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CG : छत्तीसगढ़ सशस्त्र नक्सलवाद से मुक्ति पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का हुआ भव्य ऐतिहासिक अभिनंदन

बाजे गाजे के साथ लड्डुओं से तौलकर विभिन्न समाजों एवं संगठनों ने उप मुख्यमंत्री का किया सम्मान

यह जीत जनभागीदारी, सुरक्षा बलों के साहस और बस्तरवासियों के विश्वास की जीत – उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

आज बस्तर के गांवों में लोग अपने आंगन में खुलकर हंस रहे हैं, अब वहां डर नहीं, विकास की बातें हो रही हैं – शर्मा

 रायपुर,

छत्तीसगढ़ सशस्त्र नक्सलवाद से मुक्ति पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा का हुआ भव्य ऐतिहासिक अभिनंदन

छत्तीसगढ़ सहित देश के लिए ऐतिहासिक क्षण तब आया जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 31 मार्च को सदन में शस्त्र नक्सलवाद की समाप्ति की घोषणा की। लगभग चार दशकों से इस समस्या से जूझ रहे छत्तीसगढ़ ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा के दृढ़ संकल्प, रणनीति और सतत प्रयासों से यह बड़ी सफलता हासिल की।

छत्तीसगढ़ सशस्त्र नक्सलवाद से मुक्ति पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा का हुआ भव्य ऐतिहासिक अभिनंदन
        इस अभियान में भारतीय सेना, पुलिस और समस्त सशस्त्र बलों के जवानों के अदम्य साहस, समाज की जागरूक भागीदारी, राजनीतिक नेतृत्व की इच्छाशक्ति, पत्रकार बंधुओं की भूमिका और सबसे बढ़कर बस्तर के नागरिकों के सहयोग का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सभी के समुचित प्रयासों से ही सशस्त्र नक्सलवाद का अंत संभव हो सका और अब बस्तर में खुशहाली की नई शुरुआत हो रही है।

छत्तीसगढ़ सशस्त्र नक्सलवाद से मुक्ति पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा का हुआ भव्य ऐतिहासिक अभिनंदन
         सशस्त्र नक्सलवाद से मुक्त छत्तीसगढ़ बनने के बाद उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा रविवार को अपने विधानसभा क्षेत्र  कवर्धा पहली बार पहुंचे। जहां पर स्थानीय महामाया चौक में कवर्धा के लोगों ने उनके लिए भव्य ऐतिहासिक नागरिक अभिनंदन समारोह आयोजित किया। जिसमें हजारों की संख्या में लोग बाजा-गाजा, ढोल-नगाड़ों के साथ शामिल हुए, पूरे शहर में जश्न का वातावरण नजर आया। सभी को गर्व था कि कभी नक्सल प्रभावित कबीरधाम जिले के साथ अब पूरे छत्तीसगढ़ से भय और आतंक को दूर करने में उनके अपने माटी पुत्र का बड़ा योगदान रहा है।


          इस कार्यक्रम में ब्राह्मण समाज, यादव समाज, ठाकुर समाज, कुर्मी समाज, साहू समाज, सतनामी समाज, निर्मलकर समाज, गुप्ता समाज, अहिरवार समाज, लोधी समाज, पटेल समाज, गोंड समाज, केसरवानी गुप्ता समाज, सेन समाज, गंधर्व समाज, स्वर्णकार समाज, जैन समाज, वैष्णव समाज सहित सभी समाजों ने भव्य रैली का स्वागत कर इस असंभव से लगने वाले लक्ष्य की प्राप्ति के लिए उन्हें शुभकामनाएं दी। जहां स्थानीय जिला प्रेस क्लब, यूथ क्लब, हरीतिमा परिवार, प्राइवेट स्कूल संघ, नाथ योगी समाज, फाइटर क्लब, जिला क्रिकेट संघ, ज्वाइन हैंड ग्रुप, ट्रक मालिक संघ, पतंजलि योग समिति, सीनियर सिटीजन समिति एवं भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने भी शामिल होकर उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर सभी ने गृह मंत्री विजय शर्मा को लड्डुओं से तौलकर उनका सम्मान किया।


          इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री शर्मा ने गायत्री मंदिर और गुरुद्वारे में जाकर प्रदेश की शांति और समृद्धि की प्रार्थना की और लोगों के साथ भारतमाता चौक पर नक्सल अभियान में शहीद हुए अमर जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि मैं आप सभी के प्रेम से अभिभूत हूँ। मुझे नहीं पता था कि आप सब नक्सल समस्या को इतनी गंभीरता से समझते हैं। यह वास्तव में अत्यंत संवेदनशील विषय रहा है, और जो लोग इससे पीड़ित रहे हैं, उनकी पीड़ा को शब्दों में समझा भी नहीं जा सकता। माओवाद एक आयातित विचार है, जिसका उद्देश्य केवल बंदूक की नली से सत्ता स्थापित करना रहा है, जबकि भारत का लोकतंत्र प्राचीन काल से ही सशक्त रहा है, जिसकी झलक आज भी बस्तर के समाज में दिखाई देती है।


       उन्होंने नक्सल हिंसा की भयावहता का उल्लेख करते हुए कहा कि भोले-भाले लोगों को बहलाकर उनके हाथों में बंदूक थमा दी गई। स्कूल, सड़क और तालाबों के किनारे बारूद बिछाए गए। शिक्षा दूत, सुरक्षा कर्मी, स्वास्थ्य कर्मी, शासकीय कर्मचारी और निर्दोष ग्रामीणों तक की निर्मम हत्या की गई। सैकड़ों लोग इन विस्फोटों में अपंग हो गए, उनके मानवाधिकारों की रक्षा कौन करेगा? जब बस्तर के ऐसे पीड़ितों ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की, तब उन्होंने संकल्प लिया था कि 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त किया जाएगा और जब गृह मंत्री संकल्प लेते हैं, तो वह तय समय में पूरा होता है।


      उन्होंने कहा कि यह सफलता किसी एक व्यक्ति की नहीं है, इसमें सेना, पुलिस और सभी सुरक्षा बलों के जवानों का साहस, समाज का सहयोग, राजनीतिक नेतृत्व की इच्छाशक्ति, पत्रकार बंधुओं का योगदान और सबसे बड़ा श्रेय बस्तर के नागरिकों को जाता है। सभी के सामूहिक प्रयास से ही यह संभव हो पाया है। यह जीत जनभागीदारी, सुरक्षा बलों के साहस और बस्तरवासियों के विश्वास की जीत है।


         उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार ने शस्त्र छोड़ने वालों के लिए लाल कारपेट बिछाकर स्वागत किया और उनके पुनर्वास की समुचित व्यवस्था की। हमने संवाद के लिए वीडियो कॉल तक को माध्यम बनाया। उन्होंने आगे कहा कि आज बस्तर के गांवों में लोग अपने आंगन में खुलकर हंस रहे हैं। अब वहां डर नहीं, विकास की बातें हो रही हैं। गांवों के मेले और बाजारों में रौनक लौट आई है, यह बदलाव ही हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है।


       प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में दशकों से लंबित कई बड़े निर्णय जैसे राम मंदिर निर्माण और अनुच्छेद 370 निर्धारित समय में पूरे हुए। उसी श्रृंखला में नक्सल समस्या का समाधान भी संभव हुआ है। उन्होंने इस भव्य सम्मान के लिए कवर्धा के लोगों का हृदय से आभार व्यक्त किया।

lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.

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