
Rajnandgaon : गरीब परिवारों और अपाहिजों का सहारा बना अन्नपूर्णा मुहिम…
राजनांदगांव, कामकाज के दौरान हादसों का शिकार होकर अपाहिज होने वाले और बीमारी से पीड़ित मजदूरों के परिवारों का अन्नपूर्णा मुहिम सहारा बन रही है। ऐसे जरूरतमंद परिवारों को संबल प्रदान करने सालभर में दो दर्जन से ज्यादा परिवारों तक राशन और घरेलू उपयोग के दूसरा सामान पहुंचाया गया। कई घरों की मरम्मत कराई, गैस सिलेंडर और चूल्हा दिया, बच्चों को अध्यापन सामग्री का वितरण किया। वहीं सर्दियों में गर्म कपड़े और कंबल वितरण कर रहे हैं। इसमें ऐसे कई परिवार है जिनकी जरूरत पड़ने पर दोबारा मदद की गई।
ग्राम भोथली में राजमिस्त्री लकवा पीड़ित मुखिया नरेश डोंगरे के परिवार की मदद की। परिवार की जिम्मेदारी उनकी पत्नी नीतू मजदूरी कर निभाती है। ऐसे में संत रामपाल महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम सहारा बनी। अनुयायियों ने राशन, कपड़ा, अध्यापन सामग्री सिलेंडर-चूल्हा प्रदान किया। उनकी दूसरी बार भी मदद की। राजनांदगांव के मील चाल कॉलोनी में दिव्या लकड़ा के परिवार की ऐसे ही मदद की। ग्राम दपका में महेश निषाद की कैंसर से मौत हो गई। पत्नी आशा निषाद की झोपड़ी आग लगने से बेघर और बेसहारा परिवार की मदद की। संत रामपाल महाराज के आशीर्वाद से वे स्वयं गरीबों की सहायता करने सामग्री उपलब्ध कराते हैं। इसके लिए चंदा नहीं लेते हैं।
बुजुर्ग पिता और उनके दिव्यांग बच्चों को इससे मिली राहत तुमडीबोड की रहने वाली 75 वर्षीय वृद्धा मुखिया प्यारी राम और उनके दो मूकबधिर बच्चों को राहत मिली। परिवार को केवल 1500 रुपए मासिक पेंशन मिलती है। अन्नपूर्णा मुहिम ने परिवार को राहत सामग्री प्रदान की। राशन, बर्तन, फर्नीचर, कपड़े उपलब्ध कराए। ग्राम अवेली में मुखिया रिखी राम पटेल को लकवा हो गया। बूढ़ी मां घर चलाने लगी, बेटी ने 12वीं में पढ़ाई छोड़ी। खेती नहीं है। झोपड़ी में गुजर-बसर करने वाले परिवार की मदद की। इसी तरह तीनों जिले में अन्नपूर्णा महिम बेघर और बेसहारा परिवारों की मदद कर रही है।




