DPR छत्तीसगढ समाचारछत्तीसगढ़रायपुर जिला

CG : सरकार की किसान हितैषी फैसलों से जांजगीर-चांपा जिले में सिंचाई क्षमता में 20 प्रतिशत वृद्धि

25 वर्षों में खेती का चेहरा बदला

सिंचाई रकबे में उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी

1 लाख 87 हजार 740 किसान ले रहे लाभ

रायपुर, छत्तीसगढ सरकार की किसान हितैषी फैसलों से प्रदेश के किसान खुशहाल है। सरकार की इन नीतियों से, सिंचाई क्षमता, रकबा सहित किसानों की संख्या में भी लगातार वृद्धि हो रही हैं। इसी कड़ी में जांजगीर चांपा जिले में,  रजत जयंती वर्ष में   सिंचाई के क्षेत्र में नई ऊँचाईयाँ हासिल की हैं। पिछले 25 वर्षों में जिले की कुल सिंचित रकबा में 20 प्रतिशत से अधिक वृद्धि हुई है। वर्ष 2000 में जिले का सिंचित रकबा 115868 हेक्टेयर था, जो अब बढ़कर 140366 हेक्टेयर तक पहुँच गया है।

       नहरों से सिंचाई प्रतिशत की बात करे तो यह वर्ष 2000 में जिला-जांजगीर-चाम्पा (नवीन सक्ती जिले सहित) 62 प्रतिशत थी, जो अब बढ़ 86 प्रतिशत हो गई है। यह वृद्धि जिले में कृषि व्यवस्था और जल संसाधन प्रबंधन में आए सकारात्मक परिवर्तन को दर्शाती है। रबी फसलों के सिंचाई रकबे में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। वर्ष 2001 में जहां मात्र 145 हेक्टेयर में रबी फसलों को सिंचाई सुविधा प्राप्त थी, वहीं अब यह क्षेत्र बढ़कर वर्ष 2024-25 में 57862 हेक्टेयर पहुंच गया है। 

      जिले के अनुसार वर्ष 2000 में जिले में 39 लघु सिंचाई परियोजनाएं (जलाशय) संचालित थी। वर्तमान में 2025 में यह संख्या 85 लघु परियोजनाओं (जलाशय, एनीकट, स्टापडेम) तक है। उक्त 85 परियोजनाओं में से अविभाजित जांजगीर-चाम्पा जिले की 18 लघु परियोजनाएं नवगठित सक्ती जिला एवं 01 लघु परियोजना को कोरबा जिले को हस्तांतरित की गई है तथा जिले में 03 बैराज (कुदरी बैराज, शिवरीनारायण बैराज एवं बसंतपुर बैराज) निर्मित है। वर्ष 2000 में जिला-जांजगीर-चाम्पा (नवीन सक्ती जिले सहित) 3 लाख 26 हजार 188 कृषक सिंचाई परियोजनाएं से लाभान्वित हो रहे थे, जबकि अब जिला-जांजगीर-चाम्पा जिला में (नवीन सक्ती जिले के अतिरिक्त) 1 लाख 87 हजार 740 कृषक लाभान्वित है। जिले की जीवनदायिनी कहे जाने वाली हसदेव नदी पर बने हसदेव बांगो बांध से जिले में कृषकों को खरीफ एवं रबी में सिंचाई हेतु पर्याप्त पानी उपलब्ध हो रहा है। कृषकों की आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि के साथ लोगों के जीवन-यापन में सुधार हुआ है जो कि किसानों की अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है।

https://news.google.com/publications/CAAqKAgKIiJDQklTRXdnTWFnOEtEV3RoWkhkaFoyaDFkQzVqYjIwb0FBUAE?hl=hi&gl=IN&ceid=IN%3Ahi

lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.