। मैं Hip-Hop Genre से आता हूँ जहाँ गाने अक्सर Competition को नीचा दिखाते हैं।” बावजूद इसके गाना हटाने और माफी के बाद भी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा।
सैंटी शर्मा का बादशाह के बचाव में आना एक बड़े सवाल को सामने रखता है क्या भारत में Hip-Hop Culture को समझने की ज़रूरत है या कलाकारों को भारतीय संवेदनाओं का सम्मान करना होगा? सैंटी शर्मा की यह दलील कि Lyrical Rivalry हिप-हॉप का अभिन्न हिस्सा है और भारतीय श्रोता इसे नहीं समझते यह बहस का एक वैध पक्ष है। लेकिन स्कूल यूनिफॉर्म में नाचती लड़कियों का Video और आपत्तिजनक बोल यह सांस्कृतिक संवेदनशीलता का भी मामला है। 13 मार्च की HSCW सुनवाई के बाद इस विवाद की अगली दिशा तय होगी।





