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DA Hike News: जनवरी 2026 में सिर्फ 2% बढ़ सकता है महंगाई भत्ता, 58% से 60% होने के संकेत

देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनभोगी इस समय महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) को लेकर टकटकी लगाए बैठे हैं। इसी बीच जो ताज़ा संकेत सामने आ रहे हैं, वे थोड़े निराशाजनक जरूर हैं, लेकिन आने वाले समय के लिहाज़ से बेहद महत्वपूर्ण भी माने जा रहे हैं।

Financial Express की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी 2026 से महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में केवल 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जा सकती है। अगर यह अनुमान सही साबित होता है, तो मौजूदा 58 प्रतिशत DA बढ़कर 60 प्रतिशत हो जाएगा। यह बढ़ोतरी बीते सात वर्षों में सबसे कम मानी जा रही है। इससे पहले जनवरी 2025 में भी कर्मचारियों को सिर्फ 2 प्रतिशत की ही बढ़ोतरी मिली थी। बढ़ती महंगाई के इस दौर में इतनी सीमित राहत कर्मचारियों के लिए निश्चित रूप से निराशाजनक मानी जा रही है।

अब सवाल उठता है कि आखिर इस बार DA/DR की बढ़ोतरी को खास क्यों कहा जा रहा है?
दरअसल, यह बढ़ोतरी 7वें वेतन आयोग के 10 साल के चक्र के बाहर लागू होने वाली पहली बढ़ोतरी होगी। आपको बता दें कि 7वां वेतन आयोग 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो रहा है। इसके साथ ही 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सरकार ने नए वेतन आयोग के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस जारी कर दिए हैं और आयोग का गठन भी हो चुका है, लेकिन इसे लागू करने की तारीख को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

फिलहाल, 8वें वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। इसके बाद सरकार द्वारा रिपोर्ट का अध्ययन, मंजूरी और लागू करने की प्रक्रिया में भी वक्त लग सकता है। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि कर्मचारियों को नए वेतन आयोग का वास्तविक लाभ 2027 के अंत तक ही मिल पाएगा।

अब बात करते हैं महंगाई भत्ते की गणना की।
महंगाई भत्ता ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स (AICPI-IW) के आधार पर तय किया जाता है। जुलाई से अक्टूबर 2025 तक के आंकड़े सामने आ चुके हैं, जिनमें इंडेक्स 146.5 से बढ़कर 147.7 तक पहुंच चुका है। यह साफ संकेत देता है कि महंगाई बनी हुई है, लेकिन उसकी रफ्तार उतनी तेज नहीं है। यही वजह है कि DA में किसी बड़े उछाल की संभावना कम नजर आ रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि नवंबर और दिसंबर 2025 के आंकड़े जुड़ने के बाद भी जनवरी 2026 में DA 60 प्रतिशत के आसपास ही रह सकता है। यानी बढ़ोतरी तो होगी, लेकिन कर्मचारियों को उससे बहुत बड़ी राहत नहीं मिलने वाली।

अब समझते हैं कि इस DA बढ़ोतरी का कर्मचारियों की जेब पर क्या असर पड़ेगा
मान लीजिए किसी कर्मचारी का बेसिक वेतन ₹50,000 है। मौजूदा 58 प्रतिशत DA के हिसाब से उसे करीब ₹29,000 महंगाई भत्ता मिल रहा है। अगर DA बढ़कर 60 प्रतिशत हो जाता है, तो यह राशि ₹30,000 हो जाएगी। यानी कुल मिलाकर कर्मचारी को हर महीने करीब ₹1,000 की अतिरिक्त बढ़ोतरी मिलेगी। यह रकम भले ही बड़ी न लगे, लेकिन आने वाले समय के लिहाज़ से इसका महत्व काफी ज्यादा है।

दरअसल, जनवरी 2026, जुलाई 2026, जनवरी 2027 और जुलाई 2027 में मिलने वाली DA बढ़ोतरी बेहद अहम मानी जा रही है। वजह यह है कि 8वें वेतन आयोग के लागू होने पर मौजूदा DA को नए बेसिक पे में मर्ज किया जा सकता है। ऐसे में अभी की छोटी-छोटी बढ़ोतरी भविष्य में कर्मचारियों के वेतन ढांचे को मजबूत बना सकती है।

अब सवाल यह उठता है कि 8वां वेतन आयोग आखिर कब लागू होगा?
सरकार ने आयोग का गठन कर दिया है और अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति भी हो चुकी है। लेकिन सबसे अहम बात यह है कि टर्म्स ऑफ रेफरेंस में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि सिफारिशें किस तारीख से लागू होंगी। आयोग के पास रिपोर्ट देने के लिए 18 महीने का समय है, और इसके बाद मंजूरी की प्रक्रिया में भी समय लग सकता है।

परंपरा के अनुसार, जब नया वेतन आयोग लागू होता है, तो उस समय का महंगाई भत्ता बेसिक सैलरी में जोड़ दिया जाता है और DA फिर से शून्य से शुरू होता है। इसी वजह से जनवरी 2026 से जुलाई 2027 तक की DA बढ़ोतरी कर्मचारियों के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।

निष्कर्ष के तौर पर कहा जा सकता है कि भले ही जनवरी 2026 में केवल 2 प्रतिशत DA बढ़ोतरी थोड़ी निराशाजनक लगे, लेकिन इसका लॉन्ग टर्म असर कर्मचारियों के वेतन और भविष्य की सैलरी स्ट्रक्चर पर काफी सकारात्मक हो सकता है। 8वें वेतन आयोग के लागू होते ही कर्मचारियों को वेतन में तगड़ी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, और यही उम्मीद फिलहाल कर्मचारियों को आगे बढ़ने का हौसला दे रही है।

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