गौरेला - पेंड्रा - मरवाही जिलाछत्तीसगढ़

CG : जीपीएम के पहले नगरीय जन समस्या निवारण शिविर में उमड़ी भीड़ …

गौरेला-पेण्ड्रा- मरवाही । सुशासन तिहार के अंतर्गत गौरेला-पेण्ड्रा- मरवाही जिले के नगरीय क्षेत्र में पहला जन समस्या निवारण शिविर पेण्ड्रा स्थित मल्टी परपज स्कूल के असेम्बली हॉल में आयोजित किया गया। शिविर में नागरिकों ने भाग लेकर अपनी समस्याएं और मांगें प्रशासन के समक्ष रखीं। विभिन्न विभागों द्वारा प्राप्त आवेदनों का त्वरित निराकरण किया गया तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी आमजन को उपलब्ध कराई गई।

जनहित के कार्यो में हीलाहवाली करने पर कड़ी कार्रवाई होगी

शिविर के दौरान नगर पालिका परिषद पेण्ड्रा के अध्यक्ष राकेश जलान ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास स्वीकृति के लिए सीएमओ कार्यालय के एक कर्मचारी द्वारा हितग्राही से राशि मांगने की शिकायत उठाई। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी को तत्काल जांच कराने तथा शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर जोर
नगर पालिका अध्यक्ष ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सभी वार्डों में विशेष शिविर आयोजित किए जाने चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित मांगों पर संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की आवश्यकता बताई। साथ ही नागरिकों से जल संरक्षण और अधिकाधिक वृक्षारोपण करने की अपील भी की।

विभागीय स्टॉलों के माध्यम से मिला योजनाओं का लाभ
शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बने रहे। यहां स्वास्थ्य परीक्षण, औषधि वितरण, ई-केवाईसी, प्रमाण पत्र वितरण और अन्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। आवास, बिजली, पशुपालन सहित विभिन्न विषयों से जुड़े आवेदनों के निराकरण की जानकारी भी संबंधित विभागों द्वारा आवेदकों को दी गई।

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा दस गर्भवती महिलाओं की गोद भराई और आठ बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। इसके साथ ही नोनी सुरक्षा योजना एवं सुकन्या समृद्धि योजना के तहत 26 बच्चों को लाभान्वित किया गया।

नवजात शिशु के परिजन को मिला जाति और निवास प्रमाण पत्र
राजस्व विभाग ने शिविर के दौरान 24 दिन के नवजात शिशु का जाति एवं निवास प्रमाण पत्र जारी कर प्रशासनिक सेवाओं की त्वरित उपलब्धता का उदाहरण प्रस्तुत किया। इसके अलावा चार हितग्राहियों को ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र तथा छह किसानों को किसान किताब वितरित की गई।

कृषि विभाग द्वारा चार किसानों को मूंग बीज प्रदान किए गए। स्वास्थ्य विभाग ने पांच हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड, दो हितग्राहियों को निश्चय पोषण आहार, दस हितग्राहियों को छड़ी एवं वॉकर, नौ हितग्राहियों को चश्मा तथा 14 मितानिनों को दवा किट वितरित की।

बाल विवाह मुक्त जिला बनाने का संकल्प
शिविर के दौरान कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने उपस्थित नागरिकों को बाल विवाह के विरुद्ध जागरूक करते हुए शपथ दिलाई। उन्होंने सभी से संकल्प लेने का आग्रह किया कि 18 वर्ष से कम आयु की लड़की तथा 21 वर्ष से कम आयु के लड़के का विवाह नहीं करेंगे और जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने में सक्रिय सहयोग देंगे। उन्होंने कहा कि बाल विवाह रोकना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी भी है।

योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास
यह शिविर न केवल समस्याओं के समाधान का मंच बना, बल्कि शासन और जनता के बीच संवाद, विश्वास और सहभागिता को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम भी साबित हुआ। सुशासन तिहार के माध्यम से प्रशासन द्वारा लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण कर शासन की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास लगातार जारी है।

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