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CG : ग्राम सभाओं के सामाजिक अंकेक्षण को पंचायत निर्णय ऐप के माध्यम से ऑनलाईन संचालन में छत्तीसगढ़ ने देशभर में प्राप्त किया द्वित्तीय स्थान

सोशल ऑडिट में पारदर्शिता का नया युग ‘पंचायत निर्णय ऐप’ बनेगा जवाबदेही का सशक्त माध्यम

रायपुर, छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर डिजिटल गवर्नेस के क्षेत्र में अपनी उत्कृष्टता साबित करते हुए ‘पंचायत निर्णय ऐप’ के क्रियान्वयन में पूरे देश में द्वित्तीय स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि राज्य में पंचायती राज संस्थाओं के सशक्तिकरण और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता एवं दक्षता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। 

      महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के क्रियान्वयन में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सोशल ऑडिट की प्रक्रिया को डिजिटल और त्रुटिहीन बनाने के लिए भारत सरकार ने ‘पंचायत निर्णय ऐप’ लॉच किया है। भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार राज्य ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के कुशल निर्देशन पर उल्लेखनीय प्रगति दर्ज करते हुए देश के अन्य डिजिटल राज्यों को पीछे छोड़ते हुए द्वितीय स्थान प्राप्त किए है।

         ज्ञातव्य हो कि प्रथम चरण पायलट के रूप में प्रत्येक विकासखण्ड के कम से कम ग्राम पंचायत के ग्राम सभा को ‘पंचायत निर्णय ऐप’ के माध्यम से ऑनलाईन आनबोर्ड किया जाना था। जिसके लिए राज्य ने सक्रियता दिखाते हुए अब तक कुल 11693 ग्राम पंचायतों में से 2409 ग्राम पंचायतों की ग्राम सभाओं की संपूर्ण कार्यवाही पंचायत निर्णय ऐप में सफलतापूर्वक अपलोड किया है।

       पंचायत निर्णय ऐप भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय की एक महत्वाकांक्षी पहल है। इसका उद्देश्य ग्राम पंचायतों की बैठकों से संबंधित निर्णयों, कार्यवाहियों और प्रस्तावों को डिजिटलाइज करना और उन्हें आम जनता के लिए आसानी से सुलभ बनाना है। छत्तीसगढ़ के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने इस ऐप के प्रभावी और शत्-प्रतिशत क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए मिशन मोड में काम किया।

          छत्तीसगढ़ सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है कि राज्य की प्रत्येक पंचायत ई-गवर्नेस के लाभों का उपयोग करे। यह द्वितीय स्थान केवल एक शुरुआत है, और राज्य जल्द ही देश में प्रथम स्थान प्राप्त करने की दिशा में कार्य कर रहा है, ताकि डिजिटल छत्तीसगढ़ के सपने को साकार किया जा सके।

‘पंचायत निर्णय ऐप’ से ग्राम सभा की सारी जानकारी होगी ऑनलाइन
       ऐप के माध्यम से पंचायत के सोशल ऑडिट अंतर्गत आयोजित ग्राम सभा के समस्त गतिविधियों का वीडियों, फोटो, दस्तावेज, कार्यवाही पंजी, उपस्तिथित पंजी एवं पूर्व वित्तीय वर्ष में सम्पादित अंकेक्षण का निष्कर्ष को ऑनलाइन अपलोड किया जाएगा। इसके साथ ही मीटिंग एजेंडा, ग्राम सभा में आमंत्रित व्यक्तियों का पंजीयन, बैठक की कोरम पूर्ति इत्यादि डाटा अपलोड किए जाने का प्रावधान है। इस सभी प्रकिया को आम लोग मनरेगा वेबसाइट के रिपोर्ट में भी देख सकेगे।

पंचायत निर्णय ऐप’ का औचित्य और आवश्यकता
        मनरेगा के तहत हुए कार्यों की जमीनी हकीकत और वित्तीय व्यय की सत्यापन के लिए सोशल ऑडिट एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। पूर्व में यह कार्य हस्तलिखित रूप में किया जाता था, जिससे कई बार ग्राम सभाओं के निर्णयों और आपत्तियों का सही दस्तावेजीकरण नहीं हो पाता था। पंचायत निर्णय ऐप से इस समस्या का निदान हो जाएगा। 

       इस ऐप के उपयोग से ग्राम सभा की कार्यवाही की अक्सर यह शिकायतें आती थीं कि सोशल ऑडिट के दौरान ग्राम सभाओं में नियमों का पालन नहीं हुआ है। इस ऐप के माध्यम से ग्राम सभा की बैठक की जियो-टैग्ड, तस्वीरें और वीडियो अपलोड करना अनिवार्य होगा, जिससे वास्तविक बैठक की पुष्टि होगी। पारदर्शी दस्तावेजीकरण से सोशल ऑडिट के दौरान पाई गई खामियों, वित्तीय अनियमितताओं और ग्रामीणों की शिकायतों को ऐप पर रियल टाइम में दर्ज किया जाएगा। इससे बाद में रिकॉर्ड में हेरफेर की संभावना समाप्त हो जाएगी। इस एप के माध्यम से, ग्राम पंचायतों द्वारा लिए गए सभी निर्णय ऑनलाइन उपलब्ध हो जाते हैं, जिससे ग्रामीणों को अपने स्थानीय प्रशासन के कार्यों को जानने में अभूतपूर्व पारदर्शिता मिलती हैं।

ग्राम सभा के निर्णयों की होगी सतत निगरानी
     ग्राम सभा में जो भी निर्णय लिए जाएंगे या जो वसूलियां तय की जाएंगी, उन्हें ऐप पर अपलोड किया जाएगा। उच्च अधिकारी सीधे ऐप के माध्यम से देख सकेंगे कि उन निर्णयों पर क्या कार्रवाई की गई है। जब ग्रामीणों को पता होगा कि उनकी शिकायतें एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज हो रही हैं, जिसे जिला और राज्य स्तर पर देखा जा रहा है, तो योजना के प्रति उनका विश्वास बढ़ेगा और कागजी कार्यवाही कम होने से प्रशासनिक कार्यों में तेजी आई है और समय की बचत होगी।

         नागरिक किसी भी समय और कहीं से भी ग्राम पंचायत के निर्णयों तक पहुंच कर उनकी जानकारी प्राप्त कर पाएंगे हैं। पंचायत निर्णय ऐप के कियान्वयन में तमिलनाडु राज्य ने लगभग 72 प्रतिशत ग्राम पंचायतों सोशल ऑडिट की कार्यवाही एप के माध्यम से ऑनलाईन करते हुए देश में शीर्ष स्थान पर है। वहीं छत्तीसगढ़ राज्य में सोशल ऑडिट इकाई के 46 प्रतिशत पद रिक्तता के बाबजूद 21 प्रतिशत ग्राम पंचायतों में सोशल ऑडिट की कार्यवाही ऐप के माध्यम से ऑनलाईन करते हुए आंध्रप्रदेश, राजस्थान, उड़ीसा, तेलंगांना इत्यादि राज्यों से आगे होकर देश में द्वितीय स्थान पर जगह बनाने में कामयाबी हासिल की है।

      राज्य के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस उपलब्धि पर विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि दर्शाती है कि हमारी सरकार सुशासन और तकनीकी नवाचार के माध्यम से अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। पंचायत निर्णय एप का सफल क्रियान्वयन ग्राम स्वराज की भावना को मजबूत करता है। 

        पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह ने बताया कि यह सफलता राज्य की समर्पित टीमवर्क, नियमित प्रशिक्षण और तकनीकी समस्याओं का त्वरित समाधान करने के परिणाम स्वरूप मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि विभाग भविष्य में इस ऐप के उपयोग को और अधिक व्यापक बनाने के लिए प्रयास जारी रखेगा। 

      इस विषय पर जानकारी देते हुए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह ने कहा भ्रष्टाचार मुक्त मनरेगा और सशक्त पंचायती राज के लिए तकनीक का उपयोग समय की मांग है। ‘पंचायत निर्णय ऐप’ न केवल सोशल ऑडिट को पारदर्शी बनाएगा बल्कि यह सुनिश्चित करेगा कि ग्राम सभा में उठी हर आवाज का रिकॉर्ड रखा जाए और उस पर समयबद्ध कार्रवाई हो।

       संचालक छत्तीसगढ़ सामाजिक अंकेक्षण ईकाई डॉ. जितेंद्र सिंगरौल ने कहा कि यह उपलब्धि केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि राज्य में सुशासन और पारदर्शी प्रशासन की दिशा में हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। सोशल ऑडिट किसी भी योजना की रीढ़ होती है। पंचायत निर्णय ऐप” के माध्यम से हमने यह सुनिश्चित किया है कि ग्राम सभाओं में लिए गए निर्णय, ग्रामीणों की आपत्तियां और ऑडिट के निष्कर्ष केवल फाइलों में दबकर न रह जाएं, बल्कि वे डिजिटल रूप में दर्ज हों और उन पर उच्च स्तर से निगरानी रखी जा सकें।

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lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.