छत्तीसगढ़राजनांदगांव जिला

बाल संप्रेक्षण गृह राजनांदगांव में हुआ विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन

द्वितीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (श्रम न्यायालय) राजनांदगांव अमित जिन्दल ने दिनांक 16.11.2025 को बाल संप्रेक्षण गृह राजनांदगांव में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन कर बताया कि आप सभी बच्चे राष्ट्र का भविष्य है भारतीय संविधान के अनुच्छेद 24 में चौदह वर्ष से कम आयु के बच्चे को किसी कारखाने या खान या खतरनाक काम में न लगाये जाने का प्रावधान है तथा अनुच्छेद 39 ई में बालको की सुकुमार अवस्था का दुरूपयोग रोकने का प्रावधान है तथा अनुच्छेद 39 एफ में बालको को स्वस्थ विकास के अवसर और सुविधाए दिये जाने का प्रावधान है तथा सविंधान की इन्ही भावनाओ को ध्यान रखते हुए नालसा (बच्चो को मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाये और उनके संरक्षण के लिए विधिक सेवाऐं) योजना, 2015 लायी गई जिसमें बालको के सर्वोत्तम हित, बाल कल्याण की बात की गई तथा किशोरो को विधिक सेवा के माध्यम से अधिवक्ता दिए जाने का प्रावधान है तथा बच्चो के अधिकारो के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार का प्रावधान है। श्री जिन्दल ने बताया कि बाल श्रम प्रतिषेध अधिनियम के अनुसार किसी भी बालक से 3 घण्टे से ज्यादा लगातार काम नही कराया जा सकता जिसके बाद उसे आधे घन्टे के लिए आराम के लिए समय दिया जायेगा। श्री जिन्दल ने आगे बताया कि किसी भी बालक से रात्रि 7.00 बजे से प्रातः 8 बजे के मध्य कार्य कराया जाना अधिनियम में मना किया गया है और बालक को एक दिन का साप्ताहिक अवकाश दिया जाना आवश्यक है।

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