छत्तीसगढ़

योजनाबद्ध कार्ययोजना के साथ आगे बढ़ेगा ‘मोर गाँव मोर पानी’ अभियान, कलेक्टर ने दिए निर्देश

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही

कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी ने मनरेगा योजनांतर्गत "मोर गाँव मोर पानी" अभियान के अंतर्गत जिले के क्रिटिकल एवं सेमी-क्रिटिकल ग्राम पंचायतों को लक्षित कर योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया है। साथ ही पूर्व से प्रगतिरत कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु श्रम बजट तैयार करने पर विशेष जोर दिया। जिला पंचायत के नर्मदा सभा कक्ष में शनिवार को आयोजित बैठक मे कलेक्टर ने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में जल-संरक्षण एवं भू-जल पुनर्भरण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाए। श्रमिकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए तथा कार्यस्थल पर मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध हों। योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु नियमित निगरानी एवं निरीक्षण किया जाए। सभी अधिकारी एवं तकनीकी सहायक कार्य क्षेत्र पर रहकर कार्यों की गुणवत्ता एवं समय सीमा का पालन सुनिश्चित करें। बैठक में वर्ष 2026-27 हेतु श्रम बजट के प्रारूप पर विस्तृत चर्चा की गई तथा अधिकारियों को आगामी समय-सीमा में पूर्ण प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

     मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मुकेश रावटे ने कहा कि मनरेगा केवल रोजगार उपलब्ध कराने का माध्यम ही नहीं, बल्कि यह ग्रामीण क्षेत्रों के सतत विकास, जल संरक्षण तथा सामुदायिक संपत्ति निर्माण की दिशा में भी महत्वपूर्ण है। अतः सभी अधिकारी योजनाओं को गंभीरता से लें और जनता को अधिकतम लाभ पहुँचाने हेतु कार्य करें। बैठक में सहायक परियोजना अधिकारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, कार्यक्रम अधिकारी जनपद पंचायत तथा समस्त तकनीकी सहायक उपस्थित थे।

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